मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा-रालोद गठबंधन को निशाने पर लेते हुए कहा कि कवाल का बवाल सपा का कलंक है। यह लोग तालिबान जैसा शासन चाहते हैं, लेकिन डबल इंजन की सरकार अराजकता और गुंडागर्दी को पनपने नहीं देगी। उन्होंने कहा कि वन विभाग की कार्रवाई पूरी होते ही गंगनहर की दोनों पटरियों पर आवागमन शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि शुकतीर्थ का पुनरोद्धार कराया जा रहा है। उधर, मंत्री संजीव बालियान ने भी तमंचे की याद दिलाई।
खतौली में मेरठ रोड स्थित मंडी के मैदान पर भाजपा प्रत्याशी राजकुमारी सैनी के समर्थन में आयोजित जनसभा में सीएम ने कहा कि पेशेवर अपराधी अगर राजनीति में आगे आएंगे तो सपा सरकार की तरह नंगा नाच कर देंगे। जनता को संकल्प लेकर इन्हें रोकना होगा। जब कवाल का बवाल हो रहा था, तब सपा की सरकार थी। लंबे समय तक कर्फ्यू लगा था, लोग पलायन कर रहे थे। उन्होंने पूछा कि जब निर्दोष नौजवानों को जेल भेजा गया, तब लोकदल के नेता कहां थे।
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खतौली में सीएम योगी
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भाजपा सरकार ने यूपी की कानून व्यवस्था को नजीर बनाया है। कैराना-कांधला में पहले पलायन होता था और अब वहां रौनक नजर आने लगी है। व्यापारी वापस आ गए हैं। विकास कार्यों में कोई भेदभाव नहीं किया गया, लेकिन सुरक्षा और आस्था के साथ खिलवाड़ की छूट नहीं दी जाएगी।
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मंत्री संजीव बालियान।
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2014 से पहले अंटी में कट्टा लेकर खेतों में जाते थे किसान : बालियान
केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि सरकार चुनाव से पहले ही रैपिड रेल को मुजफ्फरनगर तक लाने की घोषणा कर चुकी है। आरआरटीएस के विस्तार से दिल्ली से खतौली के बीच का सफर सिर्फ 40 मिनट का रह जाएगा। भाजपा ने कानून व्यवस्था बेहतर की है। 2014 से पहले किसान अंटी में कट्टा (तमंचा) लेकर खेतों तक जाते थे।
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सीएम योगी की रैली
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जनसभा में बालियान ने कहा कि 2014 से पहले किसानों को खेत में फावड़े के साथ कट्टा लेकर जाना पड़ता था। कक्षा 11 और 12 के विद्यार्थियों को भी स्कूल में कट्टा ले जाना पड़ता था, लेकिन देश और प्रदेश में सरकार बदलते ही कानून व्यवस्था बदल गई है। अब मुजफ्फरनगर में रैपिड रेल, रेलवे के दोहरीकरण, सड़कों का निर्माण, हाईवे का निर्माण समेत अन्य विकास कार्य कराए जा रहे हैं।
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सीएम योगी की रैली
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उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोग चुनाव के मौसम में भाईचारा बनाने की बात करते हैं। चुनाव के मौसम में जनता के बीच आते हैं, जबकि भाजपा नेताओं ने पहले ही अधिकतर मुकदमों में फैसले कराने का काम किया है। भाजपा नेता चाहते तो अपने मुकदमे सरकार बनते ही वापस करा लेते, लेकिन जिले के भाजपा नेताओं ने तय किया था कि जब तक जनता पर आखिरी मुकदमा है, हम भी अपने मुकदमे वापस नहीं कराएंगे।