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उफान पर यमुना: आगरा के बटेश्वर में 1978 जैसे बाढ़ के हालात, कई मंदिर जलमग्न; खाली कराए गए किनारे के गांव
Wed, 19 Jul 2023 04:33 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला, आगरा
अमर उजाला, आगरा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Wed, 19 Jul 2023 04:33 PM IST
सार
आगरा में यमुना उफान पर है। इससे बटेश्वर में 1978 जैसे बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं। यहां कई मंदिर जलमग्न हो गए हैं। किनारे के गांव खाली कराए गए हैं।
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उफान पर यमुना: आगरा के बटेश्वर में बाढ़ के पानी से घिरा मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के आगरा में 1978 की बाढ़ में बटेश्वर के एकादशी मंदिर की बुर्जी (शिखर) टूट गई थी। सोमवार को यमुना के उफान का पानी मंदिर के चारों ओर भर गया है। बटेश्वर के लोगों ने बताया कि 1978 में मंदिर का बुर्ज डूब गया था। पानी हटा तो ऊपरी हिस्सा क्षतिग्रस्त निकला था।
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एकादशी मंदिर के अलावा बिहारीजी मंदिर समेत पांच मंदिरों तक उफान का पानी पहुंच गया है। प्रवेश द्वार जलमग्न होने से श्रद्धालुओं का दर्शन के लिए पहुंचना मुश्किल हो गया है। ब्रह्मलाल जी मंदिर पर महज एक सीढ़ी डूबने से बची है। बटेश्वर के अलावा कचौराघाट के प्राचीन शिव मंदिर में यमुना के उफान का पानी घुस गया है। विक्रमपुर घाट के मंदिर में भी पानी भर गया है।
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बटेश्वर की शिव मंदिर श्रंखला पर बाढ़ का खतरा
तेजी से बढ़ रहे यमुना के जलस्तर से बटेश्वर की शिव मंदिर श्रंखला पर बाढ़ का खतरा मड़राने लगा है। खतरे के मद्देनजर मंगलवार को प्रशासन ने मंदिर बाजार की दुकानें खाली करा दी। एसडीएम कृष्णनंद तिवारी ने बताया कि बटेश्वर का मंदिर बाजार खाली कराया गया है, तलहटी के गांवों में निचले इलाके से लोगों को ऊपरी इलाके में सिफ्ट कराया जा रहा है। बाढ़ चौकियों पर संसाधन जुटाए गए हैं।यह भी पढ़ेंः- Agra News: लोगों की आंखों के सामने यमुना में डूब गया युवक, उफान देख बचाने की ना जुटा सके हिम्मत
पशुओं के बाड़े डूबे, गांवों के रास्तों पर भरा पानी
बाह क्षेत्र में यमुना नदी के उफान से कई गांवों में बाढ़ के हालात बन गए हैं। तीन ओर से यमुना नदी से घिरे बाह के कलियानपुर, भरतार गांव के एक सिरे पर बचा रास्ता भी कट गया है। कटे हुए रास्ते से यमुना के उफान का पानी गांव की ओर बहने लगा है।गांव के प्रधान प्रतिनिधि नारायन सिंह भदौरिया ने बताया कि यमुना की कैद में गांव हैं। जानकारी देने के बाद भी प्रशासन ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों तक राहत नहीं पहुंचाई है। यमुना के उफान का पानी बाह के विक्रमपुर घाट के प्राइमरी स्कूल तक पहुंच गया है। बच्चे पढ़ने गए थे, तब रास्ता साफ था। छुट्टी के बाद लौटे तो पानी से होकर निकलना पड़ा। गांव के शेर सिंह, अशोक, सुरेंद्र बच्छराज आदि के पशुओं के बाड़ों में पानी भर गया है।
