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नगर निगम आगरा: बेबसी ऐसी... नहीं करा पा रहे विकास कार्य, महिला पार्षद बोलीं- सदन में आग लगा दूंगी
Tue, 08 Oct 2024 07:42 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला, आगरा
अमर उजाला, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 08 Oct 2024 07:42 PM IST
सार
आगरा नगर निगम में सदन हंगामे दार रहा। शून्य काल में पार्षद जरीना बेगम ने तीन साल से अपना काम न होने पर आग लगाने की धमकी दी, जिसके बाद हंगामा शुरू हो गया। इस दौरान विपक्षी दलों के पार्षदों ने जमीन पर बैठकर जोरदार प्रदर्शन किया।
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सदन में हुआ हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा नगर निगम सदन के 8 माह बाद हो रहे अधिवेशन में विकास कार्य न करा पा रहे बेबस पार्षदों का आक्रोश फूट पड़ा। ख्वासपुरा की सपा पार्षद जरीना बेगम प्रश्नकाल में जवाब न मिलने पर बोलीं कि सदन में आग लगा लूंगी। अब परेशान हो चुकी हूं। उनकी तरह ही भाजपा और बसपा पार्षद स्ट्रीट लाइटों, सड़क, सफाई और सीवर के मामलों में कार्रवाई न होेने पर बेबस नजर आए और हंगामा काटा। विपक्षी पार्षद नारेबाजी करते हुए सदन में ही धरने पर बैठ गए। आधे घंटे तक जरीना बेगम के आक्रोश पर जमकर हंगामा हुआ।
सपा पार्षद जरीना बेगम के खुद को आग लगा लेने की धमकी के पीछे वजह थी तीन साल की देरी। ख्वासपुरा में सुलहकुल कब्रिस्तान के पास जलभराव होने से कब्र से मिट्टी हट गई और शव पानी में तैरते दिखते हैं। इसी को लेकर उन्होंने तीन साल पहले 9 फरवरी 2021 को सदन में संपवेल निर्माण का प्रस्ताव पास कराया था, लेकिन तीन साल में वह चक्कर काटती रहीं, पर एस्टीमेट ही नहीं बना। मंगलवार को प्रश्नकाल में उन्हें निर्माण विभाग ने जवाब दिया कि संपवेल बनाने का काम जलनिगम का है, इसी जवाब पर वह भड़क गईं और गुस्से में बोलीं कि वह आग लगा लेंगी। जनता उनसे जवाब मांगती है। तीन साल चक्कर काटने के बाद कहा जा रहा है कि यह काम नगर निगम का नहीं है।
नारेबाजी, हंगामा, धरना
सदन के अंदर ही उनकी इस बात का भाजपा पार्षदों ने विरोध किया और निंदा प्रस्ताव लाए। इसी पर बसपा पार्षदों ने सपा पार्षद के साथ सुर मिलाते हुए कहा कि विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। ऐसे में बेबस पार्षद अपनी बात सदन में न रखें तो कहां रखेंगे। बसपा पार्षद दल नेता सुहैल कुरैशी के नेतृत्व में विपक्षी पार्षद डायस के नीचे धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। बाद में जवाब देने के आश्वासन पर पार्षद कार्रवाई में शामिल हुए। मेयर हेमलता दिवाकर ने पार्षद को कार्रवाई की चेतावनी दी पर पार्षद जरीना बेगम ने कहा कि वह हर कार्रवाई के लिए तैयार हैं। जनता के सामने किस मुंह से जाएं। तीन साल से एस्टीमेट तक नहीं बना तो काम कब होगा। मुर्दे पानी में तैर रहे हैं।
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भाजपा पार्षदों का भी फूटा गुस्सा
अधिवेशन में सुनवाई न होने से आक्रोशित पार्षदों का गुस्सा फूटा, जिनमें भाजपा के भी पार्षद शामिल थे। स्ट्रीट लाइटें खराब होने पर पार्षद अमित सिंह अपने साथ केबिल, एमसीबी, स्विच लेकर पहुंचे और मेयर को दिखाया। कहा कि खुद ही सामान खरीदकर देते हैं। यहां तक कि प्लास, पेचकस भी खरीदकर विद्युत कर्मचारी को दिया है। नगर निगम के प्रकाश विभाग की हालत पर पार्षदों ने गुस्सा जाहिर किया।
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सपा पार्षद जरीना बेगम के खुद को आग लगा लेने की धमकी के पीछे वजह थी तीन साल की देरी। ख्वासपुरा में सुलहकुल कब्रिस्तान के पास जलभराव होने से कब्र से मिट्टी हट गई और शव पानी में तैरते दिखते हैं। इसी को लेकर उन्होंने तीन साल पहले 9 फरवरी 2021 को सदन में संपवेल निर्माण का प्रस्ताव पास कराया था, लेकिन तीन साल में वह चक्कर काटती रहीं, पर एस्टीमेट ही नहीं बना। मंगलवार को प्रश्नकाल में उन्हें निर्माण विभाग ने जवाब दिया कि संपवेल बनाने का काम जलनिगम का है, इसी जवाब पर वह भड़क गईं और गुस्से में बोलीं कि वह आग लगा लेंगी। जनता उनसे जवाब मांगती है। तीन साल चक्कर काटने के बाद कहा जा रहा है कि यह काम नगर निगम का नहीं है।
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नारेबाजी, हंगामा, धरना
सदन के अंदर ही उनकी इस बात का भाजपा पार्षदों ने विरोध किया और निंदा प्रस्ताव लाए। इसी पर बसपा पार्षदों ने सपा पार्षद के साथ सुर मिलाते हुए कहा कि विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। ऐसे में बेबस पार्षद अपनी बात सदन में न रखें तो कहां रखेंगे। बसपा पार्षद दल नेता सुहैल कुरैशी के नेतृत्व में विपक्षी पार्षद डायस के नीचे धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। बाद में जवाब देने के आश्वासन पर पार्षद कार्रवाई में शामिल हुए। मेयर हेमलता दिवाकर ने पार्षद को कार्रवाई की चेतावनी दी पर पार्षद जरीना बेगम ने कहा कि वह हर कार्रवाई के लिए तैयार हैं। जनता के सामने किस मुंह से जाएं। तीन साल से एस्टीमेट तक नहीं बना तो काम कब होगा। मुर्दे पानी में तैर रहे हैं।
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भाजपा पार्षदों का भी फूटा गुस्सा
अधिवेशन में सुनवाई न होने से आक्रोशित पार्षदों का गुस्सा फूटा, जिनमें भाजपा के भी पार्षद शामिल थे। स्ट्रीट लाइटें खराब होने पर पार्षद अमित सिंह अपने साथ केबिल, एमसीबी, स्विच लेकर पहुंचे और मेयर को दिखाया। कहा कि खुद ही सामान खरीदकर देते हैं। यहां तक कि प्लास, पेचकस भी खरीदकर विद्युत कर्मचारी को दिया है। नगर निगम के प्रकाश विभाग की हालत पर पार्षदों ने गुस्सा जाहिर किया।