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रोज की तरह खुले दुकान, बंद रहा बेअसर
Updated Tue, 10 Apr 2018 11:03 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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मैनपुरी/करहल। जिले में 10 अप्रैल को भारत बंद बेअसर रहा। इस दौरान सभी दुकानें रोज की तरह खुली और लोगों ने शांतिपूर्वक अपने कार्यों को भी निपटाया। वहीं भारत बंद को लेकर जिले के लोगों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर विरोध जताया।
दो अप्रैल को भारत बंद के बाद एससी-एसटी एक्ट में किए गए संशोधन के पक्ष में और आर्थिक स्थिति के आधार पर आरक्षण लागू करने के हित में सवर्ण संगठनों ने लगातार सोशल मीडिया पर 10 अप्रैल को भारत बंद की मुहिम चलाई थी। जिले में इसका ज्यादा असर दिखाई नहीं दिया। जिलेभर में बाजार हररोज की तरह खुले। कोई भी सवर्ण संगठन विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर नहीं उतारा। इसके विपरीत संगठनों के पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौंपकर अपना विरोध जताया।
आर्थिक आधार पर आरक्षण के समर्थन और जातिगत आधार पर लागू होने वाले आरक्षण के विरोध में सवर्ण समाज के लोगों ने डीएम को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कुलदीप दीक्षित ने कहा कि जातिगत आरक्षण होने की वजह से सवर्ण समाज के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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आरक्षण की वजह से प्रतिभा घरों में कैद होती जा रही है और अन्य लोग उच्च पद बैठते जा रहे हैं। इस प्रकार चलता रहा तो एक दिन भारत फिर गुलाम होने की स्थिति में आ जाएगा। सोमेश दुबे ने कहा कि हम लोग अन्याय की मांग नहीं कर रहे हैं। न्याय के अनुसार आर्थिक स्थिति के आधार पर आरक्षण लागू किया जाना चाहिए। मोहित पंडित, संदीप चौहान, रोहन दुबे, अमित उपाध्याय, प्रिंस मिश्रा मौजूद रहे।
करहल में भी परशुराम सेवा दल के पूर्व जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में युवाओं ने जातिगत आधार पर आरक्षण के विरोध में तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी महेश प्रकाश गुप्ता को सौंपा। पूर्व जिलाध्यक्ष विवेक पांडेय ने कहा कि जातीय आधार पर आरक्षण की व्यवस्था पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।
जातिवाद को खत्म करने के बजाय इससे और भी बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा आरक्षण व्यवस्था का लाभ वास्तविक पात्रों को नहीं मिल पा रहा है। आरक्षण देना है तो जातिगत आधार पर नहीं बल्कि आर्थिक आधार पर दिया जाना चाहिए। इस मौके पर शशांक मिश्रा, अश्वनी दुबे, विशाल तिवारी, अक्षय दुबे, मनीष दुबे, कृष्णकांत त्रिपाठी, आकर्ष पाजंडेय, नीलेश मिश्रा, मुकुल दुबे, देव शुक्ला मौजूद रहे।
ज्योंति में बंद कराए स्कूल
ज्योंति। 10 अप्रैल को भारत बंद की मुहिम में सवर्ण संगठनों ने कस्बे के स्कूल संचालकों से स्कूल बंद का आह्वान किया। इस पर स्कूल संचालकों ने भी आरक्षण के विरोध में स्कूलों को बंद कर दिया। सवर्ण संगठन के संयोजक अतुल पृथ्वीराज चौहान, सनी चौहान, भूरे चौहान मौजूद रहे।
मुलायम की सुरक्षा में लगी थी पुलिस
मैनपुरी। भारत बंद के आह्वान पर पुलिस प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम और सुरक्षा की बात कही थी। मंगलवार को शहर में कहीं भी पुलिसकर्मी नजर नहीं आए। जानकारी पर मालूम हुआ कि पूरा पुलिस महकमा किशनी के चांदा में आए सपा प्रमुख मुलायम सिंह की सुरक्षा में भेज दिया गया है। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि इस बीच कोई भी हंगामा या उपद्रव हो जाता तो पुलिस प्रशासन के लिए इसे संभालना मुश्किल होता।
