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अस्पताल के बाहर प्रसव मामले में मांगा स्पष्टीकरण
Updated Tue, 12 Jun 2018 10:48 PM IST
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मैनपुरी। जिला अस्पताल परिसर में सोमवार को हुए प्रसव के मामले की जानकारी होते हुए सीएमएस ने ड्यूटी पर तैनात स्टाफ से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही कहा है कि जांच में लापरवाही सही मिली तो कार्रवाई की जाएगी। वहीं परिजनों ने डॉक्टर पर प्रसव की सही जानकारी नहीं देने का आरोप भी लगाया गया है। हालांकि रात के समय ड्यूटी पर तैनात स्टाफ पर कार्रवाई होने के संकेत भी मिल रहे हैं।
नगर के मोहल्ला भरतवाल निवासी मनोज कुमार की पत्नी सुनीता देवी का प्रसव जिला अस्पताल परिसर में सोमवार को हो गया था। जानकारी होने पर सीएमएस ने तैनात स्टाफ से स्पष्टीकरण मांगा है। प्रसूता के पति मनोज ने सीएमएस को बताया कि पत्नी को लेकर रविवार रात अस्पताल आया था। यहां तैनात स्टाफ ने कुछ दवाइयां दीं और कहा कि अभी प्रसव का समय नहीं हुआ है।
दिन में आकर जांच करा लेना। मनोज का कहना है कि उसकी पत्नी को सोमवार सुबह प्रसव पीड़ा हुई जब तक वह अस्पताल लेकर पहुंचता तो जिला अस्पताल के गेट के अंदर ही उसका प्रसव हो गया। मनोज ने अस्पताल के स्टाफ पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया है। प्रसव की जानकारी मिलते ही जच्चा और बच्चा को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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वहीं प्रसव पीड़िता को परिजन बिना बताए ही अस्पताल से घर लेकर चले गए। सीएमएस ने इसकी निजी स्तर से जांच भी कराई है। जांच के दौरान पाया गया है कि परिजन उसे घर से देरी से लेकर चले थे। इसके चलते अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसका प्रसव हो गया। रात में लाने वाली बात की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है।
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नगर के मोहल्ला भरतवाल निवासी मनोज कुमार की पत्नी सुनीता देवी का प्रसव जिला अस्पताल परिसर में सोमवार को हो गया था। जानकारी होने पर सीएमएस ने तैनात स्टाफ से स्पष्टीकरण मांगा है। प्रसूता के पति मनोज ने सीएमएस को बताया कि पत्नी को लेकर रविवार रात अस्पताल आया था। यहां तैनात स्टाफ ने कुछ दवाइयां दीं और कहा कि अभी प्रसव का समय नहीं हुआ है।
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दिन में आकर जांच करा लेना। मनोज का कहना है कि उसकी पत्नी को सोमवार सुबह प्रसव पीड़ा हुई जब तक वह अस्पताल लेकर पहुंचता तो जिला अस्पताल के गेट के अंदर ही उसका प्रसव हो गया। मनोज ने अस्पताल के स्टाफ पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया है। प्रसव की जानकारी मिलते ही जच्चा और बच्चा को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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वहीं प्रसव पीड़िता को परिजन बिना बताए ही अस्पताल से घर लेकर चले गए। सीएमएस ने इसकी निजी स्तर से जांच भी कराई है। जांच के दौरान पाया गया है कि परिजन उसे घर से देरी से लेकर चले थे। इसके चलते अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसका प्रसव हो गया। रात में लाने वाली बात की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है।