{"_id":"6a9adc4f7da37de41905932b","slug":"fake-bank-officer-sends-apk-file-two-lakh-stolen-from-credit-cards-2026-09-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक गलती और खाते से उड़ गए दो लाख रुपये: क्रेडिट कार्ड शाखा से आया था फोन, ठगी की ये वारदात कर देगी हैरान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक गलती और खाते से उड़ गए दो लाख रुपये: क्रेडिट कार्ड शाखा से आया था फोन, ठगी की ये वारदात कर देगी हैरान
Fri, 04 Sep 2026 08:27 PM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 04 Sep 2026 08:27 PM IST
सार
आगरा में बैंककर्मी बनकर साइबर ठग ने बीमा कैंसिल कराने का झांसा देकर युवक के व्हाट्सएप पर एपीके फाइल भेजी। फाइल खोलते ही मोबाइल हैक हो गया और ठगों ने दो क्रेडिट कार्ड से करीब 2 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए।
विज्ञापन
क्रेडिट कार्ड
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मैं बैंक की क्रेडिट कार्ड शाखा से बोल रहा हूं। आपके कार्ड की जांच में पता चला कि बीमा चालू हो गया है। हर महीने तीन हजार रुपये कटेंगे। अगर आप यह रकम नहीं देना चाहते हैं तो जैसा कहूं वैसा करें। बीमा कैंसिल कर दिया जाएगा...। इसके बाद मोबाइल पर एपीके फाइल पर क्लिक कराया गया और खाते से दो लाख रुपये कट गए।
बल्केश्वर कॉलोनी निवासी सौरभ सिंह ने बताया कि 31 अगस्त को दोपहर करीब एक बजे उनके पास एक नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को यूनियन बैंक क्रेडिट कार्ड डिपार्टमेंट से अंकित टिग्गा बताया। बीमा कैंसिल करने के नाम पर उनके व्हाट्सएप पर एपीके फाइल भेजकर उसे ओपन करने के लिए कहा गया। फाइल ओपन करते ही फोन हैक हो गया।
पुलिस ने तुरंत शिकायत दर्ज शुरू की जांच
बताा गया है कि इसके बाद उनके यूनियन बैंक के क्रेडिट कार्ड से 1,49,950 रुपये और एसबीआई क्रेडिट कार्ड से 48,905 रुपये के ट्रांजेक्शन कर लिए गए। उन्होंने तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। कमला नगर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
कभी झांसे में ना आएं
डीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य सिंह ने बताया कि फोन पर अगर कोई व्यक्ति खुद को बैंक का कर्मचारी बताता है। किसी तरह का लाभ और बैंक से कटने वाली राशि को खत्म करने का वादा करता है तो समझ जाएं कि वह साइबर ठग हो सकता है। मोबाइल पर आने वाली एपीके फाइल से सावधान रहें। इसकी मदद से साइबर अपराधी मोबाइल हैक कर उसका एक्सेस अपने हाथों में ले लेते हैं। क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और ई-वॉलेट से रकम अपने खातों में ट्रांसफर कर लेते हैं। कई लोग शिकार बन चुके हैं। इसलिए कभी झांसे में न आएं। अगर साइबर अपराध होता है तो तुरंत पुलिस की सहायता लें।
विज्ञापन
बल्केश्वर कॉलोनी निवासी सौरभ सिंह ने बताया कि 31 अगस्त को दोपहर करीब एक बजे उनके पास एक नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को यूनियन बैंक क्रेडिट कार्ड डिपार्टमेंट से अंकित टिग्गा बताया। बीमा कैंसिल करने के नाम पर उनके व्हाट्सएप पर एपीके फाइल भेजकर उसे ओपन करने के लिए कहा गया। फाइल ओपन करते ही फोन हैक हो गया।
विज्ञापन
पुलिस ने तुरंत शिकायत दर्ज शुरू की जांच
बताा गया है कि इसके बाद उनके यूनियन बैंक के क्रेडिट कार्ड से 1,49,950 रुपये और एसबीआई क्रेडिट कार्ड से 48,905 रुपये के ट्रांजेक्शन कर लिए गए। उन्होंने तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। कमला नगर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
कभी झांसे में ना आएं
डीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य सिंह ने बताया कि फोन पर अगर कोई व्यक्ति खुद को बैंक का कर्मचारी बताता है। किसी तरह का लाभ और बैंक से कटने वाली राशि को खत्म करने का वादा करता है तो समझ जाएं कि वह साइबर ठग हो सकता है। मोबाइल पर आने वाली एपीके फाइल से सावधान रहें। इसकी मदद से साइबर अपराधी मोबाइल हैक कर उसका एक्सेस अपने हाथों में ले लेते हैं। क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और ई-वॉलेट से रकम अपने खातों में ट्रांसफर कर लेते हैं। कई लोग शिकार बन चुके हैं। इसलिए कभी झांसे में न आएं। अगर साइबर अपराध होता है तो तुरंत पुलिस की सहायता लें।