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शर्मनाक: जिला अस्पताल के शौचालय में मिला नवजात का शव, पॉट के जरिए टैंक में डालने की कोशिश

Sun, 26 May 2019 10:44 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 26 May 2019 10:44 AM IST
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newborn baby found dead in toilet of district hospital mainpuri
जिला अस्पताल मैनपुरी
मैनपुरी के जिला अस्पताल में शनिवार को शौचालय के पॉट में नवजात का शव फंसा हुआ मिला। अस्पताल प्रशासन ने शव को निकालकर उसकी सफाई कराई। बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस जांच कर रही है। 
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जिला अस्पताल की इमरजेंसी में सुबह करीब नौ बजे कर्मचारी श्रीचंद्र शौचालय में सफाई करने के लिए पहुंचा तो उसने शौचालय के पॉट में अंदर नवजात का शव फंसा हुआ देखा। इसकी जानकारी अस्पताल के इमरजेंसी स्टाफ को दी गई। 
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ईएमओ डॉ. राजेश कुमार, फार्मासिस्ट निशाद हुसैन, शिव कुमार, महेंद्र सिंह, हेमेंद्र सिंह, पारुल पांडेय मौके पर पहुंचे पहुंचे और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी श्रीचंद्र से बच्चे को पॉट से बाहर निकलवाया। नवजात की सफाई कराई गई। 
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पॉट में फंसा था नवजा का सिर

डॉक्टरों ने नवजात की स्वास्थ्य जांच की गई, लेकिन बच्चा मृत पाया गया। इस दौरान मौके पर भीड़ लग गई। डॉ. राजेश कुमार ने सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

पॉट में मिला नवजात शिशु लड़का था। बच्चे को पॉट के जरिए टैंक में डालने की कोशिश की गई थी, लेकिन उसका सिर पॉट में फंस गया। लोगों का कहना है कि अपनी गलती छिपाने के लिए किसी ने इस बच्चे की जान ले ली।

जिला अस्पताल में नवजात का शव मिलने पर कई सवाल उठ रहे हैं। अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। इसके बाद भी अस्पताल के शौचालय में नवजात का शव पहुंच गया। अस्पताल प्रशासन ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखने की जिम्मेदारी नहीं समझी। 

उठ रहे कई सवाल

लोगों का कहना है कि यदि बाहर कहीं प्रसव हुआ होता तो शव जिला अस्पताल में क्यों लाया जाता। यदि शव यहां लाया गया है तो फिर उसका प्रसव कहां हुआ। इन सारे सवालों की जांच होनी चाहिए।  

अस्पताल की इमरजेंसी के शौचालय में नवजात पहुंचा कैसे। यदि नवजात प्रसव के समय जीवित था तो ये मामला हत्या का भी बनता है। जिसने भी उसे गटर में डालने का प्रयास किया उस पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई होनी चाहिए।
 
इस संबंध में प्रभारी सीएमएस डॉ आरके सिंह ने बताया कि मामला पुलिस का है। पुलिस यदि सीसीटीवी फुटेज मांगेगी तो उपलब्ध कराए जाएंगे।
 
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