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UP: आगरा विवि में बिना JEECUP मिलेगा डीफार्मा में एडमिशन, कृषि और फार्मेसी कोर्स में रोजगार के बड़े मौके
Thu, 28 May 2026 09:29 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Thu, 28 May 2026 09:29 AM IST
सार
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के छलेसर परिसर में कृषि और फार्मेसी से जुड़े कई रोजगारपरक कोर्सों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है।
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आगरा विश्वविद्यालय
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में नए सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। ऐसे में जो छात्र मेडिकल और कृषि जैसे क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। उनके लिए छलेसर परिसर में कई पाठ्यक्रम संचालित हैं। इनमें बीफार्मा, एमफार्मा, डीफार्मा, बीएससी कृषि सहित कई कई कोर्स हैं, जिनके में रोजगार और अपना उद्यम स्थापित करने के भी अवसर हैं।
विश्वविद्यालय के डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर साइंस में संचालित बीएससी कृषि पाठ्यक्रम में छात्रों को आधुनिक खेती, रिसर्च, एग्री बिजनेस और नई तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। यहां छात्र चार वर्षीय बीएससी कृषि ऑनर्स भी कर सकते हैं। विभाग में आधुनिक प्रयोगशालाओं के साथ छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
फार्मेसी विभागाध्यक्ष डॉ. रवि शेखर ने बताया कि हेल्थ सेक्टर में हमेशा रोजगार की व्यापक संभावनाएं बनी रहती हैं। ऐसे में बीफार्मा और डीफार्मा जैसे पाठ्यक्रम छात्रों के लिए बेहतर कॅरिअर हैं। उन्होंने बताया कि इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी एंड पैरामेडिकल साइंस में आधुनिक मशीनों, अत्याधुनिक लैब और नई तकनीकों के माध्यम से छात्रों को प्रशिक्षित किया जाता है, ताकि वे भविष्य में मेडिकल और फार्मा इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें। बताया कि फार्मेसी के छात्र पढ़ाई पूरी करने के बाद बेहतर नौकरी के साथ अपना मेडिकल स्टोर या फार्मा व्यवसाय भी शुरू कर सकते हैं।
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डॉ. रवि शेखर ने बताया कि कृषि विभाग में भी छात्रों को नई तकनीकों और प्रयोगों के जरिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। हाल ही में परिसर में एक विशेष मशरूम रूम तैयार किया गया है, जहां छात्रों को स्वयं मशरूम तैयार करना, उसकी देखरेख और उत्पादन की तकनीक सिखाई जा रही है। इसके अलावा कृषि क्षेत्र से जुड़े कई प्रायोगिक कार्य भी छात्रों को कराए जाते हैं, जिससे वे केवल किताबों तक सीमित न रहकर वास्तविक अनुभव प्राप्त कर सकें।
डीफार्मा में ले सकते हैं सीधे प्रवेश
छात्र विश्वविद्यालय की वेबसाइट के समर्थ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर प्रवेश प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं। खासतौर पर प्राइवेट विश्वविद्यालय में डीफार्मा के लिए (जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन काउंसिल, उत्तर प्रदेश (jeecup) अनिवार्य होता है। पर डॉ. भीमराव विश्वविद्यालय में बिना jeecup के ही छात्र प्रवेश के पात्र होते हैं।
इंस्टीट्यूट आफ फार्मेसी एंड पैरामेडिकल साइंस
बीफार्मा- 72
डीफार्मा- 60
फार्मा डी- 30
फार्मा डी स्नातकोत्तर- 10
एमफार्मा फार्मास्युटिकल- 9
एमफार्मा फर्मास्युटिकल केमिस्ट्री- 3
एमफार्मा फार्माकोग्नोसी- 9
डिपार्टमेंट आफ एग्रीकल्चर साइंस
बीएससी कृषि- 120
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विश्वविद्यालय के डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर साइंस में संचालित बीएससी कृषि पाठ्यक्रम में छात्रों को आधुनिक खेती, रिसर्च, एग्री बिजनेस और नई तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। यहां छात्र चार वर्षीय बीएससी कृषि ऑनर्स भी कर सकते हैं। विभाग में आधुनिक प्रयोगशालाओं के साथ छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
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फार्मेसी विभागाध्यक्ष डॉ. रवि शेखर ने बताया कि हेल्थ सेक्टर में हमेशा रोजगार की व्यापक संभावनाएं बनी रहती हैं। ऐसे में बीफार्मा और डीफार्मा जैसे पाठ्यक्रम छात्रों के लिए बेहतर कॅरिअर हैं। उन्होंने बताया कि इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी एंड पैरामेडिकल साइंस में आधुनिक मशीनों, अत्याधुनिक लैब और नई तकनीकों के माध्यम से छात्रों को प्रशिक्षित किया जाता है, ताकि वे भविष्य में मेडिकल और फार्मा इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें। बताया कि फार्मेसी के छात्र पढ़ाई पूरी करने के बाद बेहतर नौकरी के साथ अपना मेडिकल स्टोर या फार्मा व्यवसाय भी शुरू कर सकते हैं।
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डॉ. रवि शेखर ने बताया कि कृषि विभाग में भी छात्रों को नई तकनीकों और प्रयोगों के जरिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। हाल ही में परिसर में एक विशेष मशरूम रूम तैयार किया गया है, जहां छात्रों को स्वयं मशरूम तैयार करना, उसकी देखरेख और उत्पादन की तकनीक सिखाई जा रही है। इसके अलावा कृषि क्षेत्र से जुड़े कई प्रायोगिक कार्य भी छात्रों को कराए जाते हैं, जिससे वे केवल किताबों तक सीमित न रहकर वास्तविक अनुभव प्राप्त कर सकें।
डीफार्मा में ले सकते हैं सीधे प्रवेश
छात्र विश्वविद्यालय की वेबसाइट के समर्थ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर प्रवेश प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं। खासतौर पर प्राइवेट विश्वविद्यालय में डीफार्मा के लिए (जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन काउंसिल, उत्तर प्रदेश (jeecup) अनिवार्य होता है। पर डॉ. भीमराव विश्वविद्यालय में बिना jeecup के ही छात्र प्रवेश के पात्र होते हैं।
इंस्टीट्यूट आफ फार्मेसी एंड पैरामेडिकल साइंस
बीफार्मा- 72
डीफार्मा- 60
फार्मा डी- 30
फार्मा डी स्नातकोत्तर- 10
एमफार्मा फार्मास्युटिकल- 9
एमफार्मा फर्मास्युटिकल केमिस्ट्री- 3
एमफार्मा फार्माकोग्नोसी- 9
डिपार्टमेंट आफ एग्रीकल्चर साइंस
बीएससी कृषि- 120