बचपन में साथ खेले, पढ़े और देश की सेवा का संकल्प लिया। तहेरे-चचेरे भाइयों ने एक साथ ही तैयारी की। एक ने एसएसबी और दूसरे ने भारतीय सेना से जुड़कर देश सेवा शुरू कर दी। वर्ष 2023 में अरुणाचल प्रदेश में ड्यूटी के दौरान एक बलिदान हो गया। सोमवार को सिक्किम में हुए भूस्खलन में दूसरा भाई भी बलिदान हो गया। यह कहानी पीलीभीत के गांव धुरिया पलिया निवासी हवलदार लखविंदर सिंह और तीन साल पूर्व बलिदान हुए उसके तहेरे भाई मनतेज सिंह की है। दोनों के जज्बे को याद कर परिजन और ग्रामीणों की आंखें नम हैं।
दोनों के जज्बे को सलाम: एक साथ पढ़ाई कर बने फौजी, तीन साल में दोनों के बलिदान से हर आंख हुई नम; तस्वीरें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पीलीभीत
Published by: विकास कुमार
Updated Tue, 03 Jun 2025 08:56 PM IST
सार
ग्रामीणों और परिजनों के अनुसार, लखविंदर और मनतेज सिंह दोनों ने बचपन में पढ़ाई एक साथ की। दोनों को बचपन से ही फौजी बनने का सपना था। इस सपने को पूरा करने के लिए दोनों ने साथ ही तैयारी की।
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