{"_id":"409f6107f23ac74ad7101d846a58fa12","slug":"11-arrested-after-maghtai-ruction-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस पर हमले में प्रधान समेत 11 गिरफ्तार ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पुलिस पर हमले में प्रधान समेत 11 गिरफ्तार
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Thu, 06 Aug 2015 01:50 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मघटई गांव में पुलिसकर्मियों पर हमला और आगजनी के मामले में ग्राम प्रधान सहित 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से सभी को जेल भेज दिया। पुलिस का कहना है कि जीप में रखा सामान भी लूट लिया गया। इसलिए लूट, बलवा, हमला, आगजनी, सरकारी कार्य में बाधा सहित सेवन क्रिमिनल लॉ एक्ट में मुकदमा दर्ज किया है।
बिचपुरी चौकी इंचार्ज सत्येंद्र सिंह ने बताया है कि वारंटी की गिरफ्तारी के दौरान भीड़ ने पुलिस पर हमला बोल दिया। जीप में रखा हेलमेट, टार्च और सरकारी डायरी लूट ली। इसके बाद मारपीट, पथराव, आगजनी की। मुकदमे मेें 18 लोग नामजद और 50-60 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने कोमल सिंह, विजेंद्र, हाकिम, कैलाशी, योगेश, गुड्डू, प्रदीप, प्रधान जय सिंह, शैलेंद्र, वासुदेव और राकेश को गिरफ्तार किया है। फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। अज्ञात हमलावरों की जानकारी के लिए गांव में खुफिया पुलिस का जाल बिछा दिया है।
खाक में मिल गई खाकी की साख
आगरा। पुलिस पर लगातार बढ़ते हमले तमाम सवाल खड़े कर रहे हैं। कभी खाकी का जो बुलंद इकबाल हुआ करता था, वो अब मिट्टी में क्यों मिलता जा रहा है? पुलिस कहीं मुल्जिम पकड़ने जाती है, तो हमला हो जाता है। कहीं अपराधी को छुड़ाने के लिए पुलिस पर हमला कर दिया जाता है। गौर से देखा जाए तो पुलिस की साख के खाक में मिलते जाने की वजह अफसरों का ढीला रवैया ही है। वाजिरपुरा में हुए हमले में रिपोर्ट पुलिस ने दर्ज कराई थी। पांच सिपाही घायल हुए थे। धाराएं संगीन थीं, पथराव और फायरिंग हुई थी, लेकिन सियासी दखल होते ही पुलिस अफसर बैकफुट पर आ गए। जिन लोगों को गिरफ्तार किया, उन्हें जेल से रिहा कराने के लिए कोर्ट में दरखास्त की। दूसरी कमी रही है, मुल्जिम की गिरफ्तारी के लिए सही तरीका न अपनाया जाना। क्राइम ब्रांच में स्पेशल वेपन्स एंड टेक्टिस (स्वाट ) का गठन सिर्फ मुल्जिमों की गिरफ्तारी के लिए किया गया। इसके बावजूद थाना पुलिस दबिश में जाते समय स्वाट की मदद नहीं लेती।
विज्ञापन
गर्भवती की हालत बिगड़ी
गांव के शिवराज के घर में भी पुलिस ने तोड़फोड़ की। आरोप है कि दरवाजे नहीं खोलने पर गालीगलौज की। इस पर सभी लोग घर छोड़कर भाग गए। बेटे रवि की पत्नी तीन महीने की गर्भवती है। उसकी हालत बिगड़ गई। रात में उसे परिवारीजनों ने किसी तरह संभाला। पुलिस के डर से मायके भेज दिया।
बिजलीवालों को भी पीट चुके हैं आरोपी
आगरा। हमले के आरोपी कोमल सिंह के परिवार के लोगों के प्रति ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना था कि एक परिवार की करनी की सजा पूरे गांव का भुगतनी पड़ रही है। वारंटी महिला मिथलेश तो बात-बात में धमकी देती है। कोमल सिंह के बेटे चंदन और योगेश दबंग हैं। इनके घर के सामने ट्रांसफार्मर लगा हुआ है। वे इसे यहां से हटवाना चाहते हैं। इसको लेकर ग्रामीणों ने विरोध किया तो वे मारपीट पर आमादा हो गए। इसको लेकर जब विद्युत विभाग के लोग पहुंचे तो उन्हें भी पीट दिया था। तब से ज्यादातर ग्रामीणों ने इस परिवार से वास्ता खत्म कर दिया है।
दो दिन पहले खाली हाथ लौटी थी पुलिस
ग्रामीणों ने बताया कि जगदीशपुरा पुलिस ने दो दिन पहले भी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी थी, लेकिन तब आरोपी छतों से कूदकर पुलिस के सामने ही भाग निकले थे। पुलिस गाली गलौज करके लौट गई थी।
पुलिसकर्मियों को बंधक बनाने
के बाद किया था हमला
