उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में होली पर निकलने वाला 'लाट साहब' का जुलूस अपने अनोखा और अजीबोगरीब परंपरा है। होली पर एक व्यक्ति को लाट साहब बनाकर भैंसागाड़ी से शहर में घुमाया जाता है। उस पर जूता-चप्पलों के साथ रंगों की बौछार होती है। यह अनूठी परंपरा करीब 300 वर्षों से चली आ रही है। इस बार भी लाट साहब के जुलूस के सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने तैयारियों में जुटा है। रात में भी कर्मचारी काम में जुटे हुए हैं। छोटे-बड़े लाट साहब के जुलूस के रूट पर पड़ने वाले ट्रांसफार्मर को बल्ली लगाकर पन्नी से कवर किया जा रहा है। खंभों पर पन्नी लगाई जा रही है। धार्मिक स्थलों को पहले ही तिरपालों से ढक दिया गया है। लाट साहब के जुलूस के लिए कड़े प्रबंध किए गए हैं। जुलूस मार्ग पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। जुलूस के दौरान सीसीटीवी एवं ड्रोन के माध्यम से कड़ी निगरानी की जाएगी।
यहां होती है जूतामार होली: भैंसागाड़ी पर निकलेंगे 'लाट साहब', कोतवाल देंगे सलामी; 300 साल पुरानी है ये परंपरा
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 11 Mar 2025 06:31 PM IST
सार
शाहजहांपुर में होली पर रंग-गुलाल के साथ जूते-चप्पलों की बौछार के बीच भैंसागाड़ी पर लाट साहब का जुलूस निकाला जाता है। यह अनूठी परंपरा 300 साल पुरानी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन