भाकियू अध्यक्ष के आह्वान पर मुजफ्फरनगर में आनन-फानन में बुलाई गई महापंचायत को सफल बनाने के लिए अलसुबह से ही भाकियू शुक्रवार की अलसुबह तैयारी में जुट गई। दोपहर एक बजे से चार घंटे तक चली महापंचायत में हर वक्ता को सुनने की लोगों में भारी दिलचस्पी नजर आई। शाम पांच बजे तक राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में भीड़ उत्साह के साथ डटी रही।
चार घंटे तक चली महापंचायत में डटे रहे किसान, केंद्र और प्रदेश सरकार को ललकारा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुरुवार रात गाजीपुर बॉर्डर प्रकरण के बाद मुजफ्फरनगर में भाकियू में उबाल आ गया। सिसौली से शुक्रवार को एतिहासिक राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में महापंचायत का एलान होते ही किसान जुटने लगे। सुबह आठ बजे से पहले ही मंच सजाने की तैयारी में आयोजक जुटे थे।
सुबह 11 बजे तक कोहरा छटा, तो शहर में ट्रैक्टरों की लाइन महापंचायत स्थल की तरफ दौड़ने लगी। किसानों की भीड़ से दोपहर एक बजे तक जीआईसी का मैदान खचाखच भर गया। आयोजकों ने ट्रैक्टरों को मैदान में एक साइड में लगवाया। भीड़ के काफिले को देखते हुए भाकियू वॉलियंटरों ने सैकड़ों ट्रैक्टरों को डेढ़ बजे के बाद बाहर रुकवा दिया।
करीब दोपहर एक बजे भाकियू मुखिया चौधरी नरेश टिकैत मंच पर पहुंचे। इससे पहले स्थानीय नेताओं ने भीड़ को ओजस्वी भाषण से संभाले रखा। भाकियू के अलावा मंच पर मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर के रालोद, सपा और कांग्रेस के जिम्मेदार नेता मौजूद रहे। हरियाणा से कई जिलों के किसान नेताओं ने पहुंचकर महापंचायत को संबोधित किया।
3.20 बजे रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी मंच पर पहुंचे, तो युवाओं ने काफी देर तक नारे लगाए। पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक को माइक पर बोलने के लिए बुलाया गया, तो उन्हें भीड़ को शांत करने में करीब पांच मिनट लगी। 3.30 पर दिल्ली से आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह मंच पर हाजिर हुए। पांच बजे महारैली में सभी नेताओं का संबोधन खत्म होने के बाद हजारों लोग घर लौट गए।