घर में घुसकर युवतियों को अगवा करने और विरोध पर गोली चलाने के आरोपी मुस्लिम का दुस्साहस पुलिस की लापरवाही का नतीजा है। पीड़ित परिवार ने मुरादाबाद से लेकर संभल की पुलिस से आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई, लेकिन पुलिस के हर स्तर पर इस मामले में लापरवाही हुई। पीड़ित फर्म कर्मी की छोटी बेटी ने बताया कि आरोपी मुस्लिम मुझे अगवा करने के लिए इरादे से आया था। बारिश होने के कारण पन्नी के नीचे परिवार के लोग चारपाई सो रहे थे।
मूंढापांडे गोलीकांड: दहशत में परिवार...मासूम के सीने पर रखा तमंचा, पीड़िता बोली- अब पति भी रखने को तैयार नहीं
माता-पिता भी हमारे बराबर में ही चारपाई पर सो रहे थे। भाई और भाभी दूसरी मंजिल पर सो रहे थे। मेरी बड़ी बहन भी मायके में थी। उसका एक साल का बच्चा उसके साथ सो रहा था। आरोपी ने गलती से बड़ी बहन को तमंचे के बल पर उठा लिया था। बहन ने शोर मचाने की कोशिश की तो उसके बेटे के सीने पर तमंचा लगा दिया था।
बहन के शोर मचाने पर परिवार के सभी लोग जाग गए। पिता आरोपी को दबोचने की कोशिश की थी। इसी बीच मेरा भाई छत से नीचे आ रहा था। आरोपी ने उसको गोली मार दी। इसके बाद आरोपी और उसके अन्य साथी फायरिंग करने लगे थे।
अब पति भी रखने को तैयार नहीं
पीड़ित युवती बोली आरोपी ने मेरा जीवन बर्बाद कर दिया। मेरा भाई और बाप जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। युवती का कहना है कि घटना में उसे भी छर्रे लगे हैं। आरोपी ससुराल से उसे अगवा करके राजस्थान के जयपुर ले गया था। वहां उसकी मां साथ में थी। वहां कहता था कि वह उसके साथ निकाह करेगा लेकिन, किया नहीं। उसने मेरा मेरा घर भी बिगाड़ दिया। पति भी अब उसे साथ में रखने के लिए तैयार नहीं है।
मूंढापांडे के गांव निवासी फर्म कर्मी ने बताया कि आरोपी उसकी बेटी को लंबे समय से परेशान कर रहा था। पिता ने बेटी को भोजपुर क्षेत्र के गावं में अपनी बहन के घर भेज दिया था। यहां से आरोपी 14 मई 2023 को उसे अगवा कर ले गया था। इस मामले की शिकायत पुलिस से की गई थी, लेकिन पुलिस ने उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी। कई दिन बाद युवती बरामद हुई थी। 18 जुलाई 2023 को युवती की शादी संभल के गांव में कर दी थी। जब भी युवती मायके आती थी। आरोपी घर के आसपास ही घूमता रहता था।
फर्म कर्मी और उसकी पत्नी दो सितंबर 2023 में दवा लेकर घर लौट रहे थे। रास्ते में आरोपी मिल गया था। उसने दंपती के साथ मारपीट की थी। आरोपी ने दोनों के हाथ पैर बांधकर जंगल में डाल दिया था। राहगीरों ने दोनों को बंधन मुक्त किया था। आरोपी मुस्लिम फर्म कर्मी की पत्नी के जेवर भी ले गया था। इस मामले की शिकायत मूंढापांडे थाने में की गई थी। तब पुलिस ने 151 में आरोपी का चालान कर दिया था। उस वक्त थाना प्रभारी दीपक मलिक थे।