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जर्मन राष्ट्रपति के स्वागत में आज काशी में दिखेगा देव दीपावली जैसा नजारा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 22 Mar 2018 01:21 PM IST
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जर्मन राष्ट्रपति
- फोटो : self
फ्रांस के राष्ट्रपति के दौरे एक महीने के भीतर ही काशी में दुनिया के दूसरे ताकतवर देश जर्मनी के राष्ट्राध्यक्ष का आगमन हुआ है। इसके लिए वाराणसी जिला प्रशासन की ओर से स्वागत की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। जर्मन राष्ट्रपति के स्वागत और सुरक्षा को जहां पूरी तरह चाक-चौबंद रखा गया है वहीं शाम को भव्य गंगा आरती का आयोजन किया गया है। शाम को गंगा घाट पर देव-दीपावली सा नजारा होगा। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें..
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dev deepawali
- फोटो : अमर उजाला
जर्मन राष्ट्रपति दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती देखेंगे। जो कहीं से भी देव-दीपावली पर होने वाली महाआरती से कम आकर्षक नहीं होगी। जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे ने दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती को जिस स्थान से देखा था, जर्मनी के राष्ट्रपति भी उसी स्थान से गंगा आरती का दर्शन करेंगे। आरती के दौरान 18 रिद्धि-सिद्धि कन्याएं और नौ बटुकों द्वारा महाआरती का आयोजन किया जाएगा।
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- फोटो : अमर उजाला
दशाश्वमेध घाट पर अगल-बगल को घाटों से होने वाला आवागमन बंद रहेगा। घाटों पर बैरिकेडिंग से रास्तों को बंद कर दिया गया है। आरती स्थल के सामने कोई नाव नहीं रहेगी। मानमंदिर घाट से शीतला घाट तक नावों को हटा दिया गया है।
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german president
- फोटो : twitter
जर्मन राष्ट्रपति फ्रैंक-वाल्टर स्टेनमेयर गुरुवार को वाराणसी पहुंच चुके हैं। साढ़े आठ घंटे के काशी प्रवास के दौरान जर्मन राष्ट्रपति भगवान बुद्ध की उपदेशस्थली सारनाथ के अलावा गंगाघाटों का अवलोकन करेंगे। महज दस दिनों के अंदर दूसरे राष्ट्राध्यक्ष के आगमन को लेकर काशीवासियों में भारी उत्साह है।
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german president
- फोटो : twitter
बाबतपुर एयरपोर्ट से लगायत गंगाघाट तक स्कूली बच्चे भारत-जर्मनी के झंडे लहराकर राष्ट्रपति का स्वागत करेंगे। एनआईए, अर्धसैनिक बल एवं जर्मनी की शीर्ष सुरक्षा एजेंसियों ने कार्यक्रम स्थलों की सुरक्षा की कमान अपने हाथ में ले ली है। जिस रास्ते से जर्मन राष्ट्रपति गुजरेंगे उस रास्ते पर अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था की गई है।