24 नवंबर को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए बवाल में दर्ज मुकदमा संख्या 335 की चार्जशीट अभी दाखिल नहीं हुई है। इसमें पुलिस ने मेटा कंपनी से व्हाट्सएप का डाटा मांगा है। उसके बाद पुलिस चार्जशीट दाखिल करेगी। इस मुकदमे में सांसद जियाउर्रहमान बर्क और विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहेल इकबाल नामजद आरोपी हैं। बाकी अज्ञात को आरोपी बनाया गया है। यह इस पूरे बवाल में मुख्य मुकदमा माना जा रहा है। क्योंकि सांसद पर भड़काऊ भाषण देने और विधायक के बेटे पर भीड़ को उकसाने का आरोप है। पुलिस को कुछ ऐसे भी मैसेज मिले हैं, जिसमें जामा मस्जिद पर पहुंचने का आह्वान किया गया है।
संभल बवाल: सांसद और विधायक के बेटे के केस में पुलिस ने मेटा से मांगा डाटा, दोनों नेताओं पर लगे हैं ये आरोप
जामा मस्जिद पर भीड़ एकत्र करने और बवाल कराने के लिए व्हाट्सएप पर कॉल या मैसेज का इस्तेमाल करने की पुलिस को आशंका है। एसपी ने बताया कि पुलिस चार्जशीट में तथ्य के तौर पर सीसीटीवी फुटेज व अन्य मजबूत सबूत शामिल कर रही है। इसी क्रम में व्हाट्सएप डाटा मेटा से मांगा गया है।
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जामा मस्जिद पर भीड़ एकत्र करने और बवाल कराने के लिए व्हाट्सएप पर कॉल या मैसेज का इस्तेमाल करने की पुलिस को आशंका है। एसपी ने बताया कि पुलिस चार्जशीट में तथ्य के तौर पर सीसीटीवी फुटेज व अन्य मजबूत सबूत शामिल कर रही है। इसी क्रम में व्हाट्सएप डाटा मेटा से मांगा गया है। इसके बाद चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। बताया कि चार्जशीट में आरोपी वहीं बनाए गए हैं, जिनके खिलाफ सबूत पुलिस को मिले हैं।
आगे भी कार्रवाई इसी तरह जारी रहेगी। एसपी ने बताया कि बवाल में सात मुकदमे दर्ज हुए थे। इसमें पांच मुकदमे संभल कोतवाली और दो मुकदमे नखासा थाने में दर्ज किए गए थे। इन सात मुकदमो में से छह मुकदमों की चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी है। जो सातवां मुकदमा बचा है, उसमें सांसद और विधायक का बेटा आरोपी हैं। उस मुकदमे में साक्ष्य के लिए मेटा से डाटा मांगा है।
इन मामलों में दर्ज मुकदमों की दाखिल हुई चार्जशीट
बवाल से जुड़े छह मुकदमों की पुलिस ने चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की है। इसमें चार मुकदमे संभल कोतवाली में दर्ज हुए थे। दो मुकदमे नखासा थाने में दर्ज हुए थे। जिन छह मुकदमों की चार्जशीट दाखिल की गई है। इसमें पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों पर हमला करने, लूट, आगजनी के मामले शामिल हैं। अपराध संख्या 305 का मुकदमा दरोगा शाह फैसल ने दर्ज कराया था। इसमें दरोगा की बाइक और सरकारी बाइक को लूटकर जलाने का प्रयास किया गया था। 23 आरोपी चार्जशीट में शामिल हैं।
अपराध संख्या 304 का मुकदमा एसपी के पीआरओ संजीव कुमार ने दर्ज कराया था। इस मुकदमे में एसपी और पीआरओ पर जानलेवा हमला किया गया था। चार्जशीट में 25 आरोपी हैं। अपराध संख्या 337 का मुकदमा संभल कोतवाल ने दर्ज कराई थी। इसमें 21 आरोपी गिरफ्तार किए थे। 53 आरोपी बनाए गए। अपराध संख्या 336 का मुकदमा एसडीएम रमेश बाबू पर हमले का दर्ज किया गया था। अपराध संख्या 334 का मुकदमा सीओ अनुज कुमार द्वारा दर्ज कराया गया था। इसमें सीओ पर गोली चलाई थी। इसमें 38 आरोपी बनाए गए। अपराध संख्या 333 में लूटपाट और आगजनी का मामला दर्ज किया गया था। इसमें 39 आरोपी बनाए गए।
हत्या और जानलेवा हमले की चार्जशीट में बैलिस्टिक एक्सपर्ट की रिपोर्ट का इंतजार
संभल कोतवाली में चार हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। यह बिलाल, नईम, अयान और कैफ के परिजनों ने दर्ज कराई थी। पांचवें व्यक्ति रोमान की भी जान गई थी लेकिन उनके परिजनों ने रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी। जो हत्या के मामले दर्ज किए गए हैं। इसमें शामिल तीन आरोपी मुल्ला अफरोज, वारिस और गुलाम जेल जा चुके हैं। यह तीनों शारिक साटा गिरोह के सदस्य हैं। इसमें अन्य आरोपियों की भी जांच पड़ताल चल रही है।
एसपी ने बताया कि इन हत्या के मामले के अलावा पाकबड़ा थाने में एक युवक पर हुए जानलेवा हमले की भी रिपोर्ट दर्ज हुई थी। जो बाद में संभल कोतवाली भेज दी गई थी। इन पांच मुकदमों की चार्जशीट में बैलिस्टिक एक्सपर्ट की रिपोर्ट को शामिल किया है। उस रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।