गांव वालों ने बताया कि आरोपी के घर दबिश देने पहुंचे चार पुलिसकर्मियों और दरोगा पर छत से पथराव किया गया था। इसके बाद मारपीट करके दो सिपाहियों को बंधक बनाया था। उनकी राइफल छीनने की कोशिश की गई थी। पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों से मदद की गुहार लगाई मगर कोई उन्हें बचाने नहीं पहुंचा था। इसके चलते ही पुलिस का गुस्सा भड़क गया।
पुलिस की कार्रवाई से भड़के भाजपाई
आगरा। जगदीशपुरा के गांव मघटई में मंगलवार रात को पुलिस कार्रवाई का भाजपा नेताओं ने विरोध किया है। बुधवार को गांव में पहुंचकर ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली। इसके बाद जांच की मांग को लेकर भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने आईजी से मुलाकात की।
भाजपा के राष्ट्रीय सहसंयोजक शिवशंकर शर्मा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने आईजी डीसी मिश्र से मुलाकात की। भाजपा नेता ने कहा कि पुलिस ने रात में दबिश देकर ग्रामीणों के घर के दरवाजे तोड़ दिए। बिना महिला पुलिस कर्मियों के घरों में घुसी। महिलाओं के साथ भी मारपीट की गई। तोड़फोड़ भी की गई। पुलिस पर हमले से गांव के अन्य लोगों का कोई लेना-देना नहीं था। वारंटी और उनके परिवार के लोगों ने पुलिस पर हमला बोला था। बलवाइयों को चिह्नित करके कार्रवाई की जानी चाहिए। निर्दोष का उत्पीड़न न हो। भारतीय किसान संघ संयोजक मोहन सिंह चाहर ने कहा कि ग्राम प्रधान चौ. जय सिंह सहित पुलिस ने जिन ग्रामीणों को मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा है वे निर्दोष हैं। पुलिस कार्रवाई की निंदा की।
आईजी ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। भाजपा नेताओं ने कहा कि अगर, ग्रामीणों के साथ न्याय नहीं होता है कि भाजपा सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होगी। प्रतिनिधिमंडल में त्रिलोकी नाथ शर्मा, सुधीर गोयल, पार्षद डा. ऋचा शर्मा, दीपक अग्रवाल, वीरेंद्र अग्रवाल, अजय अग्रवाल, मोहन सिंह चाहर, कमल सिंह सहित ग्रामीण शामिल थे।
मघटई गांव में पुलिस पर हमला करने वाले वारंटी के परिवार के साथ आसपास के लोग भी शामिल थे। पुलिस पर गिरफ्तारी करने पर तोड़फोड़ का आरोप लगा रहे हैं। 11 लोगों की गिरफ्तारी की गई है। अन्य की तलाश की जा रही है। बदसलूकी के आरोप गलत हैं।
- राजेश कुमार सिंह, एसपी सिटी
विज्ञापन
बिचपुरी चौकी इंचार्ज सत्येंद्र सिंह ने बताया है कि वारंटी की गिरफ्तारी के दौरान भीड़ ने पुलिस पर हमला बोल दिया। जीप में रखा हेलमेट, टार्च और सरकारी डायरी लूट ली। इसके बाद मारपीट, पथराव, आगजनी की। मुकदमे मेें 18 लोग नामजद और 50-60 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने कोमल सिंह, विजेंद्र, हाकिम, कैलाशी, योगेश, गुड्डू, प्रदीप, प्रधान जय सिंह, शैलेंद्र, वासुदेव और राकेश को गिरफ्तार किया है। फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। अज्ञात हमलावरों की जानकारी के लिए गांव में खुफिया पुलिस का जाल बिछा दिया है।
विज्ञापन
खाक में मिल गई खाकी की साख
आगरा। पुलिस पर लगातार बढ़ते हमले तमाम सवाल खड़े कर रहे हैं। कभी खाकी का जो बुलंद इकबाल हुआ करता था, वो अब मिट्टी में क्यों मिलता जा रहा है? पुलिस कहीं मुल्जिम पकड़ने जाती है, तो हमला हो जाता है। कहीं अपराधी को छुड़ाने के लिए पुलिस पर हमला कर दिया जाता है। गौर से देखा जाए तो पुलिस की साख के खाक में मिलते जाने की वजह अफसरों का ढीला रवैया ही है। वाजिरपुरा में हुए हमले में रिपोर्ट पुलिस ने दर्ज कराई थी। पांच सिपाही घायल हुए थे। धाराएं संगीन थीं, पथराव और फायरिंग हुई थी, लेकिन सियासी दखल होते ही पुलिस अफसर बैकफुट पर आ गए। जिन लोगों को गिरफ्तार किया, उन्हें जेल से रिहा कराने के लिए कोर्ट में दरखास्त की। दूसरी कमी रही है, मुल्जिम की गिरफ्तारी के लिए सही तरीका न अपनाया जाना। क्राइम ब्रांच में स्पेशल वेपन्स एंड टेक्टिस (स्वाट ) का गठन सिर्फ मुल्जिमों की गिरफ्तारी के लिए किया गया। इसके बावजूद थाना पुलिस दबिश में जाते समय स्वाट की मदद नहीं लेती।
