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गंगा दशहरा 2025: इस बार बन रहा है अद्भुत संयोग, कर लें ये उपाय...10 तरह के दोषों का होगा निवारण
Tue, 03 Jun 2025 10:03 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 03 Jun 2025 10:03 AM IST
सार
Ganga Dussehra Yog: गंगा दशहरा ज्येष्ठ महीने के शुक्लपक्ष के दसवें दिन यानी दशमी तिथि को मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन ही गंगा धरती पर गंगा प्रकट हुई थीं। इस साल गंगा दशहरा पर दुर्लभ संयोग बन रहा है।
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गंगा दशहरा 2025
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी को गंगा दशहरा मनाया जाता है। ज्योतिष गणना के अनुसार इस बार गंगा दशहरा पर दुर्लभ संयोग बन रहा है। इस पर्व पर मां गंगा की पूजा और स्नान करने से 10 तरह के दोषों का निवारण होगा।
ज्योतिषाचार्य डॉ. पूनम वार्ष्णेय ने बताया कि ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी को मां गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। मान्यता है कि गंगा दशहरा पर गंगाजल से स्नान करने से समस्त पापों का नाश होता है।
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ज्योतिषाचार्य डॉ. पूनम वार्ष्णेय ने बताया कि ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी को मां गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। मान्यता है कि गंगा दशहरा पर गंगाजल से स्नान करने से समस्त पापों का नाश होता है।
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शुभ मुहुर्त सूर्योदय से दोपहर 1:14 बजे तक गंगा स्नान या अन्य पवित्र नदियों में स्नान और दान के लिए फलदायी रहेगा। इस बार गंगा दशहरा पर हस्त नक्षत्र, सिद्ध योग, व्यतीपात योग, गजकेसरी योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है।
इसके साथ ही सूर्य वृषभ राशि में एवं चंद्रमा कन्या राशि में रहेंगे। इस दिन गंगा में स्नान करने से तीन कायिक, चार वाचिक और तीन मानसिक समेत 10 तरह के दोषों का नाश होता है। मां गंगा के जल में वे सभी शुभ गुण संयुक्त है जो हमारे ग्रहों के दुष्प्रभाव को समाप्त कर सकते हैं।
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इसके साथ ही सूर्य वृषभ राशि में एवं चंद्रमा कन्या राशि में रहेंगे। इस दिन गंगा में स्नान करने से तीन कायिक, चार वाचिक और तीन मानसिक समेत 10 तरह के दोषों का नाश होता है। मां गंगा के जल में वे सभी शुभ गुण संयुक्त है जो हमारे ग्रहों के दुष्प्रभाव को समाप्त कर सकते हैं।
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उन्होंने कहा कि मां गंगा की पूजा-अर्चना करने से रोग की व्याधि, विभिन्न भय से मुक्ति के साथ मन शांत, संयमित और जीवन में प्रगति का मार्ग प्रशस्त होता है। ग्रीष्म ऋतु होने से शीतलता प्रदान करने वाली वस्तुएं दान करनी चाहिए। शरबत, खरबूजा, तरबूज, सुराही, हाथ का पंखा आदि दान स्वरूप भेंट कर सकते हैं।
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