बहादुर सिपाही अंकित तोमर का शव वाजिदपुर पहुंचते ही चीख-पुकार मच गई। हर आंख से आंसु निकले। गमगीन माहौल के बीच सिपाही का अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस ने मातमी धुन बजाई।
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तिरंगे में लिपटा शहीद का पार्थिव शरीर
- फोटो : अमर उजाला
इससे पहले शामली से वाजिदपुर तक सड़क के दोनों ओर खड़े ग्रामीणों ने शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए। छतों से महिलाओं और बच्चों ने फूल बरसाए।
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तिरंगे में लिपटा शहीद का पार्थिव शरीर
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मुठभेड़ में घायल अंकित बुधवार की रात में जिंदगी की जंग हार गया था। बृहस्पतिवार को शामली पुलिस लाइन में सलामी के बाद पुलिस और परिजन पार्थिव शरीर को लेकर वाजिदपुर गांव के लिए रवाना हुए। अंतिम यात्रा बड़े काफिले में तब्दील हो गई।
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तिरंगे में लिपटा शहीद का पार्थिव शरीर
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दिल्ली-सहारनपुर हाईवे से लेकर बड़ौत से वाजिदपुर तक मार्ग में पड़ने वाले गांव के लोगों ने अंकित तोमर के जयकारे लगाए और श्रद्धा पुष्प अर्पित किए। दोपहर करीब सवा बजे अंकित का शव गांव पहुंचा तो चीख-पुकार मच गई। अंतिम दर्शन के लिए वाजिदपुर में हजारों लोग जमा थे।
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ग्रामीणों में शोक की लहर
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महिलाओं का रुदन देख हर किसी की आंख आंसुओं से भर गई। पुलिस और परिजन तिरंगे में लिपटे अंकित के पार्थिव शरीर को लेकर गांव के बाहर श्मशान स्थल तक पहुंचे। यहां पर मातमी धुन बजाई गई। पुलिस गारद ने गॉड ऑफ ऑनर दिया। छोटे भाई दानवीर ने मुखाग्नि दी तो हर किसी की आंख में आंसू भर आए।