ज्योतिषीय मान्यताओं में पितृ दोष और कालसर्प दोष को जीवन की बाधाओं से जोड़कर देखा जाता है। भगवान शिव की आराधना को इन दोषों की शांति के लिए विशेष माना गया है। शिव मंत्रों का जाप, जलाभिषेक, तर्पण और कुछ धार्मिक उपाय श्रद्धा के साथ करने की परंपरा है।
26 September 2026
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