विज्ञापन
गर्भवती की हालत बिगड़ी
गांव के शिवराज के घर में भी पुलिस ने तोड़फोड़ की। आरोप है कि दरवाजे नहीं खोलने पर गालीगलौज की। इस पर सभी लोग घर छोड़कर भाग गए। बेटे रवि की पत्नी तीन महीने की गर्भवती है। उसकी हालत बिगड़ गई। रात में उसे परिवारीजनों ने किसी तरह संभाला। पुलिस के डर से मायके भेज दिया।
बिजलीवालों को भी पीट चुके हैं आरोपी
आगरा। हमले के आरोपी कोमल सिंह के परिवार के लोगों के प्रति ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना था कि एक परिवार की करनी की सजा पूरे गांव का भुगतनी पड़ रही है। वारंटी महिला मिथलेश तो बात-बात में धमकी देती है। कोमल सिंह के बेटे चंदन और योगेश दबंग हैं। इनके घर के सामने ट्रांसफार्मर लगा हुआ है। वे इसे यहां से हटवाना चाहते हैं। इसको लेकर ग्रामीणों ने विरोध किया तो वे मारपीट पर आमादा हो गए। इसको लेकर जब विद्युत विभाग के लोग पहुंचे तो उन्हें भी पीट दिया था। तब से ज्यादातर ग्रामीणों ने इस परिवार से वास्ता खत्म कर दिया है।
दो दिन पहले खाली हाथ लौटी थी पुलिस
ग्रामीणों ने बताया कि जगदीशपुरा पुलिस ने दो दिन पहले भी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी थी, लेकिन तब आरोपी छतों से कूदकर पुलिस के सामने ही भाग निकले थे। पुलिस गाली गलौज करके लौट गई थी।
पुलिसकर्मियों को बंधक बनाने
के बाद किया था हमला
गांव वालों ने बताया कि आरोपी के घर दबिश देने पहुंचे चार पुलिसकर्मियों और दरोगा पर छत से पथराव किया गया था। इसके बाद मारपीट करके दो सिपाहियों को बंधक बनाया था। उनकी राइफल छीनने की कोशिश की गई थी। पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों से मदद की गुहार लगाई मगर कोई उन्हें बचाने नहीं पहुंचा था। इसके चलते ही पुलिस का गुस्सा भड़क गया।
पुलिस की कार्रवाई से भड़के भाजपाई
आगरा। जगदीशपुरा के गांव मघटई में मंगलवार रात को पुलिस कार्रवाई का भाजपा नेताओं ने विरोध किया है। बुधवार को गांव में पहुंचकर ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली। इसके बाद जांच की मांग को लेकर भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने आईजी से मुलाकात की।
भाजपा के राष्ट्रीय सहसंयोजक शिवशंकर शर्मा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने आईजी डीसी मिश्र से मुलाकात की। भाजपा नेता ने कहा कि पुलिस ने रात में दबिश देकर ग्रामीणों के घर के दरवाजे तोड़ दिए। बिना महिला पुलिस कर्मियों के घरों में घुसी। महिलाओं के साथ भी मारपीट की गई। तोड़फोड़ भी की गई। पुलिस पर हमले से गांव के अन्य लोगों का कोई लेना-देना नहीं था। वारंटी और उनके परिवार के लोगों ने पुलिस पर हमला बोला था। बलवाइयों को चिह्नित करके कार्रवाई की जानी चाहिए। निर्दोष का उत्पीड़न न हो। भारतीय किसान संघ संयोजक मोहन सिंह चाहर ने कहा कि ग्राम प्रधान चौ. जय सिंह सहित पुलिस ने जिन ग्रामीणों को मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा है वे निर्दोष हैं। पुलिस कार्रवाई की निंदा की।
आईजी ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। भाजपा नेताओं ने कहा कि अगर, ग्रामीणों के साथ न्याय नहीं होता है कि भाजपा सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होगी। प्रतिनिधिमंडल में त्रिलोकी नाथ शर्मा, सुधीर गोयल, पार्षद डा. ऋचा शर्मा, दीपक अग्रवाल, वीरेंद्र अग्रवाल, अजय अग्रवाल, मोहन सिंह चाहर, कमल सिंह सहित ग्रामीण शामिल थे।
मघटई गांव में पुलिस पर हमला करने वाले वारंटी के परिवार के साथ आसपास के लोग भी शामिल थे। पुलिस पर गिरफ्तारी करने पर तोड़फोड़ का आरोप लगा रहे हैं। 11 लोगों की गिरफ्तारी की गई है। अन्य की तलाश की जा रही है। बदसलूकी के आरोप गलत हैं।
- राजेश कुमार सिंह, एसपी सिटी