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UP: कॅरिअर बनाने रूस गए तीन युवक अब फंसे, डेढ़ माह से परिवार से संपर्क नहीं, सेना में भर्ती कराने का दबाव

Fri, 11 Sep 2026 12:07 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: Dimple Sirohi Updated Fri, 11 Sep 2026 12:07 PM IST
सार

मुजफ्फरनगर और शामली के तीन युवक पढ़ाई व बेहतर कॅरिअर के लिए रूस गए थे, लेकिन डेढ़ माह से परिजनों से संपर्क नहीं हो पा रहा। परिवारों ने सेना में भर्ती कराने के दबाव का आरोप लगाया है।

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UP: Three Youths from Western Uttar Pradesh Stranded in Russia, Families Allege Pressure to Join Army
आशु से परिजनों का नहीं हुआ संपर्क - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बेहतर कॅरिअर और उच्च शिक्षा की उम्मीद लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश से रूस गए तीन युवक अब वहां फंसे बताए जा रहे हैं। इनमें मुजफ्फरनगर के चरथावल थाना क्षेत्र के दो युवक और शामली के हसनपुर लुहारी का एक छात्र शामिल है। करीब डेढ़ महीने से परिजनों का युवकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। परिवारों का आरोप है कि युवकों को ड्रग्स का भय दिखाकर रूस की सेना में भर्ती होने का दबाव दिया जा रहा है और कुछ युवकों से जबरन काम कराया जा रहा है।

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पढ़ाई के लिए रूस गया था हिमांशु, 30 जुलाई के बाद संपर्क बंद
बाढ़ गांव की सुमन के अनुसार, उनका इकलौता बेटा हिमांशु शर्मा पिछले साल बेहतर कॅरिअर की तलाश में रूस गया था। परिजनों की आखिरी बातचीत 30 जुलाई को हुई थी। इससे पहले 17 और 22 जुलाई को भी उससे बात हुई थी। इसके बाद उसका कोई पता नहीं है। परिवार लगातार उसके फोन का इंतजार कर रहा है। रक्षाबंधन पर बहन सारिका भी भाई से बात करने के लिए दिनभर परेशान रही, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
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शक्ति से भी 30 जुलाई के बाद नहीं हुई बात
चरथावल ब्लॉक के पीपलशाह निवासी विपिन पुंडीर के अनुसार, उनके बेटे शक्ति से आखिरी बार 30 जुलाई को फोन पर बात हुई थी। इसके बाद से संपर्क नहीं हो पा रहा है। परिजनों के मुताबिक, शक्ति के साथ बाढ़ गांव के हिमांशु शर्मा और शामली के हसनपुर निवासी राकेश कुमार के बेटे आशू कुमार रूस में एक ही कमरे में रहते थे। अब तीनों के वहां फंसे होने की बात कही जा रही है।

आरोप-ड्रग्स का भय दिखाकर सेना में भर्ती करने का दबाव
किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष ठाकुर पूरन सिंह का कहना है कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के सैकड़ों युवक स्टडी वीजा पर रूस गए थे। उनके अनुसार, कई महीने पहले 65 युवकों की सूची सामने आई थी और विभिन्न राज्यों के 17 युवकों के शव भी भारत लाए जा चुके हैं।

पूरन सिंह का दावा है कि स्टडी वीजा पर गए कुछ युवकों पर रूस की सेना में भर्ती होने का दबाव बनाया जा रहा है। उनका यह भी आरोप है कि युवकों को परिवार से बातचीत नहीं करने दी जाती। उन्होंने सहारनपुर के बड़गांव क्षेत्र के एक युवक का उदाहरण देते हुए कहा कि सेना में भर्ती होने से इनकार करने पर उस पर ड्रग्स के फर्जी मुकदमे लगाकर सजा करा दी गई। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

रूस से युवकों को वापस लाने की मांग
ठाकुर पूरन सिंह ने कहा कि सरकार का दायित्व है कि रूस में फंसे युवकों को सकुशल वापस लाने का प्रयास करे। उन्होंने बताया कि सपा सांसद हरेंद्र मलिक और इमरान मसूद के माध्यम से युवकों के परिजनों को विदेश मंत्री एस. जयशंकर के पास भेजा गया था। उनका आरोप है कि इसके बावजूद युवकों को वापस लाने के मामले में सरकार का रवैया उदासीन है।

आशू 41 दिन से लापता, 30 जुलाई को हुई थी आखिरी बात
हसनपुर लुहारी (शामली)। मॉस्को स्टेट लिंग्विस्टिक यूनिवर्सिटी में भाषा विज्ञान का कोर्स करने गया गांव का छात्र आशू सैनी भी 41 दिन से लापता है। 30 जुलाई को उसकी परिजनों से आखिरी बार फोन पर बात हुई थी। करीब 30 सेकंड की बातचीत में उसने बहन अंशुल सैनी से कहा था कि वह ठीक है और अगले दिन फिर बात करेगा। इसके बाद उसका फोन बंद है।

परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर बेटे की सकुशल बरामदगी की गुहार लगाई है। अंशुल के अनुसार, विश्वविद्यालय से संपर्क करने पर बताया गया कि आशू को सेना के लोग लेकर गए हैं। हालांकि, उसे कौन लेकर गया और किस वजह से ले जाया गया, इसकी जानकारी नहीं दी गई। परिजनों का कहना है कि आशू के साथ मुजफ्फरनगर के दो अन्य छात्र भी लापता बताए जा रहे हैं। इससे परिवार की चिंता बढ़ गई है। उन्होंने रूस सरकार और प्रधानमंत्री से बेटे की सलामती और सकुशल वापसी की मांग की है।

एजेंट पर धमकी देने का आरोप
आशू के पिता राकेश कुमार किसान हैं और खेती से परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बेटे के लापता होने के बाद परिवार परेशान है। उनका आरोप है कि संबंधित एजेंट सोशल मीडिया के जरिये धमकी दे रहा है, लेकिन उनकी कोई मदद नहीं की जा रही है। एसपी शामली नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मामले की जानकारी नहीं है। जानकारी कराकर पीड़ित परिवार की मदद कराई जाएगी।

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