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परीक्षा परिणाम में त्रुटियों पर हो कड़ी कार्रवाई : एबीवीपी
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प्रदेशव्यापी आंदोलन की दी चेतावनी
बोले, बोर्ड की लापरवाही से छात्रा ने किया आत्महत्या का प्रयास
दो गुना बढ़ी पुनर्मूल्यांकन फीस के फैसले को वापस ले बोर्ड
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के इस बार घोषित परीक्षा के परिणाम में रहीं त्रुटियों को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। कहा कि 17 मई को घोषित नतीजों में दसवीं की छात्रा को फेल बता दिया था जिससे उसने आत्महत्या का प्रयास किया। लेकिन बाद में 22 मई को घोषित किए परिणाम में छात्रा पास दिखाई है।
एबीवीपी के प्रांत सह मंत्री दिशांत जरयाल ने कहा कि इस गंभीर प्रकरण की न्यायिक जांच की जानी चाहिए। इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों का पता लगाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने बोर्ड द्वारा री चेकिंग और पुनर्मूल्यांकन की फीस में की गई दोगुनी वृद्धि के फैसले को भी तुरंत वापस लेने की बोर्ड प्रशासन से मांग की है। उन्होंने एसओएस के छात्रों की फीस को तीन हजार रुपये किए जाने के फैसले को भी वापस लेने की मांग की है। दिशांत ने कहा कि जिन छात्रों के परिणामों में गड़बड़ियां हैं, उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और समीक्षा की जाए। उन्होंने चेताया कि यदि 24 घंटों में बोर्ड इसको लेकर कोई ठोस फैसले नहीं लेता है और कार्रवाई नहीं करता है तो एबीवीपी पूरे प्रदेश में छात्र हितों की रक्षा के लिए आंदोलन करेगी।
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बोले, बोर्ड की लापरवाही से छात्रा ने किया आत्महत्या का प्रयास
दो गुना बढ़ी पुनर्मूल्यांकन फीस के फैसले को वापस ले बोर्ड
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के इस बार घोषित परीक्षा के परिणाम में रहीं त्रुटियों को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। कहा कि 17 मई को घोषित नतीजों में दसवीं की छात्रा को फेल बता दिया था जिससे उसने आत्महत्या का प्रयास किया। लेकिन बाद में 22 मई को घोषित किए परिणाम में छात्रा पास दिखाई है।
एबीवीपी के प्रांत सह मंत्री दिशांत जरयाल ने कहा कि इस गंभीर प्रकरण की न्यायिक जांच की जानी चाहिए। इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों का पता लगाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने बोर्ड द्वारा री चेकिंग और पुनर्मूल्यांकन की फीस में की गई दोगुनी वृद्धि के फैसले को भी तुरंत वापस लेने की बोर्ड प्रशासन से मांग की है। उन्होंने एसओएस के छात्रों की फीस को तीन हजार रुपये किए जाने के फैसले को भी वापस लेने की मांग की है। दिशांत ने कहा कि जिन छात्रों के परिणामों में गड़बड़ियां हैं, उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और समीक्षा की जाए। उन्होंने चेताया कि यदि 24 घंटों में बोर्ड इसको लेकर कोई ठोस फैसले नहीं लेता है और कार्रवाई नहीं करता है तो एबीवीपी पूरे प्रदेश में छात्र हितों की रक्षा के लिए आंदोलन करेगी।
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