सेंट्रल मार्केट ध्वस्तीकरण LIVE: बुलडोजर कार्रवाई देख छलके आंसू, पोकलेन मशीन का विरोध, भारी पुलिस फोर्स तैनात
मेरठ के शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हो गई है। 44 सील भवनों में से बुधवार को छह भवनों पर कार्रवाई की जा रही है। पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और बाजार की सीमाओं पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही रोकी गई है।
लाइव अपडेट
ध्वस्तीकरण को लेकर व्यापारियों में रोष, बोले- आश्वासन के बाद भी हुई कार्रवाई
कार्रवाई को लेकर व्यापारियों ने सरकार के खिलाफ भी नाराजगी जताई। मौके पर व्यापारियों और अधिकारियों के बीच बातचीत का दौर जारी है। वहीं मौके पर पोकलेन मशीन का जैसे ही लाया गया व्यापारियों में रोष फैल गया। महिलाओं और व्यापारियों ने इसका विरोध जताया। हलांकि मौके पर मौजूद पुलिस फोर्स के आगे उनकी एक न चली।
संयुक्त मेरठ बचाओ आंदोलन समिति के अध्यक्ष रविंद्र गुर्जर भी मौके पर पहुंचे
वहीं, एडीएम सिटी, एसपी सिटी समेत अन्य अधिकारी भी मौके पर बैठे हुए हैं। क्षेत्र में भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बीच ध्वस्तीकरण कार्रवाई जारी है।
सेंट्रल मार्केट में कॉम्प्लेक्स ध्वस्त, व्यापारियों की अधिकारियों से वार्ता बेनतीजा
इधर, व्यापारियों ने अधिकारियों से वार्ता की, लेकिन बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला। कार्रवाई को लेकर व्यापारियों में नाराजगी बनी हुई है।
प्रतिष्ठानों के बाहर बैठे व्यापारी, महिलाओं को पुलिस ने लौटाया
मीडिया को कवरेज से रोका, एसपी सिटी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का दिया हवाला
शास्त्रीनगर के कई सेक्टरों में बिजली गुल, सुबह से पानी को भी तरसे लोग
सेंट्रल मार्केट में आवास एवं विकास परिषद की ध्वस्तीकरण कार्रवाई के दौरान एहतियात के तौर पर बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। इसके चलते शास्त्रीनगर के सेक्टर-1, सेक्टर-2, सेक्टर-3, सेक्टर-5, सेक्टर-6, सेक्टर-7 और आरटीओ रोड स्थित सेक्टर-9 समेत कई इलाकों में सुबह से बिजली गुल रही।
बिजली आपूर्ति बाधित होने का असर पानी की सप्लाई पर भी पड़ा। सुबह से बिजली और पानी नहीं आने से लोग परेशान हो उठे। स्कूल जाने वाले बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और गृहणियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सेटबैक कार्रवाई के विरोध में छह महीने से धरने पर महिलाएं
मेरठ के शास्त्रीनगर सेक्टर-2 में सेटबैक कार्रवाई के विरोध में महिलाओं का धरना छह महीने से जारी है। 10 अप्रैल से शुरू हुआ आंदोलन मंगलवार 15 सितंबर को भी जारी रहा। मौसम की मार और लगातार गुजरते दिनों के बावजूद महिलाएं धरनास्थल पर डटी हुई हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। हालांकि जिस स्थान पर बुलडोजर कार्रवाई की जा रही है वहां पर महिलाएं अभी नहीं पहुंची हैं।छह महीने बाद भी नहीं टूटा हौसला
महिलाओं ने कहा कि छह महीने से लगातार धरना देने के बावजूद उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। उनका आरोप है कि उनकी आवाज जिम्मेदार अधिकारियों तक प्रभावी ढंग से नहीं पहुंच रही है। महिलाओं का कहना है कि वे किसी विवाद या टकराव के लिए नहीं, बल्कि अपने घर और परिवार को बचाने के लिए धरने पर बैठी हैं। उनका कहना है कि मांग पूरी होने तक वे आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगी।
यह है पूरा मामला
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में आवासीय भवनों में बनाए गए व्यावसायिक प्रतिष्ठानों समेत 44 संपत्तियों को सील किया गया था। इनमें व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, स्कूल, अस्पताल, मिठाई की दुकान, ज्वैलरी शोरूम, डेयरी और सैलून आदि शामिल हैं।
14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने इन 44 संपत्तियों को ध्वस्त करने का आदेश दिया था। आवास विकास परिषद ने संपत्ति स्वामियों को नोटिस जारी कर 15 दिन में स्वयं ध्वस्तीकरण करने के निर्देश दिए थे। अब परिषद की ओर से कार्रवाई की जा रही है।
21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में देनी है रिपोर्ट
सेंट्रल मार्केट प्रकरण में पुलिस प्रशासन और आवास विकास परिषद को 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। इसी से पहले बुधवार को छह भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।
रात में ही पहुंचा बुलडोजर
आला अधिकारियों ने बनाई कार्रवाई की रणनीति
मंगलवार देर रात पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारियों की बैठक हुई। सुप्रीम कोर्ट में 21 सितंबर को मामले की सुनवाई से पहले आदेश के अनुपालन की कार्रवाई को लेकर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस बल की तैनाती और बैरिकेडिंग की योजना इसी के तहत तैयार की गई।
छह भवनों पर चला बुलडोजर
छावनी में तब्दील हुआ सेंट्रल मार्केट
बुधवार सुबह करीब छह बजे से शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। बाजार की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है। पुलिस ने पूरे इलाके को अपने नियंत्रण में ले लिया है।
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