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इसके अलावा कई घरों की दहलीज तक पानी पहुंच गया है। गांव के कई परिवार यमुना के दूसरे छोर पर गुल्लकापुरा में फंस गए हैं। तलहटी के गांव रामपुर चंद्रसेनी, बड़वाया, विक्रमपुर कछार, कचौराघाट, चरीथा, गुड़ियाना के गांवों की ओर नदी का पानी बढ़ने लगा है। इतना ही नहीं गढ़ी बरौली, चौरंगाबीहड़, सुंसार, कोट का पुरा, पई, नगला सुरई, पारना, पुरा चतुर्भुज, खिलावली आदि गांवों के रास्तों पर भी पानी आ गया है।
फतेहाबाद क्षेत्र के ईधौन गांव के घरों में युमना का पानी घुस गया है। इसके कारण ग्रामीण घर छोड़ने को मजबूर हैं। इसके अलावा रिहावली, सिलावली, धारापुरा, शाहिदपुर, मेवली कला, नगला बेहड़, नेतपुरा, समोगर, मेहरानाहरगंज , नूरपुर तनोरा आदि गांव भी प्रभावित हैं।
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खंदौली क्षेत्र में यमुना नदी की तलहटी पर बसा डेरा बंजारा गांव का संपर्क मार्ग डूब गया है। इससे 800 लोगों की आबादी प्रभावित हुई है। गिजौली के पूर्व प्रधान छीतर सिंह ने बताया कि मंगलवार की दोपहर तक गांव तक यमुना का पानी पहुंच गया। गिजौली के साथ ही मदनपुर के आसपास भी पानी भरने लगा है। गिजौली के छीतर सिंह और सत्यवीर सिंह ने बताया कि 13 साल पहले 2010 में डेरा वंजारा और गिजौली गांवों में पानी भर गया था। उस समय खंदौली का सड़क मार्ग गांव से पूरी तरह कट गया था।
फतेहाबाद क्षेत्र के ईधौन गांव के घरों में युमना का पानी घुस गया है। इसके कारण ग्रामीण घर छोड़ने को मजबूर हैं। इसके अलावा रिहावली, सिलावली, धारापुरा, शाहिदपुर, मेवली कला, नगला बेहड़, नेतपुरा, समोगर, मेहरानाहरगंज , नूरपुर तनोरा आदि गांव भी प्रभावित हैं।
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खंदौली क्षेत्र में यमुना नदी की तलहटी पर बसा डेरा बंजारा गांव का संपर्क मार्ग डूब गया है। इससे 800 लोगों की आबादी प्रभावित हुई है। गिजौली के पूर्व प्रधान छीतर सिंह ने बताया कि मंगलवार की दोपहर तक गांव तक यमुना का पानी पहुंच गया। गिजौली के साथ ही मदनपुर के आसपास भी पानी भरने लगा है। गिजौली के छीतर सिंह और सत्यवीर सिंह ने बताया कि 13 साल पहले 2010 में डेरा वंजारा और गिजौली गांवों में पानी भर गया था। उस समय खंदौली का सड़क मार्ग गांव से पूरी तरह कट गया था।
एसडीएम ने टाला तो ग्राम प्रधान ने यमुना के उफान में फंसे पिता-पुत्र को निकाला
फिरोजाबाद जिले के टूंडला के रुधऊ गांव निवासी दो किसान सुरैरा गांव में अपने खेतों पर फसल देखने आए थे। अंधेरा होने पर वहीं रुक गए। मंगलवार की सुबह आगरा के एत्मादपुर के सुरैरा गांव के प्रधान पुत्र मुकेश बघेल को सूचना मिली कि युमना के पानी बढ़ जाने से खेत पर टूंडला के कुछ लोग फंसे हैं। उन्होंने एसडीएम को सूचना दी। एसडीएम ने मामला टूंडला क्षेत्र का बताया तो एसडीएम टूंडला को जानकारी दी।यह भी पढ़ेंः- UP News: कमरे में पत्नी के साथ था प्रेमी, हलचल सुन पहुंच गया पति; दृश्य देख खो बैठा आपा....किया ये हाल
उन्होंने भी एत्मादपुर क्षेत्र का मामला बता कर टाल दिया। इसके बाद मुकेश बघेल ट्रैक्टर ट्रॉली से किराये पर नाव लेकर आए। ग्रामीणों की मदद से चार घंटे की मशक्कत के बाद दोनों पिता-पुत्र किसानों को बाहर निकाला। मौके पर टूंडला एसडीएम व टूंडला पुलिस भी पहुंची थी। निकाले गए किसान सांवरे व उनके पिता प्रेम सिंह ने बताया कि वह तीन दिन पूर्व खेत पर गए थे तब से वहीं फंसे रह गए। पानी कम होने का इंतजार करते रहे। जब पानी कम नहीं हुआ तो जानकारी दी।