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Agra News: मन में परमात्मा के प्रति श्रद्धा से प्रकट होता है विश्वास रूपी शिव
Sat, 12 Aug 2023 05:20 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sat, 12 Aug 2023 05:20 PM IST
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मन में परमात्मा के प्रति श्रद्धा से प्रकट होता है विश्वास रूपी शिव
श्री भीमसेन महाराज मंदिर में शिव महापुराण कथा सुनने पहुंचे भक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। शहर के श्री भीमसेन महाराज मंदिर में शिव महापुराण कथा का आयोजन हो रहा है। कथा के चौथे दिन संत पवन कौशिकजी महाराज ने कहा कि जब मानव मात्र के मन में परमात्मा के प्रति श्रद्धा भक्ति हो जाए वहीं विश्वास रूपी शिव का प्रकट होता है।
आचार्य ने कहा कि श्रद्धा और विश्वास एक दूसरे के पूरक हैं। किसी के प्रति श्रद्धा हो विश्वास ना हो तो अपना काम नहीं बन सकता। विश्वास हो और श्रद्धा ना हो तो भी काम बनने वाला नहीं। जब मनुष्य श्रद्धा और विश्वास अपने मन में बना ले तो कुछ भी संभव है। ठीक वैसे ही पार्वती श्रद्धा और शिव विश्वास हैं। जब तक श्रद्धा का विश्वास के साथ मिलन ना हो तब तक जीवात्मा का परमात्मा से मिलन नहीं हो सकता। संत ने श्रद्धा और विश्वास अर्थात पार्वती और भोलेनाथ का विवाह का प्रसंग सुनाया। शिव विवाह की कथा को भक्तों ने ध्यानमग्र होकर सुना। संत ने कहा कि वह काम हमें नहीं करना चाहिए जिसमें किसी को कष्ट हो। आरती में कमेटी के अध्यक्ष महेश चंद्र अगिनहोत्री, रानी तोमर, अरुण कुमार तोमर, राजीव तोमर, रामबाबू कुशवाहा, अशोक तोमर आदि भक्तजन शामिल हुए।
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श्री भीमसेन महाराज मंदिर में शिव महापुराण कथा सुनने पहुंचे भक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। शहर के श्री भीमसेन महाराज मंदिर में शिव महापुराण कथा का आयोजन हो रहा है। कथा के चौथे दिन संत पवन कौशिकजी महाराज ने कहा कि जब मानव मात्र के मन में परमात्मा के प्रति श्रद्धा भक्ति हो जाए वहीं विश्वास रूपी शिव का प्रकट होता है।
आचार्य ने कहा कि श्रद्धा और विश्वास एक दूसरे के पूरक हैं। किसी के प्रति श्रद्धा हो विश्वास ना हो तो अपना काम नहीं बन सकता। विश्वास हो और श्रद्धा ना हो तो भी काम बनने वाला नहीं। जब मनुष्य श्रद्धा और विश्वास अपने मन में बना ले तो कुछ भी संभव है। ठीक वैसे ही पार्वती श्रद्धा और शिव विश्वास हैं। जब तक श्रद्धा का विश्वास के साथ मिलन ना हो तब तक जीवात्मा का परमात्मा से मिलन नहीं हो सकता। संत ने श्रद्धा और विश्वास अर्थात पार्वती और भोलेनाथ का विवाह का प्रसंग सुनाया। शिव विवाह की कथा को भक्तों ने ध्यानमग्र होकर सुना। संत ने कहा कि वह काम हमें नहीं करना चाहिए जिसमें किसी को कष्ट हो। आरती में कमेटी के अध्यक्ष महेश चंद्र अगिनहोत्री, रानी तोमर, अरुण कुमार तोमर, राजीव तोमर, रामबाबू कुशवाहा, अशोक तोमर आदि भक्तजन शामिल हुए।
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