सहारनपुर के शाकंभरी देवी रोड पर शनिवार की शाम हुए भीषण सड़क हादसे की वजह कार की तेज रफ्तार मानी जा रही है। सड़क पर जिस जगह हादसा हुआ वहां तीव्र मोड़ है। चालक तेज रफ्तार के चलते कार पर नियंत्रण खो बैठा और कार लोहे के पोल से टकराते हुए पेड़ से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार सवार दो लोग तो छिटक कर बाहर जा गिरे जबकि दो के शव अंदर ही फंसे रह गए।
घटना स्थल पर पहले से खड़े प्रत्यक्षदर्शी गांव फतेहपुर कलां निवासी संजय चौहान और नौगांवा निवास राहुल ने बताया कि कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि पहले वह पोल से टकराई और फिर पेड़ से टकरा कर वापस सड़क के बीचोंबीच आकर गिरी।
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चारों मृतकों की फाइल फोटो और विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एक बारगी ऐसा लगा जैसे कहीं बम फट गया हो। धमाके की आवाज सुनकर आस पास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। दो लोगों के शव सड़क पर क्षत विक्षत हालत में पड़े थे, जिनके चेहरे भी पहचाने नहीं जा रहे थे। अंदर कार में फंसे दो लोगों को भी पुलिस की मदद से लोगों ने काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला।
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हादसे के बाद क्षतिग्रस्त कार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़, चारों अपने घर में इकलौते थे कमाने वाले
हादसे में मारे गए चारों लोगों के परिवारों पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। दरअसल, चारों अपने परिवारों में कमाने वाले इकलौते थे। उनकी मौत के बाद परिजनों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
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सोनू की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सगे भाइयों में मनीष मुजफ्फराबाद में चिकित्सक था। उसने वहां क्लीनिक खोल रखा था। उसके दो बेटे हैं। मनीष का भाई विजय शाकंभरी देवी के पास नागल माफी में मेडिकल स्टोर चलाता था। उसकी तीन बेटियां हैं। दोनों मृतकों के पिता मेम सिंह खेतीबाड़ी करते हैं। विजय चार भाइयों में सबसे बड़ा था मनीष तीसरे नंबर का था। मेम सिंह दो जवान बेटों और साढू की मौत के बाद बदहवास हो गए।
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विजय की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हादसे की खबर के बाद लोग उनके घर सांत्वना देने पहुंचने लगे। तीसरा मृतक जितेंद्र इनका सगा मौसा था। वह बेहट के मोहल्ला माजरी में पिछले 15 साल से घर जमाई रह रहा था। वह रंगाई पुताई का काम करता था। उसकी चार बेटियां हैं। इनमें सबसे बड़ी जिया 15 साल, अनुष्का 12, सिमरन छह और सबसे छोटी इंदु चार साल की है।