{"_id":"5b7c4f0042c79246675308fe","slug":"181534873344-shimla-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"युग अपहरण हत्या मामला..1","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
युग अपहरण हत्या मामला..1
Updated Tue, 21 Aug 2018 11:12 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
युग अपहरण और हत्या मामले में फैसला 29 को होगा
कोर्ट में सजा पर बहस की प्रक्रिया पूरी, अदालत में दोषियों के अभिभावकों ने लगाई सजा कम करने की गुहार
अभियोजन पक्ष ने की फांसी की सजा देने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। चार वर्षीय युग के अपहरण और हत्या मामले के तीनों दोषियों को जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह की अदालत में मंगलवार को फिर पेश किया गया। अदालत में सजा पर बहस की प्रक्रिया मंगलवार को पूरी कर ली गई। अदालत ने अंतिम फैसले के लिए 29 अगस्त की तिथि मुकर्रर की है। इसी दिन अदालत में तीनों को इस जघन्य अपराध के लिए सजा का सुनाई जा सकती है। मंगलवार को कड़ी सुरक्षा के बीच दोषी करार दिए जा चुके चंद्र शर्मा, तेजिंद्र पाल और विक्रांत बक्शी को अदालत में पेश किया गया। ढाई घंटे तक अदालत में दरवाजे बंद कर सजा पर बहस की प्रक्रिया को पूरा किया गया। दोषियों के माता पिता ने अदालत से बच्चों की सजा कम से कम करने की गुहार लगाई। अदालत में विक्रांत की माता, चंद्र और तेजिंद्र पाल के पिता पेश हुए।
चंद्र शर्मा और तेजिंद्र पाल के पिता ने स्वास्थ्य ठीक न रहने की बात कहकर सजा कम करने की गुहार लगाई। विक्रांत बक्शी की माता ने बच्चे की कम उम्र होने पर उसे कम से कम सजा देने की मांग अदालत से की। इस दौरान अदालत में युग के पिता विनोद गुप्ता भी अदालत में मौजूद रहे। इसके बाद अभियोजन पक्ष की ओर से जिला न्यायवादी रणदीप सिंह परमार और दोषियों के वकील के बीच सजा को लेकर बहस की प्रक्रिया पूरी की गई। जिला न्यायवादी ने दोषियों को फांसी की सजा दिए जाने की वकालत की तो बचाव पक्ष ने कम से कम सजा देने का आग्रह किया। सुबह 11:29 बजे जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में सजा पर सुनवाई की प्रक्रिया शुरू हुई जो दोपहर 1:53 बजे तक दरवाजे बंद कर चलती रही।
विज्ञापन
कोर्ट में सजा पर बहस की प्रक्रिया पूरी, अदालत में दोषियों के अभिभावकों ने लगाई सजा कम करने की गुहार
अभियोजन पक्ष ने की फांसी की सजा देने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। चार वर्षीय युग के अपहरण और हत्या मामले के तीनों दोषियों को जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह की अदालत में मंगलवार को फिर पेश किया गया। अदालत में सजा पर बहस की प्रक्रिया मंगलवार को पूरी कर ली गई। अदालत ने अंतिम फैसले के लिए 29 अगस्त की तिथि मुकर्रर की है। इसी दिन अदालत में तीनों को इस जघन्य अपराध के लिए सजा का सुनाई जा सकती है। मंगलवार को कड़ी सुरक्षा के बीच दोषी करार दिए जा चुके चंद्र शर्मा, तेजिंद्र पाल और विक्रांत बक्शी को अदालत में पेश किया गया। ढाई घंटे तक अदालत में दरवाजे बंद कर सजा पर बहस की प्रक्रिया को पूरा किया गया। दोषियों के माता पिता ने अदालत से बच्चों की सजा कम से कम करने की गुहार लगाई। अदालत में विक्रांत की माता, चंद्र और तेजिंद्र पाल के पिता पेश हुए।
चंद्र शर्मा और तेजिंद्र पाल के पिता ने स्वास्थ्य ठीक न रहने की बात कहकर सजा कम करने की गुहार लगाई। विक्रांत बक्शी की माता ने बच्चे की कम उम्र होने पर उसे कम से कम सजा देने की मांग अदालत से की। इस दौरान अदालत में युग के पिता विनोद गुप्ता भी अदालत में मौजूद रहे। इसके बाद अभियोजन पक्ष की ओर से जिला न्यायवादी रणदीप सिंह परमार और दोषियों के वकील के बीच सजा को लेकर बहस की प्रक्रिया पूरी की गई। जिला न्यायवादी ने दोषियों को फांसी की सजा दिए जाने की वकालत की तो बचाव पक्ष ने कम से कम सजा देने का आग्रह किया। सुबह 11:29 बजे जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में सजा पर सुनवाई की प्रक्रिया शुरू हुई जो दोपहर 1:53 बजे तक दरवाजे बंद कर चलती रही।
विज्ञापन