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एक साल के बच्चे का सफल कोकलियर इंप्लांट
Updated Thu, 26 Jul 2018 10:17 PM IST
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एक साल के बच्चे का सफल कोकलियर इंप्लांट
मिशन तंदुरुस्त पंजाब के तहत जिला लुधियाना का पहला सफल केस
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। तंदरुस्त पंजाब मिशन केल तहत सिविल सर्जन डा. परविंदर पाल सिंह सिधू की आगुवाई में चल रहे राष्ट्रीय बाल सेहत प्रोग्राम के तहत सेहत विभाग लुधियाना की ओर से जन्म से बहरे बच्चे का पीजीआई चंडीगढ़ से मुफ्त कोकलियर इंप्लांट करवा कर बच्चे की बेजान जिंदगी में जान डाली है। यह जिला लुधियाना का पहला केस है जोकि पूरी कामयाब हुआ। इस संबंध में डा. सिधू ने कहा कि सेहत विभाग की ओर से आरबीएसके मोबाइल हेल्थ टीमों की ओर से सरकारी तथा सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों व आंगनबाड़ी सेंटरो में पढ़ते बच्चों का हैल्थ चेकअप करके जरुरी बच्चों का इस प्रोग्राम के तहत मुफ्त इलाज किया जाता है। मोबाइल हेल्थ टीम पायल के चेकअप के दौराना पाया गया कि दोराहा निवासी कुंवरदीप सिंह जन्म से ही गुंगा व बहरा था। जिसकी उम्र एक साल की थी। जिसको डीईआईसी सिविल अस्पताल लुधियाना में भेजा गिया। जहां नाक, कान तथा गले के माहिर डाक्टरों ने बच्चे की पूरी तरह जांच करने के बाद उसको पीजीआई चंडीगढ़ में कोकलीयर इंप्लांट के लिए रैफर किया गया। योग्य डाक्टरों की ओर से बच्चे का आरबीएस के तहत मुफ्त इलाज किया गया। जिसका खर्च लगभग 6 लाख रुपये है। अब यह बच्चा बहुत अच्छा रिस्पांस कर रहा है।
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मिशन तंदुरुस्त पंजाब के तहत जिला लुधियाना का पहला सफल केस
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। तंदरुस्त पंजाब मिशन केल तहत सिविल सर्जन डा. परविंदर पाल सिंह सिधू की आगुवाई में चल रहे राष्ट्रीय बाल सेहत प्रोग्राम के तहत सेहत विभाग लुधियाना की ओर से जन्म से बहरे बच्चे का पीजीआई चंडीगढ़ से मुफ्त कोकलियर इंप्लांट करवा कर बच्चे की बेजान जिंदगी में जान डाली है। यह जिला लुधियाना का पहला केस है जोकि पूरी कामयाब हुआ। इस संबंध में डा. सिधू ने कहा कि सेहत विभाग की ओर से आरबीएसके मोबाइल हेल्थ टीमों की ओर से सरकारी तथा सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों व आंगनबाड़ी सेंटरो में पढ़ते बच्चों का हैल्थ चेकअप करके जरुरी बच्चों का इस प्रोग्राम के तहत मुफ्त इलाज किया जाता है। मोबाइल हेल्थ टीम पायल के चेकअप के दौराना पाया गया कि दोराहा निवासी कुंवरदीप सिंह जन्म से ही गुंगा व बहरा था। जिसकी उम्र एक साल की थी। जिसको डीईआईसी सिविल अस्पताल लुधियाना में भेजा गिया। जहां नाक, कान तथा गले के माहिर डाक्टरों ने बच्चे की पूरी तरह जांच करने के बाद उसको पीजीआई चंडीगढ़ में कोकलीयर इंप्लांट के लिए रैफर किया गया। योग्य डाक्टरों की ओर से बच्चे का आरबीएस के तहत मुफ्त इलाज किया गया। जिसका खर्च लगभग 6 लाख रुपये है। अब यह बच्चा बहुत अच्छा रिस्पांस कर रहा है।