{"_id":"5a327c504f1c1b4e718b910b","slug":"61513258064-shimla-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"साइड स्टोरी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
साइड स्टोरी
Updated Thu, 14 Dec 2017 06:57 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्टोरी टू
हादसे ने छीना मां की एक आंख का तारा
बड़े भाई पर लगा था वार करने लेकिन, खुद का ही कलेजा हो गया छलनी
पिता की हो चुकी है पांच साल पहले मौत
खेतीबाड़ी से चल रही परिवार की रोजी रोटी
अमर उजाला ब्यूरो
सुंदरनगर (मंडी)।
दो भाइयों के बीच हुए झगड़े ने मां से उसकी आंख का तारा छीन लिया है। सबसे छोटा होने पर रजत मां का लाड़ला था। पति को पांच साल पहले खो चुकी मां अपने बड़े बेटे के साथ खेतीबाड़ी करके परिवार का गुजर बसर कर रही है। बड़ी मुश्किल से बेटे को तकनीकी शिक्षा देकर खुद के पैरों पर खड़े होने का सपना संजोया था। लेकिन, इस हादसे ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। वीरवार को यह हादसा एक मां को ताउम्र न भूलने वाला जख्म दे गया है। उधर, पुलिस जांच में सामने आया है कि रजत कई दिनों से आईटीआई नहीं जा रहा था। यहां तक की उसका नाम भी कट चुका था। काफी दिनों से घर में इसी बात को लेकर अनबन भी चल रही थी। आईटीआई न जाने की बात सामने आने पर उसे पिछले कुछ दिनों से घर पर डांट भी पड़ रही थी। लेकिन, वीरवार को हुए हादसे में बड़े भाई पर वार छोटे पर उल्टा पड़ा। खुद ही उसका कलेजा छलनी हो गया। इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
विज्ञापन
हादसे ने छीना मां की एक आंख का तारा
बड़े भाई पर लगा था वार करने लेकिन, खुद का ही कलेजा हो गया छलनी
पिता की हो चुकी है पांच साल पहले मौत
खेतीबाड़ी से चल रही परिवार की रोजी रोटी
अमर उजाला ब्यूरो
सुंदरनगर (मंडी)।
दो भाइयों के बीच हुए झगड़े ने मां से उसकी आंख का तारा छीन लिया है। सबसे छोटा होने पर रजत मां का लाड़ला था। पति को पांच साल पहले खो चुकी मां अपने बड़े बेटे के साथ खेतीबाड़ी करके परिवार का गुजर बसर कर रही है। बड़ी मुश्किल से बेटे को तकनीकी शिक्षा देकर खुद के पैरों पर खड़े होने का सपना संजोया था। लेकिन, इस हादसे ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। वीरवार को यह हादसा एक मां को ताउम्र न भूलने वाला जख्म दे गया है। उधर, पुलिस जांच में सामने आया है कि रजत कई दिनों से आईटीआई नहीं जा रहा था। यहां तक की उसका नाम भी कट चुका था। काफी दिनों से घर में इसी बात को लेकर अनबन भी चल रही थी। आईटीआई न जाने की बात सामने आने पर उसे पिछले कुछ दिनों से घर पर डांट भी पड़ रही थी। लेकिन, वीरवार को हुए हादसे में बड़े भाई पर वार छोटे पर उल्टा पड़ा। खुद ही उसका कलेजा छलनी हो गया। इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।