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मासूम के कातिलों को फांसी: दुष्कर्म के बाद हुई थी बालिका की हत्या, पिता बोले- फंदे पर लटकेंगे, तब मिलेगा सुकून

Fri, 17 Oct 2025 08:44 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 17 Oct 2025 08:44 AM IST
सार

मासूम बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म और फिर बेरहमी से उसे मौत के घाट उतारने वाले दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई। इस पर मृतक बच्ची के पिता का कहना है कि उनके दिल को सुकून तब मिलेगा, जब वे दोनों दोषियों को फांसी के फंदे पर लटका हुआ देखेंगे। 

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Justice in Agra: POCSO Court Awards Death Penalty to Two for Misdeed and Murder of 5-Year-Old Girl
कोर्ट से बाहर आते दोषी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

आगरा के बाह थाना क्षेत्र में 19 माह पहले सामूहिक दुष्कर्म के बाद साढ़े पांच साल की बच्ची की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इतना ही नहीं आरोपियों ने छह लाख रुपये की फिरौती बी मांगी। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सोनिका चौधरी ने दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। एक दोषी अमित बच्ची का रिश्तेदार है। दोषियों को सजा मिलने के बाद बच्ची के पिता ने कहा कि सुकून तब मिलेगा, जब वे दोनों को फांसी के फंदे पर लटकते हुए देखेंगे। 
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बच्ची के पिता स्वास्थ्य विभाग में नौकरी करते हैं। वह छुट्टी लेकर पहले घर आए। सुनवाई होने से पहले ही अपनी पत्नी, पिता व अन्य परिजनों के साथ कोर्ट पहुंच गए। दोपहर करीब एक बजे दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई। बेटी को याद करते हुए उन्होंने कहा कि सजा तो हो गई पर दोषियों के फांसी के फंदे पर लटकने पर ही असली न्याय मिलेगा। तब ही दिल को सुकून आएगा। उन्होंने बताया कि उनकी पोस्टिंग जिले से बाहर है। घटना वाले दिन भी वह ड्यूटी पर थे। जब से रिपोर्ट दर्ज हुई, तब से लगातार पत्नी के साथ मुकदमे की पैरवी कर रहे हैं। 50 से अधिक तारीखें पड़ीं। एक बार भी ऐसा नहीं हुआ कि वह मौजूद न रहे हों।

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कब क्या हुआ
- 18 मार्च 2024 को बालिका लापता हुई
- 19 मार्च को फिरौती के लिए फोन आया, शाम को पुलिस ने बालिका का शव बरामद किया
- 19 मार्च को रिपोर्ट दर्ज हुई
- 19 अप्रैल 2024 को आरोपपत्र दाखिल हुआ
- 26 अप्रैल 2024 से केस का ट्रायल शुरू हुआ
- 1 मई से पत्रावली साक्ष्य में चली
- 8 अक्तूबर 2025 को आरोपी दोषी करार दिए गए
- 16 अक्तूबर को सजा हुई


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30 अक्तूबर 2024 को भी न्यायाधीश सोनिका चौधरी ने सुनाई थी फांसी की सजा
एत्मादपुर में 30 दिसंबर 2023 को सात साल की बालिका की दुष्कर्म के बाद हत्या के केस में आरोपी 50 वर्षीय राजवीर को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सोनिका चौधरी ने दोषी करार देते हुए 30 अक्तूबर 2024 को फांसी की सजा सुनाई थी। दोषी राजवीर गांव में चौकीदारी करता था। उसने बच्ची को बहाने से अपने साथ बाड़े में ले जाकर दुष्कर्म किया था। पानी में डुबोकर मारने की कोशिश की। उसके बाद सिर पर टाइल्स मार दिया। दोबारा दुष्कर्म के बाद बालिका की मौत होने पर शव को फेंककर भाग गया था।
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