फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   milk s

फतेहाबाद में 300 लीटर सिंथेटिक दूध पकड़ा

Wed, 26 Apr 2017 12:55 AM IST
फतेहाबाद में 300 लीटर सिंथेटिक दूध पकड़ा
फतेहाबाद में 300 लीटर सिंथेटिक दूध पकड़ा Updated Wed, 26 Apr 2017 12:55 AM IST
विज्ञापन
milk s
फतेहाबाद में 300 लीटर सिंथेटिक दूध पकड़ा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने फतेहाबाद में दो लोगों को सिंथेटिक दूध बनाते हुए पकड़ा। यहां से 300 लीटर तैयार सिंथेटिक दूध, डिटरजेंट, रिफाइंड, केमिकल भारी मात्रा में बरामद हुआ। दो वाहन भी जब्त किए हैं। आठ सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। दोनों आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस के हवाले कर दिया है।
विज्ञापन

विभाग को सूचना मिली कि डौकी के गांव नरि निवासी डरेलाल पुत्र राम सिंह सिंथेटिक दूध बनाने का गोरखधंधा चलाता है। रैकी में जानकारी पुख्ता होने पर सहायक आयुक्त खाद्य विनीत यादव ने टीम बनाकर सुबह छापा मारा। यहां के हालात देखकर टीम दंग रह गई। डरेलाल और उसका साथी नरेश पुत्र अमर सिंह सिंथेटिक दूध बना रहे थे। पास में ही रिफाइंड, डिटरजेंट, केमिकल समेत अन्य सामग्री रखी हुई थी। टीम को देख ये लोग भागने लगे। टीम की सतर्कता के चलते इनको मौके पर ही दबोच लिया। निरीक्षण किया तो ड्रम में 300 लीटर सिंथेटिक दूध भरा हुआ था, जिसे टेंपो में लोडिंग की तैयारी थी। सैंपल लेने के बाद इसे मौके पर ही नष्ट कराया गया। यहां से 30 लीटर सोयाबीन रिफाइंड, 15 लीटर महुआ का तेल, 15 लीटर केमिकल, चार लीटर तरल डिटरजेंट, दो बोरे माल्टोज पाउडर और एक बोरा ग्लूकोज पाउडर बरामद किया। इन सभी के सैंपल लिए गए। सहायक आयुक्त खाद्य विनीत यादव ने बताया कि सिंथेटिक दूध बनाते हुए डरेलाल-नरेश को पकड़ा है। इन पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस को सौंप दिया है। 300 लीटर सिंथेटिक दूध, रिफाइंड, महुआ का तेल, डिटरजेंट, माल्टोज पाउडर, ग्लूकोज भारी मात्रा में बरामद हुआ है। सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। नकली दूध की बाहर सप्लाई के लिए खड़े बोलरो गांडी और लोडिंग टेंपो भी पकड़ा है। टीम में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी सर्वेश मिश्रा, मंडलीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी राकेश कुमार, खाद्य सहायक राजकुमार यादव, खाद्य सुरक्षा अधिकारी रामचंद्र, त्रिभुवन सिंह, श्वशांक सिंह और खाद्य अनुदेशक राजकुमार रहे।
विज्ञापन


महुआ का तेल, डिटरजेंट से बन रहा था नकली दूध
आगरा। डिटरजेंट और रिफाइंड मिलाकर सिंथेटिक दूध बनाया जाता होगा, लेकिन इसे और बेहतर बनाने के लिए कई तरह के केमिकल उपयोग किए जा रहे थे। एफएसडीए ने जब यहां छापा मारा तो रिफाइंड, ग्लूकोज, तरल डिटरजेंट, महुआ का तेल और एक अज्ञात केमिकल बरामद हुआ। आरोपियाें से पता चला कि इन सभी का तय औसत में मिश्रण करने से पहचान करना आसान नहीं है। प्रति एक लीटर की लागत करीब 10-15 रुपये थी। बाजार में इसकी बिक्री 30-40 रुपये प्रति लीटर थी। एफएसडीए की जांच में पता चला कि नकली दूध ऑन डिमांड तैयार किया जाता था। औसतन एक दिन में 1000-1500 लीटर सिंथेटिक दूध बनाया जा रहा था। सहालग में ये संख्या डिमांड के आधा पर बढ़ जाती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


डेयरी-चिलर प्लांट में होती सप्लाई
नकली दूध की खपत भी बड़ी चुनौती थी। इसके लिए बाकायदा वाहन भी लगे हुए थे। मौके पर बोलेरो और लोडिंग टेंपो मिला। ये आर्डर सप्लाई में उपयोग लाई जाती थीं। पूछताछ में पता चला कि नकली दूध के सबसे बड़े ग्राहक डेयरी और चिलर प्लांट थे। विभाग ने आरोपियों से ऐसे डेयरी और प्लांट के नाम प्राप्त किए हैं, जल्द इनके यहां भी छापामार कार्रवाई होगी।
 
लिवर, किड़नी, सांस रोग का खतरा
सिंथेटिक दूध बनाने में घातक केमिकल और अखाद्यय सामग्री इस्तेमाल की जाती है। इससे ये पूरे शरीर को नुकसान पहुंचाती है। पेट जनित बीमारियों में किडनी, लिवर की समस्या तो आम है ही, सांस रोगी-स्किल एलर्जी का खतरा भी अधिक रहता है। बच्चों के लिए ये सबसे ज्यादा नुकसानदेह है। बाल रोग विशेषज्ञ डा. जेएन टंडन ने बताया कि नकली दूध के इस्तेमाल से बच्चे के कुपोषित होने की खतरा बढ़ जाता है। धीरे-धीरे प्रतिरोधक क्षमता भी कम होने लगती है।

बीते साल दो बड़ी कार्रवाई
- फरवरी 2016 में दहतोरा में सिंथेटिक दूध बनाते हुए पकड़ा था। यहां भारी मात्रा में नकली दूध नष्ट कराया। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा जेल भेजा
- अगस्त 2016 में किरावली में चिलर प्लांट में छापा मारा था। यहां भी यूरिया-रिफाइंड आदि से मिलाकर नकली दूध बनाया जा रहा था। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया।


ड्रग विभाग के छापे से हड़कंप
आगरा। ड्रग विभाग की टीम ने नकली दवा की आशंका पर मंगलवार को फव्वारा स्थित दवा के थोक बाजार में छापा मारा। टीम को देखकर हड़कंप मच गया। कइयों ने दुकान बंद कर दी। टीम ने हेमंत मेडिकल स्टोर पर जांच की। विभाग को शिकायत मिली थी कि यहां इंजेक्शन सेसाजिड एक ग्राम का नकली बेचा जा रहा है। स्टोर और पास ही स्थित इसके दोनों गोदामों पर टीम ने जांच की, लेकिन इंजेक्शन बरामद नहीं हुआ। यहां से टीम ने सब स्टैंडर्ड की आशंका पर टैबलेट इंट्रोजिड, पैरासेफ और इंजेक्शन नेगाजिड के सैंपल लिए। सहायक आयुक्त औषधि पीके मोदी और ड्रग इंस्पेक्टर रमेश चंद्र ने बताया कि सेसाजिड नकली बेचने की शिकायत पर जांच की गई है। ये बरामद नहीं हुई। तीन दवाओं के सैंपल लिए हैं, जिसकी लैब में जांच कराई जाएगी। शिकायतकर्ता जिला महानगर केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशू शर्मा ने बताया कि मिलीभगत कर नकली दवा स्टोर और गोदाम से हटा दी गई है। पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के लिए डीएम से शिकायत की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed