भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की किसान महापंचायत के मंच पर भाजपा विरोधी दल एक साथ दिखाई दिए। सपा, कांग्रेस, आप, बसपा नेताओं ने मोदी और योगी के खिलाफ भड़ास निकाली। विभिन्न दलों के निशाने पर सीधे 2022 का विधानसभा चुनाव रहा।
किसानों के सहारे बड़ी तैयारी में विपक्षी दल, जयंत चौधरी ने लोटे में नमक डलवा कर दिलाई कसम
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मुजफ्फरनगर के जीआईसी मैदान पर शुक्रवार को हुई महापंचायत में भाजपा के विपक्षी दल एक मंच पर दिखाई दिए। इन सभी नेताओं का लक्ष्य वर्ष 2022 में विधानसभा चुनाव ही दिखाई दिया। रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने तो मंच से लोटे में नमक डलवा कर कसम दिलाई। यह भी कहा कि जो चूक पहले हो गई वह आगे नहीं होनी चाहिए।
खुद भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कह दिया कि अजित सिंह को हराने की उनसे भूल हुई। इसके लिए हम ही दोषी हैं। कांग्रेस के पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक, सहारनपुर के बेहट विधायक नरेश सैनी, सहारनपुर देहात विधायक मसूद अख्तर, पूर्व विधायक इमरान मसूद, प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज मलिक ने भी यह संदेश देने का प्रयास किया कि किसानों की लड़ाई राहुल और प्रियंका लड़ रहे हैं। भाजपा को किसान विरोधी करार देने के लिए तर्क भी दिए।
कैराना विधायक विधायक नाहिद हसन, सपा जिलाध्यक्ष प्रमोद त्यागी, गौरव स्वरूप, चंदन चौहान, पूर्व विधायक अनिल कुमार, राकेश शर्मा ने यह संदेश दिया कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव टिकैत परिवार के साथ है। आने वाले विधानसभा चुनाव में वोट के सहारे भाजपा को उखाड़ फेंके। रालोद नेता पूर्व सांसद अमीर आलम खां, पूर्व विधायक नवाजिश आलम, वीरपाल राठी, जिलाध्यक्ष अजीत राठी, पूर्व मंत्री धर्मवीर बालियान ने भाजपा को किसान विरोधी बताया।
इन लोगों ने यह भी कहा कि चौधरी अजित सिंह और जयंत चौधरी संसद में होते तो किसान कानून पास न होते। बसपा नेता पूर्व सांसद राजपाल सैनी ने तो यहां तक कहा कि वह बिना पार्टी की अनुमति के एक किसान होने के नाते आए हैं।
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