आगरा के दयालबाग स्थित पुष्पांजलि सीजन निवासी निजी कंपनी के मैनेजर प्रकाश पेरवानी शुक्रवार रात को शादी समारोह से लौटते समय कार सहित लापता हो गए थे। सोमवार को उनकी कार यमुना में मिली थी। 24 घंटे की मशक्कत के बाद मंगलवार दोपहर को पीएसी के गोताखोर और मछुआरों ने कार को रस्सों और कांटों की सहायता से निकाल लिया, लेकिन वो खाली ही थी। इससे पुलिस के साथ ही परिवार के लोग परेशान हैं। कार मिल गई तो मैनेजर कहां चले गए, यह सवाल ही बना हुआ है। पुलिस उनके कार सहित यमुना में डूबने की आशंका जाहिर कर रही है।
यमुना में मिली लापता मैनेजर की कारः पांच दिन पहले शादी में शामिल होने गए थे, फिर नहीं लौटे, रहस्य बरकरार
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...और शीशा खोलकर बाहर निकले, कार में ही रह गई कैप
यमुना में जिस जगह पर मैनेजर की कार फंसी हुई थी, वहां पर पानी 15 फुट तक गहरा है। पानी का बहाव भी तेज है। कार बाहर आई तो खाली थी। अब पुलिस उलझन में है, प्रकाश पेरवानी कहां चले गए। कार का एक शीशा पहले से खुला था। उनके कार से बाहर आने के बाद पानी में बहने की आशंका है। इसलिए जाल डालकर फिर से तलाश कराई जाएगी।
पुलिस ने बताया कि कार को कांटों में फंसाकर रस्सों को ट्रैक्टर में बांधकर खींचा गया था। इससे वो बाहर आ गई। पहले लग रहा था कि कार में प्रकाश पेरवानी होंगे। कांटे फंसाने के लिए कार के पिछले और चालक सीट के शीशे को तोड़ा गया था। लेकिन, कार का चालक सीट के बराबर की सीट का शीशा पहले से खुला था। कार के पीछे बूट स्पेस में प्रकाश पेरवानी की कैप पड़ी हुई थी। कार में प्लास्टिक की बोतल भरी मिली। इसके अलावा कुछ नहीं था। चाबी भी लगी थी। चारों गेट लॉक थे।
हादसे की आशंका जाहिर कर रहे हालात
थाना न्यू आगरा के प्रभारी निरीक्षक विजय विक्रम सिंह ने बताया कि हालात हादसे की आशंका जाहिर कर रहे हैं। घटना वाले दिन कोहरा अधिक था। राजश्री एस्टेट के पास वाले रास्ते पर यमुना का किनारा है। प्रकाश पेरवानी को मुडऩा दायीं तरफ था, लेकिन कोहरे की वजह से बायीं तरफ चले गए। यहां से खाली जगह से होते हुए यमुना में जा सकते है। वह हादसे का शिकार हो गए होंगे।
उन्होंने कार के पानी में जाने के बाद बचने की कोशिश की थी। कार के हालात बता रहे हैं कि उन्होंने चालक सीट के बगल का शीशा खोला होगा। इस दौरान उनकी कैप वहीं गिर गई। पानी भरने की वजह से बाहर आ गए होंगे। लेकिन, तेज बहाव की वजह से बह गए। उनकी तलाश की जा रही है, आसपास के थानों में वायरलेस कराया गया है। देखा जा रहा कि यमुना में कोई व्यक्ति पड़ा तो नहीं मिला। अब जाल डालकर भी उनकी तलाश की जाएगी।
कार देखने के लिए गांव के लोगों की भीड़ जुट गई
राजश्री एस्टेट के पास यमुना में कार गिरने की जानकारी पर मंगलवार को बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। पहले कार नहीं निकली थी। गोताखोर सिर्फ कांटा फंसाने में लगे हुए थे। बाद में कार बाहर आ गई। लोग कार के अंदर का दृश्य देखना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने भीड़ को दूर कर दिया। बाद में कार को देखा गया, वह खाली थी। लोग यही कह रहे थे कि कार सवार कहां गया। पुलिस भी असमंजस की स्थिति में थी।
मां को नहीं पढ़ने दी समाचार पत्र में प्रकाशित खबर
तीन भाइयों में छोटे थे। बड़े भाई जगदीश दिल्ली में सरकारी विभाग में हैं। मझले भाई सुरेश बहरीन में रहते हैं। प्रकाश की पत्नी अलग रहती हैं। परिवार के लोगों ने बताया कि प्रकाश पेरवानी अपनी मां के साथ रह रहे थे। मां बेटे के ड्यूटी से घर आने पर ही खाना खाती थी। शुक्रवार को बेटे के इंतजार में रातभर जागती रही। अब जब वो वापस नहीं आया तो परेशान हैं। रिश्तेदार उन्हें संभाल रहे हैं। मंगलवार को उनके लापता होने की खबर समाचार पत्रों में आई थी। मां रोजाना अखबार पढ़ती हैं। मां को उनके यमुना में डूबने का पता नहीं चले, इसके लिए परिजन ने उन्हें समाचार पत्र का वो पेज नहीं दिया, जिसमें खबर छपी थीं। मां बार-बार बेटे को पूछ रही हैं।
इन सवालों के जवाब मिलना शेष
- कार से बाहर आए तो प्रकाश पेरवानी कहां चले गए ?
- आखिर हादसे की वजह कोहरा ही था या कुछ और ?