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रामवृक्ष यादव के डीएनए टेस्ट पर लगा ब्रेक
रामवृक्ष यादव के डीएनए टेस्ट पर लगा ब्रेक
Updated Tue, 11 Apr 2017 12:56 AM IST
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डीएनए टेस्ट लैब
- फोटो : Getty
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मथुरा के जवाहर बाग में दो जून 2016 की रात हुई हिंसा के मास्टरमाइंड रामवृक्ष यादव के शव के डीएनए टेस्ट पर बीच में ब्रेक लग गया है। इसकी वजह टेस्ट के लिए जरूरी महंगे रसायनों का खत्म होना बताया जा रहा है। लैब के पास केमिकल खरीदने के लिए बजट भी नहीं बचा है। अफसरों का कहना है कि प्रदेश सरकार नए वित्तीय वर्ष का बजट जारी करेगी, इसके बाद ही केमिकल खरीदे जाएंगे। तभी परीक्षण को पूरा किया जा सकेगा। इस रिपोर्ट पर उन तमाम अफसरों की नजरें लगी हैं जो सीबीआई जांच का सामना कर रहे हैं। लैब सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट चौंकाने वाली हो सकती है। अफसर फंस सकते हैं।
बता दें, जवाहर बाग हिंसा में मारे गए लोगों में से एक शव रामवृक्ष यादव का बताया गया था। डीजीपी तक ने दावा किया था कि हिंसा के दौरान रामवृक्ष भी मारा गया। लेकिन कोर्ट ने शनाख्त का वैज्ञानिक आधार पूछा था। रामवृक्ष के खिलाफ पहले से गैर जमानती वारंट जारी थे। पुलिस ने रिपोर्ट दी थी कि वह मर चुका है लेकिन कोर्ट ने डीएनए परीक्षण रिपोर्ट देने के लिए कहा था।
उधर रामवृक्ष के शव के पोस्टमार्टम के बाद डीएनए के लिए सैंपल ले लिया गया था। बाद में उसके बेटे विवेक यादव का डीएनए सैंपल लिया गया। दोनों को मिलान के लिए फोरेंसिक साइंस लैब लखनऊ भेजा गया। परीक्षण में लखनऊ और आगरा एफएसएल के वैज्ञानिक शामिल हैं। लगभग चार महीने पहले यह परीक्षण शुरू हुआ था। तीन महीने में पहली स्टेज पूरी हो गई। लेकिन पिछले एक महीने से टेस्ट पर ब्रेक लगा हुआ है।
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इस बारे में पूछे जाने पर लखनऊ लैब के डायरेक्टर डा. श्याम बिहारी उपाध्याय ने बताया कि डीएनए टेस्ट के लिए जरूरी केमिकल परीक्षण के दौरान ही समाप्त हो गए। यह केमिकल कम मात्रा में ही खरीदे जाते हैं। इसके चलते परीक्षण पूरा नहीं हो पाया है। अब जैसे ही प्रदेश सरकार बजट जारी करेगी, केमिकल खरीद लिए जाएंगे और परीक्षण पूरा कर लिया जाएगा। डीएनए परीक्षण महंगे केमिकल इस्तेमाल किए जाते हैं। तीन से चार लाख तक खर्च हो जाते हैं।
यह हो चुका -- रामवृक्ष के शव से लिए गए सैंपल और उसके बेटे विवेक यादव के ब्लड सैंपल से डीएनए रिकवर किया जा चुका है। इसमें लगभग दो महीने का समय लगा।
यह होना शेष -- अब दोनों के डीएनए का मिलान किया जाएगा। इसी से पता चलेगा कि शव रामवृक्ष यादव का ही था अथवा नहीं।
--। डीएनए मिलान की संभावना कम
आगरा। डीएनए टेस्ट से जुड़े एक वैज्ञानिक की मानें तो अनौपचारिक रूप से एक बार फौरी तौर पर परीक्षण करके देखा जा चुका है। इसमें रामवृक्ष के डीएनए से उसके बेटे विवेक के डीएनए का मिलान नहीं हुआ था। हालांकि इस टेस्ट में पूरी प्रक्रिया नहीं अपनाई गई थी। इसके बाद ही केमिकल खत्म हो गए थे। तब से टेस्ट रुका हुआ है। अगर डीएनए का मिलान नहीं होता है तो सीबीआई जांच का सामना कर रहे पुलिस अफसरों की मुश्किल और बढ़ जाएगी।
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बता दें, जवाहर बाग हिंसा में मारे गए लोगों में से एक शव रामवृक्ष यादव का बताया गया था। डीजीपी तक ने दावा किया था कि हिंसा के दौरान रामवृक्ष भी मारा गया। लेकिन कोर्ट ने शनाख्त का वैज्ञानिक आधार पूछा था। रामवृक्ष के खिलाफ पहले से गैर जमानती वारंट जारी थे। पुलिस ने रिपोर्ट दी थी कि वह मर चुका है लेकिन कोर्ट ने डीएनए परीक्षण रिपोर्ट देने के लिए कहा था।
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उधर रामवृक्ष के शव के पोस्टमार्टम के बाद डीएनए के लिए सैंपल ले लिया गया था। बाद में उसके बेटे विवेक यादव का डीएनए सैंपल लिया गया। दोनों को मिलान के लिए फोरेंसिक साइंस लैब लखनऊ भेजा गया। परीक्षण में लखनऊ और आगरा एफएसएल के वैज्ञानिक शामिल हैं। लगभग चार महीने पहले यह परीक्षण शुरू हुआ था। तीन महीने में पहली स्टेज पूरी हो गई। लेकिन पिछले एक महीने से टेस्ट पर ब्रेक लगा हुआ है।
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इस बारे में पूछे जाने पर लखनऊ लैब के डायरेक्टर डा. श्याम बिहारी उपाध्याय ने बताया कि डीएनए टेस्ट के लिए जरूरी केमिकल परीक्षण के दौरान ही समाप्त हो गए। यह केमिकल कम मात्रा में ही खरीदे जाते हैं। इसके चलते परीक्षण पूरा नहीं हो पाया है। अब जैसे ही प्रदेश सरकार बजट जारी करेगी, केमिकल खरीद लिए जाएंगे और परीक्षण पूरा कर लिया जाएगा। डीएनए परीक्षण महंगे केमिकल इस्तेमाल किए जाते हैं। तीन से चार लाख तक खर्च हो जाते हैं।
यह हो चुका -- रामवृक्ष के शव से लिए गए सैंपल और उसके बेटे विवेक यादव के ब्लड सैंपल से डीएनए रिकवर किया जा चुका है। इसमें लगभग दो महीने का समय लगा।
यह होना शेष -- अब दोनों के डीएनए का मिलान किया जाएगा। इसी से पता चलेगा कि शव रामवृक्ष यादव का ही था अथवा नहीं।
--। डीएनए मिलान की संभावना कम
आगरा। डीएनए टेस्ट से जुड़े एक वैज्ञानिक की मानें तो अनौपचारिक रूप से एक बार फौरी तौर पर परीक्षण करके देखा जा चुका है। इसमें रामवृक्ष के डीएनए से उसके बेटे विवेक के डीएनए का मिलान नहीं हुआ था। हालांकि इस टेस्ट में पूरी प्रक्रिया नहीं अपनाई गई थी। इसके बाद ही केमिकल खत्म हो गए थे। तब से टेस्ट रुका हुआ है। अगर डीएनए का मिलान नहीं होता है तो सीबीआई जांच का सामना कर रहे पुलिस अफसरों की मुश्किल और बढ़ जाएगी।