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वाहन चेकिंग के दौरान दो सिपाहियों ने की थी ऐसी वारदात, अब जिंदगीभर रहेंगे सलाखों के पीछे

Tue, 24 Sep 2019 12:09 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 24 Sep 2019 12:09 AM IST
सार

22 सितंबर 2013 की रात हुई थी हत्या की वारदात
बाइक के कागजों के विवाद में मारी थी युवक को गोली 

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Court sentenced two policemen to life imprisonment for murder in mainpuri
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

मैनपुरी के थाना एलाऊ क्षेत्र में छह साल पहले हुई युवक की हत्या के मामले में सोमवार को अदालत ने दो सिपाहियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोषियों पर 31-31 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। 
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मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज तरुण कुमार सिंह की कोर्ट में हुई। गवाही के आधार पर दोनों को अनुज की हत्या करने का दोषी पाया गया। दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। उनको 31-31 हजार रुपये का जुर्माना भी अदा करना होगा। 
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यह था मामला

थाना कुर्रा के लेखराजपुर निवासी अनुज यादव 22 सितंबर 2013 की रात अपनी बहन की ससुराल रामनगर से अपने भाई रामकिशोर के साथ बाइक से गांव जा रहा था। जागीर पुलिस चौकी पर तैनात सिपाही ताहर सिंह निवासी नगला भोज थाना चौबिया जिला इटावा, सुधीर कुमार निवासी अहिंकारपुर थाना भरथना जिला इटावा ने उसको रोका। 
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बाइक के कागजों को लेकर हुए विवाद में सुधीर ने उसको गोली मार दी। अनुज की मौके पर ही मौत हो गई। रामकिशोर ने सिपाही ताहर सिंह और सुधीर कुमार सहित लेखराजपुर के मुकेश और मनोज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के दौरान मनोज और मुकेश को दोषी न पाकर उनका नाम निकाल दिया। सिपाही ताहर सिंह और सुधीर कुमार के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी थी। 

संपत्ति से होगी वसूली

युवक की हत्या के आरोपी सिपाहियों पर 31-31 हजार रुपये का जुर्माना देना होगा। अपर जिला जज ने आदेश में लिखा है जुर्माना नहीं देने पर इसकी धनराशि उनकी संपत्ति से राजस्व की तरह वसूल की जाएगी। 

फूंक दी थी पुलिस चौकी

अनुज की हत्या के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने जागीर में जमकर बवाल किया था। उनका रुख देख चौकी पर तैनात सिपाही वहां से भाग गए थे। ग्रामीणों ने जागीर चौकी पर पहुंचकर चौकी को आग के हवाले कर दिया था।

सीएम ने दी थी आर्थिक सहायता

घटना के कुछ दिन बाद गांव पहुंचे तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी थी। ग्रामीणों के खिलाफ चौकी फूंकने वाले मुकदमे को सरकार ने वापस ले लिया था। 

जेल में रहकर लड़ा मुकदमा

अनुज की हत्या के आरोपी सुधीर कुमार की किसी भी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हो सकी। उसको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लडना पड़ा। ताहर सिंह उर्फ दद्दू की जमानत मुकदमे की सुनवाई केे दौरान मंजूर हो गई। उसने जेल से बाहर रहकर ही पूरा मुकदमा लड़ा। 
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