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चादर पर खून के निशान, चिकित्सक लापता: सरकारी ट्राॅमा सेंटर का ऐसा हाल, भड़क उठे तीमारदार; कर दिया हंगामा
Mon, 07 Sep 2026 07:59 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Published by: Arun Parashar
Updated Mon, 07 Sep 2026 07:59 PM IST
सार
परिजन खुद स्ट्रेचर की व्यवस्था कर मरीज को वार्ड तक ले गए। वहां वार्ड में मरीज को जिस चादर पर लिटाया गया उस पर खून के पुराने धब्बे लगे हुए थे। तीमारदारों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में जरूरी दवाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। इस पर लोागें ने हंगामा कर दिया।
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ट्राॅमा सेंटर पर हंगामा करते तीमारदार।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
फिरोजाबाद के सरकारी ट्रॉमा सेंटर में मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल सोमवार को एक बार फिर खुल गई है। मरीज के साथ आए तीमारदार को न तो वार्ड बॉय मिला और न ही साफ चादर। रोगी को वार्ड तक ले जाने के लिए तीमारदार को खुद स्ट्रेचर खींचना पड़ा। बेड पर बिछी चादर पर खून के निशान देखकर तीमारदार भड़क गए। बाजार से दवाएं मंगाने और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए लोगों ने हंगामा किया।
चौकी गेट निवासी चंद्र प्रकाश जैन ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 10 बजे वह बहन हीरादेवी जैन (72) को अचेत होने पर ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे थे। स्ट्रेचर और वार्ड बॉय की तलाश की गई। काफी प्रयास के बाद भी कोई कर्मचारी नहीं मिला। मजबूरन खुद स्ट्रेचर की व्यवस्था कर मरीज को वार्ड तक ले गए। वहां वार्ड में मरीज को जिस चादर पर लिटाया गया उस पर खून के पुराने धब्बे लगे हुए थे। चंद्र प्रकाश जैन ने आरोप लगाया कि अस्पताल में जरूरी दवाएं तक उपलब्ध नहीं हैं।
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चौकी गेट निवासी चंद्र प्रकाश जैन ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 10 बजे वह बहन हीरादेवी जैन (72) को अचेत होने पर ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे थे। स्ट्रेचर और वार्ड बॉय की तलाश की गई। काफी प्रयास के बाद भी कोई कर्मचारी नहीं मिला। मजबूरन खुद स्ट्रेचर की व्यवस्था कर मरीज को वार्ड तक ले गए। वहां वार्ड में मरीज को जिस चादर पर लिटाया गया उस पर खून के पुराने धब्बे लगे हुए थे। चंद्र प्रकाश जैन ने आरोप लगाया कि अस्पताल में जरूरी दवाएं तक उपलब्ध नहीं हैं।
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बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। उन्होंने बताया कि सीनियर रेजिडेंट चिकित्सक भी ड्यूटी पर नहीं थे। उच्च अधिकारियों से अस्पताल की व्यवस्थाओं की शिकायत की गई तो गुमराह किया जाने लगा। इस मामले में डीएम सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से शिकायत की गई है।
सीएमएस ने दिया जांच और कार्रवाई का आश्वासन
हंगामे की सूचना मिलते ही सीएमएस डॉ. नवीन जैन और डॉ. अभिषेक तुरंत ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। अधिकारियों ने नाराज तीमारदारों को समझा बुझाकर शांत कराया। मामले को गंभीरता से लिया गया है। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जो भी कर्मचारी या डॉक्टर लापरवाही में दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मरीज को 200 शैया में भर्ती कराया गया है। -डॉ. नवीन जैन, सीएमएस
सीएमएस ने दिया जांच और कार्रवाई का आश्वासन
हंगामे की सूचना मिलते ही सीएमएस डॉ. नवीन जैन और डॉ. अभिषेक तुरंत ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। अधिकारियों ने नाराज तीमारदारों को समझा बुझाकर शांत कराया। मामले को गंभीरता से लिया गया है। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जो भी कर्मचारी या डॉक्टर लापरवाही में दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मरीज को 200 शैया में भर्ती कराया गया है। -डॉ. नवीन जैन, सीएमएस