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पार्थिव शरीर आएगा कल, गांव में हर आंख नम
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शहीद वीरेंद्र यादव का फाइल फोटो।
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। अरुणाचल प्रदेश में शहीद हुए जवान वीरेंद्र यादव का पार्थिव शरीर मंगलवार को गांव पहुंचेगा। शहीद की शहादत पर गांव में हर आंख नम है। सोमवार को शहीद के घर में मातम पसरा रहा। बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की।
अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले के जयरामपुर थाना क्षेत्र के गांव टेंगमो के पास रविवार सुबह करीब 9:40 बजे उग्रवादियों द्वारा किए गए हमले में असम राइफल्स के जवान कुरावली थाना क्षेत्र के गांव नानामऊ निवासी 52 वर्षीय वीरेंद्र यादव शहीद हो गए। परिवार के साथ ही गांव के प्रत्येक व्यक्ति को शहीद के पार्थिव शरीर का इंतजार है। परिजन ने बताया कि उनकी असम राइफल्स के अफसरों से बातचीत हुई है। पार्थिव शरीर मंगलवार को गांव पहुंचेगा। यहीं राजकीय सम्मान के साथ पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
कई घरों में नहीं जला चूल्हा
नानामऊ गांव अपने बेटे की शहादत से गम में डूबा हुआ है। बेटे की शहादत पर परिजनों को गर्व है। उनके बड़े पुत्र बबलू यादव ने बताया कि उग्रवादियों ने अचानक हमला घात लगाकर किया था। पिता जी ने उग्रवादियों को करारा जवाब दिया। उनकी शहादत पर हम सभी को गर्व है।
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टैंकर पर किया हमला
परिजन ने बताया कि वीरेंद्र यादव असम राइफल्स में नायब सूबेदार थे। रविवार की सुबह वह अपने साथी के साथ पानी का टैंकर भरवा कर ला रहे थे। रास्ते में 30 से 35 उग्रवादियों ने टैंकर पर हमला बोल दिया। गोली लगने से वीरेंद्र यादव शहीद हो गए। वहीं साथी गंभीर रूप से घायल हो गया।
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अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले के जयरामपुर थाना क्षेत्र के गांव टेंगमो के पास रविवार सुबह करीब 9:40 बजे उग्रवादियों द्वारा किए गए हमले में असम राइफल्स के जवान कुरावली थाना क्षेत्र के गांव नानामऊ निवासी 52 वर्षीय वीरेंद्र यादव शहीद हो गए। परिवार के साथ ही गांव के प्रत्येक व्यक्ति को शहीद के पार्थिव शरीर का इंतजार है। परिजन ने बताया कि उनकी असम राइफल्स के अफसरों से बातचीत हुई है। पार्थिव शरीर मंगलवार को गांव पहुंचेगा। यहीं राजकीय सम्मान के साथ पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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कई घरों में नहीं जला चूल्हा
नानामऊ गांव अपने बेटे की शहादत से गम में डूबा हुआ है। बेटे की शहादत पर परिजनों को गर्व है। उनके बड़े पुत्र बबलू यादव ने बताया कि उग्रवादियों ने अचानक हमला घात लगाकर किया था। पिता जी ने उग्रवादियों को करारा जवाब दिया। उनकी शहादत पर हम सभी को गर्व है।
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टैंकर पर किया हमला
परिजन ने बताया कि वीरेंद्र यादव असम राइफल्स में नायब सूबेदार थे। रविवार की सुबह वह अपने साथी के साथ पानी का टैंकर भरवा कर ला रहे थे। रास्ते में 30 से 35 उग्रवादियों ने टैंकर पर हमला बोल दिया। गोली लगने से वीरेंद्र यादव शहीद हो गए। वहीं साथी गंभीर रूप से घायल हो गया।