Mainpuri News: मुख्यमंत्री योगी ने मांगी देव स्मारक की रिपोर्ट, अभिलेख खंगालने में जुटे अफसर
मुख्यमंत्री के रिपोर्ट मांगने के बाद अफसर देव स्मारक से जुड़ी फाइलें खोजने में जुट गए हैं। अब तक कोई ठोस जानकारी तो प्रशासन के हाथ नहीं लगी है, लेकिन इतना जरूर पता चला है कि इसके संचालन के लिए समिति गठित थी।
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सात दशक पहले 1953 में कुसमरा में महाकवि देव के स्मारक का निर्माण हुआ था। निर्माण भवन पर भी ये तारीख अंकित है। लोकार्पण न होने के चलते आज तक ये भवन गुमनाम ही रहा। महाकवि देव की स्मृतियां भी धीरे-धीरे गुमनाम होती चली गईं। 14 सितंबर को अमर उजाला ने इस बदहाली को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। अमर उजाला की खबर पर ही संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने मामले की रिपोर्ट मांगी है।
फाइलें खंगालने में जुटे अफसर
मुख्यमंत्री के रिपोर्ट मांगने के बाद अफसर देव स्मारक से जुड़ी फाइलें खोजने में जुट गए हैं। अब तक कोई ठोस जानकारी तो प्रशासन के हाथ नहीं लगी है, लेकिन इतना जरूर पता चला है कि इसके संचालन के लिए समिति गठित थी। इस समिति में डीएम अध्यक्ष और डीआईओएस उपाध्यक्ष थे। इसके बाद अब जिला विद्यालय निरीक्षक को ही अभिलेखों की जानकारी का जिम्मा सौंपा गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय जानकारी के प्रयास में जुटा है।Amar Ujala Impact: मैनपुरी में महाकवि देव स्मारक की बदहाली पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने मांगी रिपोर्ट
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने कराया था जीर्णोद्धार
वर्ष 2012 में बनी सपा सरकार ने अगले ही साल इस महाकवि देव स्मारक का जीर्णोद्धार कराया था। जानकारी के अनुसार इसके लिए 14 लाख रुपये की धनराशि दी गई थी। इस धनराशि से ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने जीर्णोद्धार का कार्य कराया था। इसके चलते ग्रामीण अभियंत्रण विभाग से भी जानकारी मांगी गई है।मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि देव स्मारक के संबंध में जानकारी की जा रही है। जिला विद्यालय निरीक्षक को इसके लिए पत्र भेजा गया है। जल्द ही जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा अभिलेख उपलब्ध कराए जाएंगे। जो भी प्रशासन द्वारा देव स्मारक के लिए संभव होगा किया जाएगा।