सरकार पर 46 हजार करोड़ कर्ज, मंत्रियों-अफसरों ने रख दी ये बड़ी डिमांड
प्रदेश सरकार भले ही 46 हजार करोड़ के कर्ज में डूबी हो लेकिन मुख्यमंत्री जयराम की टीम अपने शाही ठाठ-बाठ में फंसी है। कई मंत्री, ओएसडी और सलाहकार करोला गाड़ी के बजाय 20 लाख की इनोवा की सवारी चाहते हैं।
जयराम की ये टीम तर्क दे रही है कि करोला गाड़ी में झटके लगते हैं जबकि इनोवा आरामदायक है। लंबे सफर के लिए इनोवा बेहतर है। सचिवालय सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) इस टीम के लिए इनोवा का इंतजाम करने में जुट गया है। सूत्र बताते हैं कि जीएडी कुछ अफसरों से भी इनोवा वापस लेने की तैयारी कर रहा है।
प्रदेश में जब से नई सरकार सत्तासीन हुई है, तब से लग्जरी गाड़ियों और सरकारी आशियानों को लेकर जीएडी के अधिकारियों को उलझा दिया है। कभी मंत्रियों के कार्यालय से फोन की घंटियां घनघना रही हैं तो कभी सीएम दफ्तर से फोन पर पसंद-नापंसद बताई जा रही है। पहले सचिवालय में मंत्रियों के कमरे को लेकर विवाद गहराया।
मंत्रियों को फरमाइश नहीं हो रही पूरी
इसे सुलझाया तो अब लग्जरी गाड़ियों का नया मसला खड़ा हो गया है। जीएडी अब अफसरों को दी गई इनोवा गाड़ी को वापस लेकर इस टीम को देना चाहता है। लेकिन विभाग को डर है कि ऐसा करने से अफसरशाही नाराज होगी। अगर विभाग आधा दर्जन नई इनोवा खरीदता है तो सरकार पर करीब सवा करोड़ का वित्तीय बोझ पड़ेगा।
सचिवालय सामान्य प्रशासन विभाग इन दिनों सारे कामकाज छोड़कर मंत्रियों और मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात नेताओं की फरमाइश पूरी करने में लगा है। अफसर पहले मंत्रियों के आवास और कार्यालय की पसंद, नापसंद का झंझट निपटाने में लगे रहे और अब ओएसडी को आवंटित कार्यालयों के फेरबदल में फंसे हैं।