शराब नकली है या असली: पुरानी बोतलों पर नया क्यूआर कोड, ऐसे होता री-पैकिंग का खेल, पुलिस छापे में बड़ा खुलासा
शराब असली है या नकली इसकी पहचान बोतल पर लगे क्यूआर कोड से हो जाती है, लेकिन आगरा में माफिया ने इस कोड में ही बड़ा खेल कर दिया। नकली क्यूआर कोड से हाईवे के ढाबों और ग्रामीण अंचल में नकली शराब खपाई जा रही थी।
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आगरा में हरियाणा और दिल्ली की अंग्रेजी शराब नकली क्यूआर कोड लगाकर हाईवे के ढाबों और ग्रामीण अंचल में खपाई जा रही थी। पुलिस और आबकारी विभाग की टीम ने ट्रांस यमुना स्थित आजाद नगर के एक घर में छापा मारकर शराब का जखीरा पकड़ा। एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जबकि उसके दो साथी भाग गए।
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ये माल हुआ बरामद
प्रभारी निरीक्षक सुमनेश कुमार ने बताया कि आजाद नगर में छापे के दौरान शराब की 2751 बोतलें, 151 अद्धे और पौव्वे, नकली ढक्कन, नकली क्यूआर कोड और खाली बोतलें बरामद की हैं। रिजावली फिरोजाबाद निवासी अनुज कुमार को पकड़ा गया है। उसने बताया कि वह अपने साथियों अर्जुन और भोला के साथ मिलकर हरियाणा व दिल्ली से अंग्रेजी शराब ले आता है। यहां कबाड़ी से पुरानी बोतलें खरीदने के बाद उन पर नकली क्यूआर कोड लगाकर मिलावटी शराब को खपाते हैं।
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री-पैकिंग का खेल
री-पैकिंग करके शराब को ग्रामीण अंचल और हाईवे के ढाबों पर बेचते हैं। वे लोग करीब एक साल से अवैध रूप से शराब बेच रहे थे। फिरोजाबाद में भी बेचा जा रहा था। केस दर्ज किया गया है, भागे लोगों की तलाश कराई जा रही है।
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