'कानों पर जू नहीं रेंगती?': 'मेरे से ज्यादा अच्छी एक्टिंग तो आप लोग करते हैं', कंगना ने अफसरों को लगाई फटकार
मंडी में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए सांसद कंगना रणाैत अधिकारियों पर जमकर नाराज हो गईं। उन्होंने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई...
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हिमाचल प्रदेश के मंडी से सांसद कंगना रणाैत ने जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। कंगना ने सख्त लहजे में कहा कि बैठक कर समय की बर्बादी की जा रही है। पिछली बैठक में भी वही बातें हुईं जो आज हो रहीं। कंगना ने कहा कि बीते मार्च-अप्रैल तक दो वर्षों में जारी 11 करोड़ रुपये में से एक करोड़ भी खर्च नहीं हुआ था। मंत्रालय से बार-बार पत्र भेजने पड़े। कई लोगों ने पैसे लिए, कई कुंडली मारकर बैठे हैं, काम शुरू नहीं किया... झूठे एनओसी पर पर साइन करवाए गए हैं।
हर दिशा बैठक में अधिकारियों के जुमले सुनने को मिल रहे: कंगना
कंगना ने कहा कि ऐसे लोगों को ब्लैकलिस्ट किया जाना चाहिए, उनपर जुर्माना लगाना चाहिए। 30 से 40 फीसदी पैसा डिफाल्टरों के पास पड़ा है। कहा कि अधिकारी फालतू के जुमले न दें, हर दिशा बैठक में उन्हें यही जुमले सुनने को मिल रहे हैं। जुमलों से काम नहीं चलेगा। कंगना ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बैठकें केवल कागजी औपचारिकता तक सीमित न रहें। पिछली बैठकों में लिए गए निर्णयों और सुझावों पर अब तक अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि योजनाओं को कागजों से निकालकर जमीन पर उतारना अनिवार्य है, तभी वास्तविक समस्याओं का समाधान संभव है।
कंगना के तीखे तेवर
बैठक में कंगना के तीखे तेवर नजर आए। उन्होंने कहा- बार-बार वही सुझाव आते हैं। उन पर अमल नहीं होता। आपके कानों पर जू नहीं रेंगती। सबका वक्त क्यों बर्बाद किया जा रहा है? उन्होंने यह तक कहा कि जो भी जिम्मेदार अफसर हैं, वो खड़े जाएं। देखें वीडियो...
केंद्र से राशि मिलने के बावजूद भू-अधिग्रहण, अनुमतियों और एनओसी के अभाव में अटके विकास कार्यों पर सांसद ने तीखे सवाल किए। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यों की प्रगति के आधार पर उनकी अलग-अलग सूचियां तैयार की जाएं। साथ ही, प्रत्येक लंबित मामले के लिए एक समयबद्ध एक्शन प्लान बनाने को कहा ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कौन सा कार्य किस चरण में लंबित है।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं, अधिकारियों को दी चेतावनी
कंगना ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि मंडी संसदीय क्षेत्र के विकास कार्यों पर पूरे देश की नजर है, इसलिए विभागों की लापरवाही से कोई नकारात्मक संदेश नहीं जाना चाहिए। केवल यह कहना काफी नहीं है कि राशि वापसी के निर्देश दे दिए गए हैं, जब तक पैसा सरकारी खाते में नहीं लौटता, कार्य अधूरा माना जाएगा। उन्होंने कड़े तेवर अपनाते हुए कहा कि अब केवल बातें नहीं, जमीन पर परिणाम दिखने चाहिए और लापरवाही बरतने वालों की रिपोर्ट उच्च स्तर पर भेजी जाएगी।
कंगना बोलीं- कांग्रेस सरकार ने प्रदेश का बेड़ा गर्क करके रख दिया
भाजपा सांसद एवं फिल्म अभिनेत्री कंगना रणाैत ने एक बार फिर प्रदेश सरकार पर जुबानी हमला बोला है। मंडी में दिशा कमेटी की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कंगना ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने प्रदेश का बेड़ा गर्क करके रख दिया है। उनके पास लोग प्रदेश सरकार की शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। सरकार और अधिकारियों में कोई तालमेल नहीं और दोनों ही पूरी तरह से फेल हो गए हैं। प्रदेश सरकार केंद्र के खिलाफ साजिशें रचने का काम कर रही है। केंद्र की योजनाओं को यहां सही ढंग से अमलीजामा नहीं पहनाया जा रहा है। जो कुछ योजनाएं चल रही हैं उनपर कांग्रेसी अपने नाम के फट्टे लगा रहे हैं। कंगना ने कहा कि अगर श्रेय ही चाहिए तो विकास कार्यों पर अड़ंगा मत लगाइए। कंगना ने कहा कि दिशा कमेटी की बैठकों से कांग्रेसी विधायक नदारद रह रहे हैं। बहुत सी छोटी-छोटी बातों का विधायकों को ही पता होता है। यदि वे आकर नहीं बताएंगे तो फिर बात नहीं बनेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार और इसके विधायकों को सिर्फ घटिया राजिनीति आती है और वे वही कर रहे हैं।
अधिकारियों के फूहड़पन के कारण शर्मिंदगी झेलनी पड़ रही: कंगना
कंगना ने कहा कि प्रदेश सरकार और यहां के अधिकारियों के फूहड़पन के कारण आज पूरे देश में उन्हें शर्मिंदगी झेलनी पड़ रही है। कंगना ने एक सवाल के जवाब में कहा कि जनता के काम नहीं हो रहे जबकि वह क्षमता से ज्यादा प्रयास कर रही हैं। लेकिन सरकार और प्रशासन की कमियों के बारे में कोई बात नहीं करता है। बाबू लोग कार्यालयों में कुर्सियां तोड़ने का ही काम कर रहे हैं। कंगना ने कहा कि यहां के अधिकारियों और कर्मचारियों ने हर बार उनकी बात को हल्के में लिया और कम आंकने करने का प्रयास किया। अधिकतर विभागों को जो पैसा दिया है वो खर्च ही नहीं हो पाया है। ऐसे में अब वह केंद्र सरकार को इसकी विस्तृत रिपोर्ट बनाकर भेजेंगी और कार्रवाई की मांग करेंगी।