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Amar Ujala Impact: मैनपुरी में महाकवि देव स्मारक की बदहाली पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने मांगी रिपोर्ट
Sat, 24 Sep 2022 03:51 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Published by: आगरा ब्यूरो
Updated Sat, 24 Sep 2022 03:51 PM IST
सार
कुसमरा में महाकवि देव के स्मारक की बदहाली की खबर का संज्ञान मुख्यमंत्री कार्यालय से लिया गया है । रीतिकाल के प्रसिद्ध महाकवि देव कुसमरा में पैदा हुए थे। उनका स्मारक बदहाल स्थिति में है।
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कुसमरा में स्थित महाकवि देव का स्मारक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मैनपुरी के कुसमरा में महाकवि देव के स्मारक की बदहाली की खबर का संज्ञान मुख्यमंत्री कार्यालय से लिया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने मंडलायुक्त आगरा मंडल अमित गुप्ता से मामले में तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है। मंडलायुक्त ने जिलाधिकारी मैनपुरी को तत्काल रिपोर्ट उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय से रिपोर्ट मांगे जाने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। उम्मीद है कि जल्द ही महाकवि देव स्मारक के दिन बहुरेंगे।
रीतिकाल के प्रसिद्ध महाकवि देव कुसमरा में पैदा हुए थे। यहीं उन्होंने कई ग्रंथों की रचना भी की। उनकी स्मृति में 1953 में एक स्मारक कुसमरा में बनवाया गया था। इसमें महाकवि देव की रचनाएं भी रखवाई गईं। लेकिन 69 सालों में इसका लोकार्पण नहीं हो सका। इसके चलते धीरे-धीरे ये बदहाल हो गया। अमर उजाला ने हिंदी दिवस पर महाकवि देव स्मारक की बदहाली की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस खबर का मुख्यमंत्री कार्यालय ने लिया है।
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रीतिकाल के प्रसिद्ध महाकवि देव कुसमरा में पैदा हुए थे। यहीं उन्होंने कई ग्रंथों की रचना भी की। उनकी स्मृति में 1953 में एक स्मारक कुसमरा में बनवाया गया था। इसमें महाकवि देव की रचनाएं भी रखवाई गईं। लेकिन 69 सालों में इसका लोकार्पण नहीं हो सका। इसके चलते धीरे-धीरे ये बदहाल हो गया। अमर उजाला ने हिंदी दिवस पर महाकवि देव स्मारक की बदहाली की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस खबर का मुख्यमंत्री कार्यालय ने लिया है।
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दो बार पहुंच चुकी है टीम
अमर उजाला पर खबर प्रकाशित होने के बाद बीते एक सप्ताह में दो बार अधिकारियों की टीम कुसमरा में बने महाकवि देव के स्मारक पर पहुंच चुकी है। पहली बार एसडीएम किशनी आरएन वर्मा 16 सितंबर को महाकवि देव स्मारक पर अधिशासी अधिकारी अभय रंजन के साथ पहुंचे थे। इसके बाद 21 सितंबर को अधिशासी अधिकारी अभय रंजन और राजस्व विभाग की टीम पहुंची थी।
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