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Agra: 12 साल के बच्चे को बचाने के लिए नहीं की खुद की फिक्र, उसे तो बचाया...लेकिन किशोर की हो गई मौत
Mon, 14 Apr 2025 08:34 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 14 Apr 2025 08:34 AM IST
सार
गांव के ही 12 वर्षीय बालक के बचाने के प्रयास में किशोर की खुद की जान चली गई। करंट से बालक झुलस रहा था, उसी दौरान किशोर ने उसे तो बचा लिया, लेकिन करंट लगने से खुद की जान चली गई।
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करंट लगने से मौत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के थाना फतेहाबाद क्षेत्र के निबोहरा में खेत के किनारे लगे कंटीले तारों में प्रवाहित करंट से चिपके बालक को छुड़ाने में विजेंद्र (16) ने अपनी जान दे दी। बालक अस्पताल में भर्ती है। विजेंद्र अपने परिवार के बाबा चंदन सिंह के अंतिम संस्कार के बाद घर लौट रहा था। हादसे के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई।
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यहां हुआ हादसा
निबोहरा के गांव बबूलखाना नगरिया निवासी लटूरी सिंह का बेटा विजेंद्र अंतिम संस्कार में शामिल होने गांव से बाहर गया था। शाम करीब साढ़े चार बजे लौटते समय रास्ते में धर्मजीत सिंह के खेत में 12 साल का प्रदीप पुत्र बच्चू सिंह करंट की चपेट में आकर चीखता दिखा। विजेंद्र ने अपनी जान की परवाह नहीं करते हुए प्रदीप को बचाने के लिए उसे हाथों से खींचना शुरू कर दिया।
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निबोहरा के गांव बबूलखाना नगरिया निवासी लटूरी सिंह का बेटा विजेंद्र अंतिम संस्कार में शामिल होने गांव से बाहर गया था। शाम करीब साढ़े चार बजे लौटते समय रास्ते में धर्मजीत सिंह के खेत में 12 साल का प्रदीप पुत्र बच्चू सिंह करंट की चपेट में आकर चीखता दिखा। विजेंद्र ने अपनी जान की परवाह नहीं करते हुए प्रदीप को बचाने के लिए उसे हाथों से खींचना शुरू कर दिया।
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खुद बुरी तरह झुलस गया किशोर
प्रदीप को बचाने में वह बुरी तरह झुलस गया। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने दोनों को करंट से बचाया। विजेंद्र को झुलसी हालत में अस्पताल ले गए लेकिन डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। परिजन के मुताबिक वीरेंद्र तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था। पिता मजदूरी करते हैं। निबोहरा थाने के इंस्पेक्टर ने बताया कि परिजन की सूचना पर पुलिस ने जांच पड़ताल की है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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प्रदीप को बचाने में वह बुरी तरह झुलस गया। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने दोनों को करंट से बचाया। विजेंद्र को झुलसी हालत में अस्पताल ले गए लेकिन डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। परिजन के मुताबिक वीरेंद्र तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था। पिता मजदूरी करते हैं। निबोहरा थाने के इंस्पेक्टर ने बताया कि परिजन की सूचना पर पुलिस ने जांच पड़ताल की है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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