समायोजन की बहाली को लेकर शिक्षामित्रों का जन सत्याग्रह तीसरे दिन भी जारी रहा। पूर्वांचल समेत सभी जिलों में शिक्षामित्रों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। जन सत्याग्रह के बाद अब शिक्षामित्र 21 अगस्त को लखनऊ में महारैली करने जा रहे हैं। आगे की स्लाइड में जानें पूर्वांचल में शिक्षामित्रों के प्रदर्शन का कैसा रहा तीसरा दिन...
अब लखनऊ में महारैली करेंगे यूपी के शिक्षामित्र, तीसरे दिन भी जारी रहा सत्याग्रह
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आजमगढ़ में संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष समिति का कुंवर सिंह उद्यान में तीसरे दिन भी सत्याग्रह आंदोलन जारी रहा। इस दौरान वक्ताओं ने सरकार से अध्यादेश में संशोधन कर 1 लाख 70 हजार शिक्षामित्रों को शिक्षक पद पर बहाल करने की मांग की। समिति के लोगों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित दो सूत्री मांग पत्र जिलाधिकारी को सौंपा।
गाजीपुर में प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष मोर्चा के बैनर तले विकास भवन में शिक्षामित्रों का चल रहा धरना जारी रहा। वक्ताओं ने कहा कि जब तक प्रदेश सरकार शिक्षामित्रों को पूर्ण शिक्षक बनाने के संबंध में अध्यादेश जारी नहीं करती है, तब-तक धरना प्रदर्शन अनिश्चित काल तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि 21 अगस्त को लखनऊ स्थित विधान सभा का घेराव करने के लिए सभी शिक्षामित्र 20 अगस्त को रवाना होंगे।
मऊ में प्राथमिक शिक्षामित्र संयुक्त संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में शिक्षामित्रों ने अपनी मांगों को लेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन किया। मांगे न माने जाने के विरोध में 21 अगस्त को लखनऊ धरना देने का ऐलान किया। जिलाध्यक्ष रामकवल यादव ने कहा कि इस सरकार की मानसिकता ठीक नहीं लगती है। इसलिए हम लखनऊ पहुंचकर अपनी आवाज को बुलंद करेंगे। इसके बाद भी हमारी मांगें नहीं मानी गई तो दिल्ली में भी धरना देंगे।
सोनभद्र में भी शिक्षामित्रों ने अपनी ताकत का एहसास कराया। डायट परिसर के समीप पुलिसकर्मियों ने शिक्षामित्रों को रोकने का प्रयास किया तो एकजुट शिक्षामित्र राजमार्ग पर बैठ गए। यह देख पुलिस पीछे हट गई। थोड़ी ही देर बाद शिक्षामित्र पैदल जुलूस की शक्ल में चुर्क तिराहा, छपका होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां शिक्षामित्रों ने खनन मंत्री अर्चना पांडेय को सीएम के नाम मांगपत्र सौंपा। मंत्री ने मांगों को सीएम तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।