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Srinagar News: श्रीनगर सेंट्रल जेल से दीवार फांदकर फरार हुए दो कैदी राजस्थान से गिरफ्तार
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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर की उच्च सुरक्षा वाली सेंट्रल जेल से सुरक्षा घेरा तोड़कर और दीवार फांदकर फरार हुए दो कैदियों को जम्मू-कश्मीर और राजस्थान पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने महज तीन दिनों के भीतर दोनों भगोड़ों को राजस्थान के चूरू जिले के राजगढ़ इलाके से धर दबोचा।
यह सनसनीखेज घटना 23 अगस्त को सामने आई थी, जब पॉक्सो मामले में बंद दोनों आरोपी सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर और जेल की ऊंची दीवार फांदकर भागने में सफल रहे थे। घटना के तुरंत बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आरोपियों की धरपकड़ के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया गया।
अधिकारियों के अनुसार फारमान खान (सदनपोरा राजस्थान) को 23 जून को जेल में दाखिल किया गया था। उसके खिलाफ गांदरबल जिले के लार पुलिस स्टेशन में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के अलावा पोक्सो एक्ट की धारा 3 और 4 के तहत एफआईआर दर्ज है। वहीं, मुख्तार अहमद गुज्जर (चित्तरगुल अनंतनाग) को 13 अप्रैल को सेंट्रल जेल में रखा गया था। उसके खिलाफ श्रीनगर के सौवरा पुलिस स्टेशन में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के अलावा पोक्सो एक्ट की धारा 3 और 4 के तहत अलग एफआईआर दर्ज है।
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बता दें कि उनके फरार होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों फरार कैदियों के खिलाफ तुरंत लुकआउट नोटिस जारी किया और उनकी तस्वीरों व विवरण को सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित कर दिया, ताकि आम जनता और अन्य राज्यों की पुलिस से भी मदद मिल सके। इसके साथ ही श्रीनगर पुलिस ने तकनीकी निगरानी और खुफिया सूत्रों को सक्रिय कर दिया।
लगातार ट्रैकिंग और तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस को सूचना मिली कि दोनों आरोपी राजस्थान में छिपे हुए हैं। श्रीनगर पुलिस ने फौरन राजस्थान पुलिस से संपर्क साधा और चूरू जिले के राजगढ़ में छापेमारी कर दोनों को हिरासत में ले लिया।
श्रीनगर पुलिस की विशेष टीमें कागजी कार्रवाई पूरी करने और दोनों आरोपियों को वापस श्रीनगर लाने के लिए राजस्थान रवाना हो चुकी हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने दोनों राज्यों की पुलिस के त्वरित समन्वय की सराहना करते हुए कहा कि घटना के तीन दिन के भीतर दोनों आरोपियों को इतनी दूर से ट्रेस कर गिरफ्तार करना पुलिस की एक बड़ी कामयाबी है।
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यह सनसनीखेज घटना 23 अगस्त को सामने आई थी, जब पॉक्सो मामले में बंद दोनों आरोपी सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर और जेल की ऊंची दीवार फांदकर भागने में सफल रहे थे। घटना के तुरंत बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आरोपियों की धरपकड़ के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया गया।
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अधिकारियों के अनुसार फारमान खान (सदनपोरा राजस्थान) को 23 जून को जेल में दाखिल किया गया था। उसके खिलाफ गांदरबल जिले के लार पुलिस स्टेशन में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के अलावा पोक्सो एक्ट की धारा 3 और 4 के तहत एफआईआर दर्ज है। वहीं, मुख्तार अहमद गुज्जर (चित्तरगुल अनंतनाग) को 13 अप्रैल को सेंट्रल जेल में रखा गया था। उसके खिलाफ श्रीनगर के सौवरा पुलिस स्टेशन में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के अलावा पोक्सो एक्ट की धारा 3 और 4 के तहत अलग एफआईआर दर्ज है।
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बता दें कि उनके फरार होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों फरार कैदियों के खिलाफ तुरंत लुकआउट नोटिस जारी किया और उनकी तस्वीरों व विवरण को सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित कर दिया, ताकि आम जनता और अन्य राज्यों की पुलिस से भी मदद मिल सके। इसके साथ ही श्रीनगर पुलिस ने तकनीकी निगरानी और खुफिया सूत्रों को सक्रिय कर दिया।
लगातार ट्रैकिंग और तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस को सूचना मिली कि दोनों आरोपी राजस्थान में छिपे हुए हैं। श्रीनगर पुलिस ने फौरन राजस्थान पुलिस से संपर्क साधा और चूरू जिले के राजगढ़ में छापेमारी कर दोनों को हिरासत में ले लिया।
श्रीनगर पुलिस की विशेष टीमें कागजी कार्रवाई पूरी करने और दोनों आरोपियों को वापस श्रीनगर लाने के लिए राजस्थान रवाना हो चुकी हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने दोनों राज्यों की पुलिस के त्वरित समन्वय की सराहना करते हुए कहा कि घटना के तीन दिन के भीतर दोनों आरोपियों को इतनी दूर से ट्रेस कर गिरफ्तार करना पुलिस की एक बड़ी कामयाबी है।