जौनपुर: भूमि विवाद में हत्या का 22 साल बाद फैसला, सपा सांसद के प्रतिनिधि समेत चार को सजा; अधिवक्ता भी शामिल
जिले के मियांपुर में 16 अगस्त 2004 को जमीनी विवाद में आशीष कुमार मौर्य की गोली मारकर हत्या के मामले में 22 साल बाद फैसला आया। अपर सत्र न्यायालय ने मनोज कुमार मौर्य, अश्वनी, आशीष और पवन मौर्य को दोषी ठहराते हुए कारावास और 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। मनोज सपा सांसद के प्रतिनिधि हैं।
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जौनपुर के लाइन बाजार थाना क्षेत्र के मियांपुर में जमीनी विवाद को लेकर 22 वर्ष पहले हुई आशीष कुमार मौर्य की हत्या के मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम अनिल कुमार यादव की अदालत ने मनोज कुमार मौर्य, उनके भाई अधिवक्ता अश्वनी कुमार मौर्य, आशीष मौर्य और पवन कुमार मौर्य को हत्या और हत्या के प्रयास की धाराओं में दोषी करार देते हुए कारावास की सजा सुनाई। सभी दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। मनोज कुमार मौर्य जौनपुर से सपा सांसद बाबू सिंह कुशवाहा के प्रतिनिधि बताए गए हैं।
अभियोजन के अनुसार घटना 16 अगस्त 2004 की सुबह करीब 8:30 बजे मियांपुर तिराहे पर डॉक्टर शिव सूरत द्विवेदी के मकान के सामने हुई थी। विवादित जमीन पर कब्जे को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए थे। आरोप था कि रामसेवक मौर्य अपने चार पुत्रों अश्वनी, आशीष, मनोज और पवन कुमार मौर्य तथा पड़ोसी राजेश उर्फ छोटू के साथ जमीन पर बांस-बल्ली गाड़ रहे थे। दूसरे पक्ष ने इसका विरोध किया तो फायरिंग कर दी गई। गोली लगने से आशीष कुमार मौर्य की मौत हो गई थी।
घटना में वादी पवन कुमार मौर्य समेत छेदीलाल, जियालाल, वीरेंद्र, शशिबाला, रमाशंकर और प्रेमचंद मौर्य को भी चोटें आई थीं। पवन कुमार ने लाइन बाजार थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। अभियोजन के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच जमीन को लेकर पहले से मुकदमा चल रहा था और घटना वाले दिन आयुक्त को मौके का मुआयना करना था।
पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर विवेचना के बाद आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया। पवन की निशानदेही पर रामसेवक के घर से लाइसेंसी बंदूक भी बरामद की गई थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी रामसेवक मौर्य की मृत्यु हो गई, जबकि राजेश उर्फ छोटू को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने चार आरोपियों को सजा सुनाई।