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Karni Sena: भगवा पगड़ी और युवाओं के हाथों में लहराती तलवारें, करणी सेना यानी नई सियासत की आहट
Mon, 14 Apr 2025 08:11 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अखिलेश कुमार, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अखिलेश कुमार, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 14 Apr 2025 08:11 AM IST
सार
करणी सेना यानी नई सियासत की आहट। आगरा में हुई रक्त स्वाभिमान रैली में जो दृश्य दिखाई दिया, वो नई सियासती पारी की ओर इशारा कर रहा है।
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रक्त स्वाभिमान रैली
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
राणा सांगा के स्वाभिमान पर आंदोलन कर रही करणी सेना सूबे की सियासत में नई आहट है। शनिवार को आगरा के गढ़ी रामी में हुए रक्त स्वाभिमान सम्मेलन में सिर पर भगवा पगड़ी और युवाओं के हाथों में लहराती तलवारें इसकी तस्दीक करती रहीं। 40 से ज्यादा क्षत्रिय संगठनों को शामिल कर इसकी नींव भी रख दी गई है।
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बड़ी रणनीति रही ये...
सपा से राज्यसभा सदस्य रामजीलाल सुमन के राणा सांगा पर बयान के बाद करणी सेना आंदोलन पर है। करणी सेना के नाम से कई संगठन हैं। इस आंदोलन में सभी एक साथ आ गए। इन्हें साथ रखने के लिए बैनरों पर संयुक्त करणी सेना लिखा गया। आंदोलन लंबा चल सकता है। इससे यह बड़ी रणनीति थी।
सपा से राज्यसभा सदस्य रामजीलाल सुमन के राणा सांगा पर बयान के बाद करणी सेना आंदोलन पर है। करणी सेना के नाम से कई संगठन हैं। इस आंदोलन में सभी एक साथ आ गए। इन्हें साथ रखने के लिए बैनरों पर संयुक्त करणी सेना लिखा गया। आंदोलन लंबा चल सकता है। इससे यह बड़ी रणनीति थी।
राणा सांगा के स्वाभिमान में भरी हुंकार
यह कामयाब भी रही। सम्मेलन में खासी भीड़ पहुंचने की यह बड़ी वजह भी रही। वहीं क्षत्रियों के तमाम संगठन अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े हैं। इन्हेंं इस आंदोलन में साथ लाना मुश्किल था। राणा सांगा के स्वाभिमान पर इन्होंने भी हुंकार भर दी।
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यह कामयाब भी रही। सम्मेलन में खासी भीड़ पहुंचने की यह बड़ी वजह भी रही। वहीं क्षत्रियों के तमाम संगठन अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े हैं। इन्हेंं इस आंदोलन में साथ लाना मुश्किल था। राणा सांगा के स्वाभिमान पर इन्होंने भी हुंकार भर दी।
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सनातन का कार्ड चला
सनातन संघ हिंदू संगठन है। इसमें सभी जातियां शामिल हैं। मजबूत सियासत के लिए इन्हें खेमे में लाना जरूरी था। पिछड़ों और दलितोंं के संगठनोंं के अपने सियासी हित हैं। सुमन के बयान पर लोग अलग जातीय फिरकों में बंटे हैं। ऐसे में यहां सनातन का कार्ड चला। सनातन संघ को साथ लाया गया।
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सनातन संघ हिंदू संगठन है। इसमें सभी जातियां शामिल हैं। मजबूत सियासत के लिए इन्हें खेमे में लाना जरूरी था। पिछड़ों और दलितोंं के संगठनोंं के अपने सियासी हित हैं। सुमन के बयान पर लोग अलग जातीय फिरकों में बंटे हैं। ऐसे में यहां सनातन का कार्ड चला। सनातन संघ को साथ लाया गया।
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सियासी दलों ने भी दी करणी सेना के सम्मेलन को तवज्जो
सियासी दलों ने भी करणी सेना के सम्मेलन को तवज्जो दी। भाजपा नेता मंच पर पहुंचे। केंद्रीय राज्यमंत्री और भाजपा सांसद एसपी सिंह मंच पर थे। दूसरे जिलों से भी भाजपा, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक, किसान संगठनों के नुमाइंदे समर्थन देने पहुंचे तो यह इनकी सियासत की नई आहट की पहचान ही थी। इनके गणित पर अगले साल पंचायत और इसके बाद सूबे में आने वाला विधानसभा का चुनाव था।
सियासी दलों ने भी करणी सेना के सम्मेलन को तवज्जो दी। भाजपा नेता मंच पर पहुंचे। केंद्रीय राज्यमंत्री और भाजपा सांसद एसपी सिंह मंच पर थे। दूसरे जिलों से भी भाजपा, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक, किसान संगठनों के नुमाइंदे समर्थन देने पहुंचे तो यह इनकी सियासत की नई आहट की पहचान ही थी। इनके गणित पर अगले साल पंचायत और इसके बाद सूबे में आने वाला विधानसभा का चुनाव था।