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दो अप्रैल को भारत बंद के बाद एससी-एसटी एक्ट में किए गए संशोधन के पक्ष में और आर्थिक स्थिति के आधार पर आरक्षण लागू करने के हित में सवर्ण संगठनों ने लगातार सोशल मीडिया पर 10 अप्रैल को भारत बंद की मुहिम चलाई थी। जिले में इसका ज्यादा असर दिखाई नहीं दिया। जिलेभर में बाजार हररोज की तरह खुले। कोई भी सवर्ण संगठन विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर नहीं उतारा। इसके विपरीत संगठनों के पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौंपकर अपना विरोध जताया।
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आर्थिक आधार पर आरक्षण के समर्थन और जातिगत आधार पर लागू होने वाले आरक्षण के विरोध में सवर्ण समाज के लोगों ने डीएम को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कुलदीप दीक्षित ने कहा कि जातिगत आरक्षण होने की वजह से सवर्ण समाज के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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आरक्षण की वजह से प्रतिभा घरों में कैद होती जा रही है और अन्य लोग उच्च पद बैठते जा रहे हैं। इस प्रकार चलता रहा तो एक दिन भारत फिर गुलाम होने की स्थिति में आ जाएगा। सोमेश दुबे ने कहा कि हम लोग अन्याय की मांग नहीं कर रहे हैं। न्याय के अनुसार आर्थिक स्थिति के आधार पर आरक्षण लागू किया जाना चाहिए। मोहित पंडित, संदीप चौहान, रोहन दुबे, अमित उपाध्याय, प्रिंस मिश्रा मौजूद रहे।
करहल में भी परशुराम सेवा दल के पूर्व जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में युवाओं ने जातिगत आधार पर आरक्षण के विरोध में तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी महेश प्रकाश गुप्ता को सौंपा। पूर्व जिलाध्यक्ष विवेक पांडेय ने कहा कि जातीय आधार पर आरक्षण की व्यवस्था पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।
जातिवाद को खत्म करने के बजाय इससे और भी बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा आरक्षण व्यवस्था का लाभ वास्तविक पात्रों को नहीं मिल पा रहा है। आरक्षण देना है तो जातिगत आधार पर नहीं बल्कि आर्थिक आधार पर दिया जाना चाहिए। इस मौके पर शशांक मिश्रा, अश्वनी दुबे, विशाल तिवारी, अक्षय दुबे, मनीष दुबे, कृष्णकांत त्रिपाठी, आकर्ष पाजंडेय, नीलेश मिश्रा, मुकुल दुबे, देव शुक्ला मौजूद रहे।
ज्योंति में बंद कराए स्कूल
ज्योंति। 10 अप्रैल को भारत बंद की मुहिम में सवर्ण संगठनों ने कस्बे के स्कूल संचालकों से स्कूल बंद का आह्वान किया। इस पर स्कूल संचालकों ने भी आरक्षण के विरोध में स्कूलों को बंद कर दिया। सवर्ण संगठन के संयोजक अतुल पृथ्वीराज चौहान, सनी चौहान, भूरे चौहान मौजूद रहे।
मुलायम की सुरक्षा में लगी थी पुलिस
मैनपुरी। भारत बंद के आह्वान पर पुलिस प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम और सुरक्षा की बात कही थी। मंगलवार को शहर में कहीं भी पुलिसकर्मी नजर नहीं आए। जानकारी पर मालूम हुआ कि पूरा पुलिस महकमा किशनी के चांदा में आए सपा प्रमुख मुलायम सिंह की सुरक्षा में भेज दिया गया है। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि इस बीच कोई भी हंगामा या उपद्रव हो जाता तो पुलिस प्रशासन के लिए इसे संभालना मुश्किल होता।