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महंगी होगी साइकिल: इनपुट लागत बढ़ने से बढ़ा दबाव, लुधियाना के साइकिल उद्यमी ने दिए दाम बढ़ने के संकेत
Fri, 04 Sep 2026 02:34 PM IST
Nivedita
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
Published by: Nivedita
Updated Fri, 04 Sep 2026 02:34 PM IST
सार
बढ़ती लागत और उद्योग के सामने पैदा हो रही चुनौतियों पर चर्चा के लिए जी-13 बाईसाइकिल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के सदस्यों की बैठक शुक्रवार को सतलुज क्लब में हुई। बैठक में निर्माताओं ने कहा कि कच्चे माल की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि से उत्पादन लागत का पूरा गणित प्रभावित हो रहा है।
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बैठक में माैजूद उद्यमी
- फोटो : संवाद
विस्तार
साइकिल निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल और जरूरी इनपुट की लगातार बढ़ती कीमतों ने लुधियाना के साइकिल निर्माताओं की चिंता बढ़ा दी है।
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स्टील के दाम में पिछले करीब एक महीने में लगभग 5,000 रुपये प्रति टन की बढ़ोतरी के साथ टायर, ट्यूब, पेंट, केमिकल और अन्य कंपोनेंट की लागत भी बढ़ी है। इससे साइकिल निर्माताओं के मार्जिन पर दबाव बढ़ने लगा है और आने वाले दिनों में साइकिल की कीमतों की समीक्षा के संकेत मिले हैं।
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बढ़ती लागत और उद्योग के सामने पैदा हो रही चुनौतियों पर चर्चा के लिए जी-13 बाईसाइकिल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के सदस्यों की बैठक शुक्रवार को सतलुज क्लब में हुई। बैठक में निर्माताओं ने कहा कि कच्चे माल की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि से उत्पादन लागत का पूरा गणित प्रभावित हो रहा है। यदि लागत का दबाव इसी तरह बना रहा तो बाजार की स्थिति और अपनी लागत संरचना के अनुसार कुछ निर्माता प्रति साइकिल करीब 150 रुपये तक कीमत बढ़ाने पर विचार कर सकते हैं।
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हालांकि, एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि कीमतों में बढ़ोतरी का कोई सामूहिक निर्णय नहीं लिया गया है। हर निर्माता अपनी लागत, उत्पाद श्रेणी, बाजार की मांग और कारोबारी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर स्वतंत्र रूप से कीमत तय करेगा। बैठक का मुख्य उद्देश्य बढ़ती इनपुट लागत से उद्योग पर पड़ रहे असर का आकलन करना और बाजार में गुणवत्तापूर्ण साइकिलों की आपूर्ति निर्बाध बनाए रखने के उपायों पर चर्चा करना था।
एक साथ कई मोर्चों पर बढ़ी लागत
उद्योग से जुड़े निर्माताओं के अनुसार साइकिल की लागत केवल स्टील की कीमत से प्रभावित नहीं होती। फ्रेम व अन्य मेटल पार्ट्स के अलावा टायर-ट्यूब, पेंट, केमिकल और विभिन्न कंपोनेंट की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर तैयार साइकिल की लागत पर पड़ता है। ऐसे में यदि अलग-अलग इनपुट की कीमतें लगातार बढ़ती हैं तो निर्माताओं के लिए मौजूदा कीमत पर उत्पादन जारी रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
बैठक में जेआर सिंगल (ईस्टमैन इंडस्ट्रीज), सचिन लाकड़ा (एसके बाइक), केके सेठ (नीलम साइकिल), राकेश, रमेश, साहिल व अमन जिंदल (लीडर साइकिल्स), रोहन सचदेवा (कोहिनूर साइकिल), यूके नारंग (अर्पण साइकिल्स), अभिषेक गर्ग (स्ट्राइडर साइकिल्स), रणदीप भोगल (भोगल सेल्स), राजेश गुप्ता (गुप्ता बाइक), सुरेश व नितिन बट्टा (लोटस साइकिल), लकी (विशाली साइकिल्स) और सुमेध पाहवा (नोवा साइकिल) सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
एसोसिएशन के अध्यक्ष राजिंदर जिंदल, महासचिव रोहित पाहवा और समन्वयक उमेश नारंग ने कहा कि उद्योग मौजूदा चुनौती के बीच उपभोक्ताओं और बाजार की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।