ऊपर वाले का मरहम: ड्राइवर की मौत के बाद दो वक्त की रोटी को जूझ रहा था परिवार, फिर एक फोन आया और हो गए मालामाल
ट्रक ड्राइवर की 21 जून 2021 को एक एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद उसका परिवार दो वक्त की रोटी के लिए जूझने लगा। पत्नी के साथ दो बेटियां और दो बेटों की पढ़ाई भी बंद हो गई थी, लेकिन फिर एक फोन आया, जिसके बाद ये परिवार मालामाल हो गया।
विस्तार
फिल्मी पर्दे पर लोगों की रातों रात लखपति बनने के कई कहानियां देखी होंगी, लेकिन मैनपुरी के करहल में ऐसी सच्ची घटना सामने आई, जिसमें दो वक्त की रोटी के लिए मोहताज परिवार एक फोन कॉल आने के बाद लखपति बन गया। ट्रक ड्राइवर का परिवार एक सप्ताह पहले तक आर्थिक संकट से जूझ रहा था। सड़क हादसे ने पति छीना तो परिवार की खुशियां छिन गईं, लेकिन पति की समझदारी ने इस परिवार की झोली रुपयों से भर दी।
सड़क हादसे में चली गई थी ट्रक ड्राइवर की जान
फिरोजाबाद जिले के बहेला क्षेत्र के गांव गुराऊ निवासी सत्यवीर सिंह की 21 जून 2021 को सड़क हादसे में बंगाल में मौत हो गई थी। मुखिया की मौत से परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा था। 21 महीने बाद एक फोन कॉल ने परिवार की खुशियां वापस लौटा दीं। भारत पेट्रोलियम की तरफ से अचानक परिवार को पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया गया। इसकी जानकारी परिजन को पहले नहीं थी। जैसे ही उन्हें रुपये मिलने की जानकारी हुई तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। ट्रक ड्राइवर के परिवार के लिए भारत पेट्रोलियम की योजना मददगार साबित हुई है।
ये भी पढ़ें - UP: अखिलेश के करीबी सपा नेता जुगेंद्र सिंह यादव पर बड़ी कार्रवाई, कुर्क हुआ आलीशान होटल; हो चुके हैं गिरफ्तार
अब पढ़ेंगे बेटी और बेटा
ट्रक ड्राइवर सत्यवीर की मौत से परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा था। पत्नी संगीता ने बताया कि घर में खाने के लाले पड़ गए थे। बेटी साधना और रुचि के साथ ही बेटा अमित और संजय की पढ़ाई प्रभावित हो गई थी। अब पांच लाख रुपये मिले हैं। इस रकम का कुछ हिस्सा बेटियों की शादी के लिए रखेंगे। कुछ हिस्से से आमदनी का प्रबंध करूंगी। अब बेटा और बेटी पढ़ेंगे।
ये भी पढ़ें - 'जवान मौत है, कुछ कम पैसे ले लो भाई': लाशों का भी होता है सौदा, यहां की हकीकत जानकर रह जाएंगे हैरान
ऐसे मिले पांच लाख रुपये
ट्रक ड्राइवर सत्यवीर सिंह ट्रक ने करहल तहसील के नौरमई क्षेत्र स्थित एसएस फिलिंग स्टेशन से डीजल लिया था। यहां पेट्रोल पंप की ओर से उन्हें भारत पेट्रोलियम का स्मार्ट फ्लीप कार्ड जारी किया गया। इसी कार्ड से सत्यवीर ने डीजल भरवाया। सत्यवीर की मौत के बाद पंप संचालक विकास यादव ने जानकारी भारत पेट्रोलियम के अधिकारियों को दी। विकास यादव ने बताया कि 24 मार्च 2023 को भारत पेट्रोलियम की ओर से पांच लाख रुपये की बीमा धनराशि का चेक मृतक की पत्नी को दिया गया।
ये भी पढ़ें - Firozabad: पति को पेठा लेने भेजा, फिर गायब हो गई पत्नी, अब सामने आई ऐसी सच्चाई
मरने से पहले बनवाया था ये कार्ड
भारत पेट्रोलियम के मैनेजर अंश कठपालिया ने बताया कि कई ऐसी योजनाएं हैं, जिनका लाभ बिना कुछ दिए सिर्फ जानकारी से लिया जा सकता है। ऐसी ही एक योजना भारत पेट्रोलियम स्मार्ट फ्लीट ड्राइवर बीमा योजना है। डीजल लेने के लिए कार्ड बनते ही इस योजना के तहत चालक का पांच लाख और खलासी का दो लाख का बीमा हो जाता है। सत्यवीर सिंह ने यह कार्ड बनवाया था। इसी के तहत भारत पेट्रोलियम की ओर से पत्नी को पांच लाख रुपये की बीमा राशि का चेक दिया गया है।