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चिंता में किसान: पहाड़ों पर नहीं पिघली बर्फ, मैदान में सूखने लगे खेत, सहारनपुर से मथुरा तक फसल सिंचाई पर संकट

Sat, 04 May 2024 11:57 AM IST
Dimple Sirohi मदन बालियान, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
मदन बालियान, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: Dimple Sirohi Updated Sat, 04 May 2024 11:57 AM IST
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Farmers worried: Snow has not melted on the mountains, fields are drying up in the plains, crisis on crop
सूखा पड़ा रजबहा - फोटो : अमर उजाला

उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र में अपेक्षित बर्फ नहीं पिघलने से गंगनहर में पानी की मात्रा कम होने लगी है। इससे मुजफ्फरनगर से मथुरा तक तीन लाख 73 हजार हेक्टेयर जमीन की सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। गंगनहर में 7376 क्यूसेक पानी है, जबकि सिंचाई विभाग ने 12 हजार क्यूसेक की मांग की थी। टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट परियोजना के चलते पानी नहीं मिल रहा है। जिले के 88 रजबहों और माइनरों में केवल 25 में ही पानी बह रहा है।


 

Farmers worried: Snow has not melted on the mountains, fields are drying up in the plains, crisis on crop
सूखने लगा रजबहा - फोटो : अमर उजाला
गेहूं की कटाई के बाद किसानों ने ईख और चारे की फसल की बुआई शुरू कर दी है। प्रत्येक वर्ष मई महीने में मांग बढ़ जाती है, लेकिन इस बार गंगनहर के सिंचित क्षेत्र के किसान पर्याप्त पानी नहीं आने से चिंता में डूबे हैं। जिले में मांग के अनुरूप केवल 25 प्रतिशत पानी ही मिल रहा है।

 
Farmers worried: Snow has not melted on the mountains, fields are drying up in the plains, crisis on crop
सूखने लगा रजबहा - फोटो : अमर उजाला
पहाड़ी क्षेत्र में इस बार बर्फ कम पिघलने से दिक्कत आई है। दूसरी बड़ी वजह यह है कि टिहरी बांध परियोजना के जलाशय से भी पानी नहीं मिल रहा है। एक अप्रैल को 23878 क्यूसेक पानी मिला, जबकि शुक्रवार को 7376 क्यूसेक पानी ही रह गया है। मेरठ से अधीक्षण अभियंता ने 12 हजार क्यूसेक पानी की मांग भेज रखी है।
सिंचाई विभाग की अधिशासी अभियंता शालिनी कौशल का कहना है कि विभाग जल्द ही जल समस्या का समाधान कराने के प्रयास कर रहा है।
 
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Farmers worried: Snow has not melted on the mountains, fields are drying up in the plains, crisis on crop
सूखने लगा रजबहा - फोटो : अमर उजाला
ये जिले हो रहे हैं प्रभावित
हरिद्वार से शुरू होकर गंगनहर सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर, अलीगढ़, हाथरस, एटा, कासगंज, फिरोजाबाद, आगरा और मथुरा में नहर के पानी का संकट खड़ा हो गया है।
 
 
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Farmers worried: Snow has not melted on the mountains, fields are drying up in the plains, crisis on crop
सूखने लगा रजबहा - फोटो : अमर उजाला
मांग बढ़ते ही घट गया पानी : रामवीर सिंह
सिचाईं विभाग के जल लेखा सहायक रामवीर सिंह का कहना है हर साल मई के महीने में पानी की मांग बढ़ जाती है। इस बार पर्याप्त पानी नहीं आने के कारण विभाग और किसानों की दिक्कत बढ़ी है। खेतों में पानी की जरूरत है। विभाग हरिद्वार से पानी बढ़वाने का प्रयास कर रहा है।
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