शिमला रेप केस: जेल में ही मनेगी आईजी समेत आठों पुलिसवालों की दिवाली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुड़िया गैंगरेप हत्याकांड मामले से जुड़े लॉकअप मर्डर केस में न्यायिक हिरासत में चल रहे आईजी जहूर एच जैदी, डीएसपी ठियोग रहे मनोज जोशी समेत आठ पुलिसवालों की दिवाली जेल में ही मनेगी। सीजेएम शिमला की अदालत ने सभी आरोपियों की न्यायिक हिरासत 28 अक्तूबर तक बढ़ा दी है।
सोमवार को कंडा जेल से ही वीडियो कांफ्रेंसिंग से इन सभी आरोपियों की मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी शिमला की अदालत में पेशी हुई। सीबीआई इस मामले का चालान तैयार कर चुकी है। अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन मंजूरी का इंतजार हो रहा है।
उसके बाद चालान कोर्ट में पेश कर आरोपी पुलिसवालों पर मुकदमा चलेगा। सीबीआई ने अपनी जांच में पाया है कि कोटखाई थाने के लॉकअप में गुडि़या मामले के एक आरोपी सूरज की हत्या को पुलिसकर्मियों ने ही अंजाम दिया है। पुलिस ने इसका आरोप एक अन्य आरोपी राजू के सिर मढ़ दिया।
सीबीआई को मिली ब्रेन मैपिंग की रिपोर्ट
सीबीआई ने इस प्रकरण में पुलिस की कहानी को झूठा पाया है। तफ्तीश में सीबीआई ने इस हत्या के लिए पुलिसकर्मियों को ही जिम्मेदार ठहराया है। इस मामले की निगरानी कर रहे आरोपी उच्च अधिकारियों पर लीपापोती के आरोप हैं।
गौरतलब है कि कोटखाई में दसवीं की छात्रा (गुडि़या) की दुराचार के बाद हत्या कर दी गई थी। सूरज को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था।
सीबीआई को अहमदाबाद में गुडि़या मामले के तमाम आरोपियों की ब्रेन मैपिंग की रिपोर्ट मिल गई है। सूत्रों ने बताया कि ये रिपोर्ट सोमवार को ही मिली है।
हालांकि, सीबीआई अभी इस बात का खुलासा करने को तैयार नहीं है कि इस रिपोर्ट में क्या नई बात सामने आई है। माना जा रहा है कि 25 अक्तूबर को सीबीआई इस मामले की जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट को देने जा रही जिसमें इसका खुलासा हो सकता है।