कड़कड़ाती ठंड में 18 कुत्तों की रोटियां सेंकना कोई आसान काम नहीं था, लेकिन मेरठ के गंगानगर की रहने वाली 25 वर्षीय पारुल को शायद ही इस बात का अंदाजा हो कि ये रोटियां ही उसकी मौत का कारण बन जाएंगी। रोटियां न बनाने की सजा उसे अपनी जिंदगी देकर चुकानी पड़ेगी। उसका अपना ही खून उसकी जान ले लेगा। सोमवार को सनकी भाई ने पारुल को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया।
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आरोपी भाई दाएं
- फोटो : अमर उजाला
गंगानगर स्थित कैलाश वाटिका में आशीष पुत्र स्वर्गीय सुरेंद्र सिंह कंस्ट्रक्शन के साथ-साथ प्रॉपर्टी डीलर का भी काम करता है। आशीष ने 18 देशी कुत्ते भी पाले हुए हैं। उनके खाने की व्यवस्था वह खुद और उसके घरवाले ही करते हैं। सोमवार को आशीष ने बहन पारुल से कुत्तों के लिए रोटियां बनाने को कहा, लेकिन बहन ने रोटियां बनाने से मना कर दिया। इस पर भाई बहन में विवाद हो गया।
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युवती का घर
- फोटो : अमर उजाला
विवाद इतना बढ़ गया कि आशीष ने पिस्टल बहन के सिर पर सटाकर गोली चला दी। इसके बाद भी आशीष नहीं रुका और बहन के सीने में ताबड़तोड़ गोलियां उतार दीं। गोली की आवाज सुनकर परिजन मौके पर दौड़े। वहां बेटी पारुल जमीन पर बेहोश पड़ी थी तो बेटा आशीष हाथ में पिस्टल लिए खड़ा हंस रहा था। यह देखकर परिजनों के पांव तले जमीन खिसक गई।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
परिजन कुछ करते इससे पहले ही हत्यारोपी भाई ने पुलिस को फोन मिला दिया और सूचना दी कि उसने अपनी बहन को मार डाला है उसे गिरफ्तार कर लिया जाए। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी आशीष को गिरफ्तार कर लिया।
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मौके पर मौजूद पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद युवती पारुल का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इंस्पेक्टर भावनपुर रघुराज सिंह का कहना है कि आशीष ने पांच साल पहले अपने दोस्त से तमंचा खरीदना बताया है। वारदात के बाद पुलिस ने तमंचा बरामद किया है। परिजनों का कहना है कि आशीष मानसिक रोगी है। उसके भाई की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।