हिमाचल माैसम: भूस्खलन से राज्य में 92 सड़कें बाधित, इस दिन से बारिश में कमी आने के आसार, जानें पूर्वानुमान
राज्य में भूस्खलन से शनिवार सुबह 10:00 बजे तक 92 सड़कें बाधित रहीं। इसके अतिरिक्त 44 बिजली ट्रांसफार्मर व 25 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हैं।
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हिमाचल प्रदेश के कई भागों में मानसून की बारिश लगातार जारी है। राज्य में भूस्खलन से शनिवार सुबह 10:00 बजे तक 92 सड़कें बाधित रहीं। इसके अतिरिक्त 44 बिजली ट्रांसफार्मर व 25 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हैं। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार सबसे अधिक सड़कें-बिजली ट्रांसफार्मर मंडी और कुल्लू जिले में बंद हैं। वहीं हमीरपुर जिले के बड़सर व भोरंज उपमंडल में सबसे अधिक 17 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हैं।
आज कई भागों में बारिश की संभावना
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश के कई भागों में आज हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि 6 से 10 सितंबर तक प्रदेश में बारिश में कमी होने के आसार हैं। इस दाैरान कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने का पूर्वानुमान है। 11 सितंबर को फिर कई भागों में बारिश होने की संभावना है। वहीं बीते 24 घंटों के दाैरान धर्मशाला में 30.2, आरएल बीबीएमबी 21.4, ओलिंडा 20.0, रायपुर मैदान ऊना 18.0, जोत चंबा 12.6, पालमपुर 12.0, कंडाघाट 7.8 व कसोल में 7.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
मानसून सीजन में अब तक 267 लोगों की गई जान
इस मानसून सीजन में 30 जून से 4 सितंबर तक प्रदेश में आपदा की वजह से 267 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 487 लोग घायल हुए हैं। इनमें से 159 की सड़क हादसों में माैत हुई। इसके अतिरिक्त इस अवधि के दाैरान 35 पक्के और 80 कच्चे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं 477 कच्चे-पक्के मकानों को आंशिक क्षति पहुंची है। इसके अलावा 17 दुकानों व 444 गोशालाओं को भी नुकसान हुआ। प्रदेश में इस मानसून में नुकसान का आंकड़ा 1,23,715.33 लाख रुपये पहुंच गया है।
नालागढ़-रामशहर मार्ग बंद, कुमारहट्टी के पास करीब 15 फीट नीचे धंसी सड़क
वहीं नालागढ़-रामशहर मार्ग पर कुमारहट्टी के पास एक बार फिर भूस्खलन होने से सड़क का बड़ा हिस्सा करीब 15 फीट नीचे धंस गया है। भूस्खलन के चलते मार्ग पूरी तरह से बंद हो चुका है। सड़क पर जगह-जगह बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, जिससे स्थिति काफी खतरनाक बनी हुई है। पिछले वर्ष भी छह अगस्त को यह मार्ग धंस गया और इस वर्ष भी वही हालत हो गई है। एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई है। टीम व प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सड़क के समीप स्थित एक मकान को भी खाली करवा दिया है। भारी भूस्खलन होने से सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया है, जिससे क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ गई है। मार्ग पूरी तरह बंद होने के कारण वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की स्थिति को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है।